नेपाल में भीषण बाढ़ के बीच बंगाल सरकार ने शुरू की हेल्पलाइन, प्रभावित राज्यवासियों के परिजनों से संपर्क की अपील

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नेपाल में भीषण बाढ़ के बीच बंगाल सरकार ने शुरू की हेल्पलाइन, प्रभावित राज्यवासियों के परिजनों से संपर्क की अपील


कोलकाता, 26 अगस्त (हि.स.)। नेपाल में बुधवार को आई भीषण आकस्मिक बाढ़ ने बड़े पैमाने पर तबाही मचाई है। नेपाल-तिब्बत सीमा के पास आई बाढ़ में कम से कम 95 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि सैकड़ों लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं। बाढ़ से सड़क, पुल, घर और अन्य बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान पहुंचा है। बड़ी संख्या में विदेशी नागरिकों के भी लापता होने की सूचना है, जिनमें भारतीय नागरिक भी शामिल हैं।

इसी गंभीर स्थिति को देखते हुए पश्चिम बंगाल सरकार ने नेपाल में बाढ़ से प्रभावित राज्य के निवासियों और उनके परिवारों की सहायता के लिए हेल्पलाइन शुरू की है। राज्य सरकार की ओर से बताया गया है कि पश्चिम बंगाल पुलिस मुख्यालय, भवानी भवन में यह हेल्पलाइन संचालित की जा रही है।

राज्य सरकार के अनुसार, नेपाल में मौजूद किसी पश्चिम बंगाल निवासी के लापता होने, बाढ़ में फंसने या उनके संबंध में किसी प्रकार की सहायता की आवश्यकता होने पर परिजन हेल्पलाइन नंबरों पर संपर्क कर सकते हैं।

सरकार ने इसके लिए (033) 24793311 और 9147890181 नंबर जारी किए हैं। प्रभावित लोगों के परिवारों से अपील की गई है कि वे किसी भी जरूरी सूचना या सहायता के लिए इन नंबरों पर संपर्क करें।

नेपाल के रसुवा जिले में भोटेकोशी नदी में अचानक आई बाढ़ के पीछे हिमखंड और चट्टानों के खिसकने की घटना को संभावित कारण बताया जा रहा है। रिपोर्टों के अनुसार, 4.4 तीव्रता के भूकंप के बाद बड़े पैमाने पर भूस्खलन और हिमखंड के टूटने से नदी का रास्ता बाधित हुआ और अचानक पानी, मलबे और चट्टानों का तेज बहाव नीचे की ओर आया।

बाढ़ की भयावहता को देखते हुए नेपाल के कई जिलों में हाई अलर्ट जारी किया गया है। भारत में भी नेपाल से सटे इलाकों को सतर्क किया गया है। भारतीय अधिकारियों की ओर से संभावित जलस्तर बढ़ने और नदियों में उफान की स्थिति पर नजर रखी जा रही है।

पश्चिम बंगाल सरकार की यह हेल्पलाइन खास तौर पर उन परिवारों के लिए महत्वपूर्ण है, जिनके परिजन नेपाल में यात्रा, तीर्थयात्रा, रोजगार या अन्य कारणों से मौजूद हैं और इस प्राकृतिक आपदा के बाद उनसे संपर्क नहीं हो पा रहा है। हालांकि फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि नेपाल के बाढ़ में पश्चिम बंगाल के कितने लोग फंसे हुए हैं।

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हिन्दुस्थान समाचार / ओम पराशर

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