फोर्ट विलियम में तैनात कर्नल रिश्वतखोरी मामले में गिरफ्तार, सीबीआई कर रही बड़े नेटवर्क की जांच
कोलकाता, 20 मई (हि.स.)। पश्चिम बंगाल के फोर्ट विलियम स्थित सेना मुख्यालय में तैनात कर्नल को कथित रिश्वतखोरी और टेंडर प्रक्रिया में अनियमितताओं के आरोप में केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने गिरफ्तार किया है। आरोपित अधिकारी की पहचान कर्नल हेमांशु बाली के रूप में हुई है, जो सेना की पूर्वी कमान के अंतर्गत आर्मी ऑर्डनेंस कोर में कार्यरत थे।
सीबीआई के अनुसार, कर्नल बाली पर एक निजी कंपनी को अनुचित लाभ पहुंचाने के लिए टेंडर प्रक्रिया में हस्तक्षेप करने, बिल पास कराने और निम्न गुणवत्ता वाली सामग्री की आपूर्ति को मंजूरी देने के गंभीर आरोप हैं।
जांच एजेंसी ने इस मामले में कानपुर स्थित एक निजी कंपनी के मालिक मयंक अग्रवाल और उनके पुत्र अक्षत अग्रवाल के खिलाफ भी प्राथमिकी दर्ज की है। सीबीआई का दावा है कि मार्च और अप्रैल के दौरान कर्नल बाली और कंपनी के प्रतिनिधियों के बीच कई बार संपर्क हुआ था।
सूत्रों के मुताबिक, कोलकाता के पार्क स्ट्रीट इलाके में अक्षत अग्रवाल और कर्नल बाली की मुलाकात हुई थी, जिसके बाद कंपनी को 24 अप्रैल को एक बड़ा टेंडर हासिल हुआ। आरोप है कि इस टेंडर के बदले 50 लाख की रिश्वत ली गई।
जांच में यह भी सामने आया है कि रिश्वत की रकम हवाला के जरिए दिल्ली भेजे जाने की योजना बनाई गई थी। सीबीआई अब बैंक लेनदेन, कॉल रिकॉर्ड और हवाला नेटवर्क से जुड़े संभावित संपर्कों की गहन जांच कर रही है।
एजेंसी को संदेह है कि इस पूरे मामले में सेना के अन्य अधिकारी भी शामिल हो सकते हैं। इसी संभावना को देखते हुए सीबीआई पूरे नेटवर्क की जांच में जुटी हुई है।
फिलहाल, आरोपित कर्नल को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत गिरफ्तार कर लिया गया है और आगे की पूछताछ के लिए दिल्ली ले जाया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि मामले की विस्तृत जांच जारी है और आने वाले दिनों में कई अहम खुलासे हो सकते हैं।-----------------
हिन्दुस्थान समाचार / ओम पराशर

