हावड़ा में ‘सर्वमंगलम्’ कार्यक्रम का आयोजन, परिवार और समाज के बीच संबंध मजबूत करने का संदेश

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हावड़ा में ‘सर्वमंगलम्’ कार्यक्रम का आयोजन, परिवार और समाज के बीच संबंध मजबूत करने का संदेश


हावड़ा, 20 सितंबर (हि.स.)। परिवार और समाज के बीच आपसी संबंधों को और मजबूत करने के संदेश के साथ रविवार को हावड़ा के शरत सदन में ‘सर्वमंगलम्’ कार्यक्रम आयोजित किया गया। कुटुंब प्रबोधन टोली, हावड़ा महानगर के तत्वावधान में केशव निवेदिता सेवा समिति के सहयोग से आयोजित इस कार्यक्रम में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के वरिष्ठ प्रचारक नंदलाल जोशी (बाबाजी), हावड़ा नगर निगम के आयुक्त तेजस्वी राणा, हावड़ा सिटी पुलिस के आयुक्त अखिलेश कुमार चतुर्वेदी, आईपीएस, समाजसेवी रोशन लाल अग्रवाल, आनंद कुमार शर्मा और डॉ. संजय कुमार बसु उपस्थित थे।

संघ के वरिष्ठ प्रचारक नंदलाल जोशी (बाबाजी) ने सर्वमंगलम्’ कार्यक्रम के नाम की सार्थकता बताते हुए कहा कि ‘सर्वमंगलम्’ की भावना में सभी के कल्याण की कामना निहित है। अपने संबोधन में उन्होंने प्रकृति और मनुष्य के संबंधों की अहमियत को रेखांकित करते हुए कहा कि प्रकृति के विरुद्ध जाकर मनुष्य के लिए कुछ भी करना संभव नहीं है।

हावड़ा नगर निगम के आयुक्त तेजस्वी राणा ने परिवार और समाज में व्यक्ति के व्यवहार तथा मूल्यों के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इस तरह के कार्यक्रमों के माध्यम से लोगों को विभिन्न विषयों के प्रति जागरूक किया जाए तो इससे समाज में सकारात्मक भूमिका निभाई जा सकती है।

हावड़ा सिटी पुलिस के आयुक्त अखिलेश कुमार चतुर्वेदी ने अपने संबोधन में कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के साथ समाज के विभिन्न वर्गों के लोगों का जुड़ाव और मजबूत हो रहा है। उनके संबोधन में देश की संस्कृति और मूल्यों की रक्षा में संघ की भूमिका का भी उल्लेख हुआ।वर्तमान समय में सोशल मीडिया के प्रभाव और युवा पीढ़ी के साथ परिवार के संवाद के विषय को भी पुलिस आयुक्त ने उठाया। उन्होंने कहा कि व्यस्तता और सोशल मीडिया के कारण कई बार परिवार के साथ पर्याप्त समय बिताना संभव नहीं हो पाता। इसलिए उन्होंने परिवार के साथ जुड़े रहने के साथ-साथ इस तरह के कार्यक्रमों में भाग लेने के लिए सभी को प्रोत्साहित किया। उन्होंने कार्यक्रम के आयोजन के लिए आयोजकों का धन्यवाद भी किया।

डॉ. संजय कुमार बसु ने ‘कुटुंब प्रबोधन’ शब्द के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि ‘कुटुंब’ शब्द केवल अपने परिवार को नहीं दर्शाता, बल्कि इसमें पड़ोसियों के साथ संबंध भी महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में पड़ोसियों के साथ लोगों के संबंधों में धीरे-धीरे दूरी बढ़ रही है।

पड़ोसियों के साथ मधुर संबंध स्थापित करने की आवश्यकता पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा कि लंबे समय से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की ओर से आपसी संबंधों और सामाजिक बंधन को मजबूत करने पर जोर दिया जाता रहा है। ‘कुटुंब प्रबोधन’ के महत्व को लोगों को समझना होगा। उन्होंने कहा कि इसके माध्यम से समाज की विभिन्न समस्याओं के समाधान का मार्ग तैयार हो सकता है।

इससे पहले उद्घाटन गीत और वंदे मातरम् के साथ कार्यक्रम की शुरुआत हुई। इसके बाद मंच पर उपस्थित अतिथियों का परिचय कराया गया और उनका स्वागत किया गया। कार्यक्रम के अंत में ‘धनधान्य पुष्पभरा’ गीत प्रस्तुत किया गया।

कार्यक्रम के द्वितीय चरण में परिवार, समाज, संस्कृति और आपसी संबंधों के महत्व पर भी चर्चा हुई। आयोजकों की ओर से इस तरह के कार्यक्रमों के माध्यम से पारिवारिक और सामाजिक मूल्यों को और मजबूत करने का संदेश दिया गया।

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हिन्दुस्थान समाचार / संतोष मधुप

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