चुनावी भाषण को लेकर काेलकाता के हेयर स्ट्रीट थाने में ममता बनर्जी के खिलाफ एफआईआर

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चुनावी भाषण को लेकर काेलकाता के हेयर स्ट्रीट थाने में ममता बनर्जी के खिलाफ एफआईआर


कोलकाता, 12 जून (हि.स.)। पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री व तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी के खिलाफ चुनाव प्रचार के दौरान दिए गए एक विवादित बयान को लेकर राजधानी काेलकाता के हेयर स्ट्रीट थाने में प्राथमिकी (एफआईआर) दर्ज की गई है। पुलिस ने लिखित शिकायत के आधार पर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

पुलिस के अनुसार, विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान ममता बनर्जी ने एक विशेष समुदाय को लेकर टिप्पणी की थी। अपने भाषण में उन्होंने कहा था कि यदि एक समुदाय एकजुट हो जाए तो वह विरोधियों की बारह बजा सकता है। साथ ही उन्होंने लोगों से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के खिलाफ भी भड़काया था। इस बयान को लेकर उस समय भी राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया था।

इसके पूर्व इस संबंध में नेताजी सुभाषचंद्र बोस रोड निवासी तुषारकांति दास ने 20 मई को नेताजीनगर थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में उन्होंने ममता बनर्जी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की थी। उनका आरोप था कि भले ही किसी समुदाय का नाम सीधे तौर पर नहीं लिया गया हो, लेकिन इस प्रकार की टिप्पणी सांप्रदायिक सौहार्द को प्रभावित कर सकती है और विभिन्न समुदायों के बीच तनाव पैदा कर सकती है।

शिकायतकर्ता ने यह भी दावा किया है कि कोलकाता और आसपास के क्षेत्रों में चुनाव के बाद हुई हिंसा और सांप्रदायिक तनाव के लिए इस प्रकार के बयान जिम्मेदार हो सकते हैं। इसी शिकायत के आधार पर हेयर स्ट्रीट थाने ने मामला दर्ज किया है।

एफआईआर में आरोप लगाया गया है कि पूर्व मुख्यमंत्री की टिप्पणी प्रथम दृष्टया उकसाने वाली, भड़काऊ और सांप्रदायिक प्रकृति की प्रतीत होती है। शिकायत में कहा गया है कि इस तरह के बयान से भय, घृणा और गलतफहमी का माहौल बन सकता है तथा विभिन्न समुदायों के बीच शांति और सौहार्द प्रभावित हो सकता है।

शिकायतकर्ता का कहना है कि यदि इस प्रकार की टिप्पणियों को गंभीरता से नहीं लिया गया तो इससे राज्य में सांप्रदायिक सद्भाव और लोकतांत्रिक वातावरण को नुकसान पहुंच सकता है। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि चुनाव के दौरान दिया गया यह बयान आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन भी हो सकता है।

शिकायतकर्ता ने मामले की निष्पक्ष, पारदर्शी और स्वतंत्र जांच की मांग की है। फिलहाल, पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। मामले में आगे की कार्रवाई जांच के निष्कर्षों के आधार पर की जाएगी।-----------------

हिन्दुस्थान समाचार / ओम पराशर

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