पश्चिम बंगाल के कई न्यायालयों को फिर मिली बम की धमकी, चला तलाशी अभियान

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पश्चिम बंगाल के कई न्यायालयों को फिर मिली बम की धमकी, चला तलाशी अभियान


कोलकाता, 25 फरवरी (हि.स.)। पश्चिम बंगाल के कई न्यायालयों को बुधवार को एक बार फिर बम से उड़ाने की धमकी मिली, जिससे न्यायिक परिसरों में हड़कंप मच गया। यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है जब एक दिन पहले भी राज्य के सात न्यायालयों, जिनमें कलकत्ता उच्च न्यायालय भी शामिल था, को ईमेल के जरिए धमकी दी गई थी।

पुलिस के अनुसार बुधवार सुबह सबसे पहले पश्चिम बर्दवान जिले के आसनसोल जिला एवं सत्र न्यायालय में बम की अफवाह फैली। यह धमकी भरा ई-मेल जिला न्यायाधीश को भेजा गया था। संदेश में दावा किया गया था कि न्यायालय परिसर में बम रखा गया है, जो कुछ समय बाद विस्फोट करेगा। सूचना मिलते ही आसनसोल–दुर्गापुर के पुलिस उपायुक्त ध्रुव दास मौके पर पहुंचे और सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई।

इसी तरह की स्थिति बीरभूम जिले के सूरी जिला न्यायालय में भी देखने को मिली। न्यायालय सूत्रों के अनुसार जिला न्यायाधीश को धमकी भरा संदेश प्राप्त हुआ, जिसके बाद दोपहर 12 बजे निर्धारित सुनवाई स्थगित कर दी गई और एहतियातन न्यायालय कक्ष तथा परिसर खाली करा लिया गया।

दोनों स्थानों पर पुलिस और बम निरोधक दस्ता तत्काल सक्रिय हुआ। दोपहर दो बजे तक चली सघन तलाशी के दौरान किसी भी संदिग्ध वस्तु के मिलने की पुष्टि नहीं हुई।

इधर, पड़ोसी राज्य झारखंड के धनबाद जिला न्यायालय में भी बुधवार को इसी प्रकार की धमकी मिली। वहां भेजे गए ई-मेल में न्यायालय परिसर में विस्फोटक पदार्थ रखे होने का दावा किया गया था। सूचना के बाद न्यायालय परिसर खाली कराया गया और पुलिस तथा बम निरोधक दस्ता ने तलाशी अभियान शुरू किया।

उल्लेखनीय है कि, मंगलवार को भी राज्य के सात न्यायालयों, जिनमें कलकत्ता उच्च न्यायालय शामिल है, को ई-मेल के माध्यम से बम की धमकी दी गई थी, जिससे न्यायाधीशों और अधिवक्ताओं के बीच चिंता का माहौल बन गया था।

घटनाओं के मद्देनजर राज्य सचिवालय में उच्चस्तरीय बैठक बुलाई गई। मुख्य सचिव नंदिनी चक्रवर्ती ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि न्यायालयों की सुरक्षा राज्य सरकार की जिम्मेदारी है और घबराने की कोई आवश्यकता नहीं है। उन्होंने आम लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की।

वहीं पुलिस की साइबर अपराध शाखा ने धमकी भरे ईमेल की उत्पत्ति और इसके पीछे शामिल लोगों की पहचान करने के लिए जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि सभी पहलुओं की गंभीरता से पड़ताल की जा रही है और दोषियों को जल्द चिन्हित करने का प्रयास किया जा रहा है।-----------------

हिन्दुस्थान समाचार / ओम पराशर

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