मदर टेरेसा और मिशनरीज ऑफ चैरिटी के नाम के दुरुपयोग पर संगठन ने दी चेतावनी

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कोलकाता, 21 मार्च (हि.स.)। मिशनरीज ऑफ चैरिटी ने संस्था और मदर टेरेसा के नाम तथा तस्वीर के अनधिकृत इस्तेमाल को लेकर चेतावनी जारी की है। संगठन ने कहा है कि कुछ संस्थाएं और व्यक्ति चंदा संग्रह और प्रचार अभियानों के लिए बिना अनुमति उनके नाम का उपयोग कर रहे हैं, जिससे लोगों में भ्रम की स्थिति पैदा हो रही है।

संगठन ने 19 मार्च को जारी बयान में कहा कि उसके संज्ञान में आया है कि कुछ लोग और संस्थाएं मिशनरीज ऑफ चैरिटी और मदर टेरेसा के नाम का विभिन्न गतिविधियों, विशेषकर धन संग्रह के लिए, बिना अनुमति इस्तेमाल कर रहे हैं। संगठन ने स्पष्ट किया कि इस तरह के अनधिकृत उपयोग से आम लोगों में गलतफहमी पैदा होती है, खासकर जब इसे दान या परोपकारी अपील से जोड़ा जाता है।

संगठन ने अपनी संस्थापक के सिद्धांतों का उल्लेख करते हुए कहा कि मदर टेरेसा कभी नहीं चाहती थीं कि उनके नाम या तस्वीर का उपयोग धन संग्रह या किसी प्रकार की अपील के लिए किया जाए, भले ही उद्देश्य परोपकारी ही क्यों न हो। बयान में उनकी सादगी और स्वैच्छिक सहयोग पर आधारित कार्यशैली को भी रेखांकित किया गया है।

मिशनरीज ऑफ चैरिटी ने सभी संबंधित पक्षों से अपील की है कि वे बिना पूर्व अनुमति मदर टेरेसा या संगठन के नाम का किसी भी रूप में उपयोग न करें। साथ ही चेतावनी दी गई है कि यदि ऐसा जारी रहता है तो संगठन अपने नाम और पहचान की रक्षा के लिए कानूनी कार्रवाई सहित आवश्यक कदम उठा सकता है।

1950 में कोलकाता में स्थापित मिशनरीज ऑफ चैरिटी एक कैथोलिक धार्मिक संस्था है, जो गरीब और जरूरतमंद लोगों की सेवा के लिए समर्पित है। संगठन ने आम लोगों से भी अपील की है कि किसी भी संस्था या अभियान को सहयोग देने से पहले उसकी प्रामाणिकता की जांच अवश्य कर लें, यदि वह मिशनरीज ऑफ चैरिटी से जुड़ा होने का दावा करता है।-------------------

हिन्दुस्थान समाचार / ओम पराशर

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