पश्चिम बंगाल में हर विधानसभा सीट पर होगा एक पर्यवेक्षक, चुनाव आयोग ने की बड़ी तैनाती

WhatsApp Channel Join Now
पश्चिम बंगाल में हर विधानसभा सीट पर होगा एक पर्यवेक्षक, चुनाव आयोग ने की बड़ी तैनाती


पश्चिम बंगाल में हर विधानसभा सीट पर होगा एक पर्यवेक्षक, चुनाव आयोग ने की बड़ी तैनाती


कोलकाता, 17 मार्च (हि.स.)। भारत निर्वाचन आयोग ने आगामी विधानसभा चुनावों को लेकर व्यापक प्रशासनिक तैयारियां शुरू कर दी हैं। आयोग ने पश्चिम बंगाल समेत पांच राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश में कुल 557 सामान्य पर्यवेक्षक, 188 पुलिस पर्यवेक्षक और 366 व्यय पर्यवेक्षक नियुक्त करने की घोषणा की है।

इन राज्यों में पश्चिम बंगाल के अलावा तमिलनाडु, असम, केरल और पुडुचेरी शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, छह राज्यों की आठ विधानसभा सीटों पर होने वाले उपचुनाव के लिए भी पर्यवेक्षकों की नियुक्ति की गई है।

पश्चिम बंगाल इस सूची में सबसे खास है, जहां सभी 294 विधानसभा सीटों के लिए अलग-अलग सामान्य पर्यवेक्षक नियुक्त किए गए हैं। यह संख्या राज्य की कुल सीटों के बराबर है, जबकि अन्य राज्यों में सामान्य पर्यवेक्षकों की संख्या वहां की कुल सीटों से कम रखी गई है।

सुरक्षा के लिहाज से भी पश्चिम बंगाल में सबसे अधिक 84 पुलिस पर्यवेक्षक तैनात किए जाएंगे। इसके मुकाबले तमिलनाडु में 40, असम में 35, केरल में 17 और पुडुचेरी में चार पुलिस पर्यवेक्षक नियुक्त किए गए हैं।

वहीं व्यय पर्यवेक्षकों के मामले में तमिलनाडु शीर्ष पर है, जहां 151 पर्यवेक्षक तैनात किए जाएंगे। पश्चिम बंगाल में 100 व्यय पर्यवेक्षक नियुक्त किए गए हैं।

18 मार्च तक तैनाती के निर्देश

चुनाव आयोग ने सभी पर्यवेक्षकों को निर्देश दिया है कि वे 18 मार्च तक अपने-अपने विधानसभा क्षेत्रों में पहुंच जाएं। इसके बाद वे अपने संपर्क विवरण सार्वजनिक करेंगे और रोजाना तय समय पर उम्मीदवारों, राजनीतिक दलों और आम नागरिकों की चुनाव संबंधी शिकायतें सुनेंगे।

आयोग ने स्पष्ट किया कि ये नियुक्तियां संविधान के अनुच्छेद 324 और जन प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 20बी के तहत की गई हैं। इन पर्यवेक्षकों की जिम्मेदारी चुनाव प्रक्रिया की निगरानी करना और स्वतंत्र एवं निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करना है।

दो चरणों में होगा मतदान

उल्लेखनीय है कि पश्चिम बंगाल में 2026 का विधानसभा चुनाव दो चरणों में कराया जाएगा। पहले चरण में 23 अप्रैल को 152 सीटों पर मतदान होगा, जबकि दूसरे चरण में 29 अप्रैल को 142 सीटों पर वोट डाले जाएंगे।

चुनाव आयोग के अनुसार, प्रत्येक चरण में कम से कम 2300 केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीएपीएफ) की कंपनियां तैनात की जाएंगी, ताकि चुनाव प्रक्रिया को शांतिपूर्ण और निष्पक्ष तरीके से संपन्न कराया जा सके।----------------

हिन्दुस्थान समाचार / ओम पराशर

Share this story