कोलकाता में वाटर मेट्रो की तैयारी, मुख्यमंत्री शुभेंदु ने की बड़ी घोषणा

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कोलकाता में वाटर मेट्रो की तैयारी, मुख्यमंत्री शुभेंदु ने की बड़ी घोषणा


कोलकाता, 4 जून (हि.स.)। पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने गुरुवार को राज्य में जल परिवहन व्यवस्था को आधुनिक बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए कोलकाता में जल मेट्रो सेवा शुरू करने की घोषणा की। सचिवालय में केंद्रीय जहाजरानी मंत्री सर्वानंद सोनोवाल के साथ हुई उच्चस्तरीय बैठक के बाद उन्होंने यह जानकारी दी। इस बैठक में राज्य और केंद्र के बीच जलमार्ग और बंदरगाह विकास से जुड़े कई अहम मुद्दों पर सहमति बनी।

मुख्यमंत्री ने बताया कि कोलकाता में जल मेट्रो परियोजना को तेजी से आगे बढ़ाया जाएगा, जिससे शहर के नदी मार्गों पर यातायात को अधिक सुविधाजनक और आधुनिक बनाया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि यह पहल राज्य में जल परिवहन के नए युग की शुरुआत करेगी और शहरी यातायात पर दबाव को भी कम करने में मदद करेगी।

बैठक के दौरान यह भी निर्णय लिया गया कि राज्य में कुल 44 जेटियों का निर्माण किया जाएगा, जबकि राष्ट्रीय जलमार्ग के लिए 25 जेटियों का निर्माण अंतिम चरण में है। इसके अलावा बागबाजार, अहिरीटोला, शोभाबाजार, मल्लिकघाट, रामकृष्णघाट और बांधाघाट जैसे प्रमुख घाटों के सौंदर्यीकरण और मरम्मत का कार्य शुरू कर दिया गया है, जिसे दुर्गा पूजा से पहले पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।

मुख्यमंत्री ने गंगासागर मेले को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विकसित करने की योजना पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि कपिलमुनि आश्रम के आसपास के तटीय क्षेत्र का विकास किया जाएगा ताकि तीर्थयात्रियों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें और पर्यटन को भी बढ़ावा मिले।

इसके साथ ही कोलकाता बंदरगाह क्षेत्र में अवैध कब्जों और गैरकानूनी गतिविधियों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश भी दिए गए हैं। राज्य सरकार का कहना है कि बंदरगाह क्षेत्र में अनुशासन और पारदर्शिता सुनिश्चित करना प्राथमिकता होगी।

मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि ताजपुर में प्रस्तावित बंदरगाह परियोजना के लिए पर्याप्त भूमि उपलब्ध नहीं होने के कारण अब इसे दादनपात्रघाट में विकसित करने का निर्णय लिया गया है। यह स्थान ताजपुर से लगभग 10 किलोमीटर दूर है और यहां लगभग 1700 एकड़ भूमि उपलब्ध है, जिससे एक गहरे समुद्री बंदरगाह का निर्माण आसान होगा।

राज्य सरकार का मानना है कि इन सभी परियोजनाओं से पश्चिम बंगाल में जल परिवहन, व्यापार और लॉजिस्टिक्स को नई दिशा मिलेगी तथा रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। ------------------

हिन्दुस्थान समाचार / ओम पराशर

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