शुभेंदु अधिकारी की पहली कैबिनेट बैठक में बड़ा फैसला, बीएसएफ को मिलेगी जमीन

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शुभेंदु अधिकारी की पहली कैबिनेट बैठक में बड़ा फैसला, बीएसएफ को मिलेगी जमीन


कोलकाता, 11 मई (हि.स.)। पश्चिम बंगाल की नवगठित भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार की पहली कैबिनेट बैठक सोमवार को राज्य सचिवालय नवान्न में हुई। बैठक के बाद मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने राज्य की प्रशासनिक दिशा, सुशासन, सीमा सुरक्षा, केंद्रीय योजनाओं के कार्यान्वयन और संवैधानिक शासन व्यवस्था को लेकर कई महत्वपूर्ण निर्णयों की घोषणा की।

पहली कैबिनेट बैठक में मुख्यमंत्री शुभेंदु ने कई बड़े फैसले किए हैं। इनमें से सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) को बॉर्डर पर 45 दिनों में भूमि हस्तांतरित करने की प्रक्रिया पूरी करने का बड़ा निर्णय शामिल है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पश्चिम बंगाल में “सुशासन, सुरक्षा और डबल इंजन सरकार” की जो नई यात्रा शुरू हुई है, वह देश के अन्य भाजपा शासित राज्यों के विकास मॉडल का अनुसरण करेगी। उन्होंने संविधान निर्माता डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर के 'जनता के लिए, जनता द्वारा और जनता की सरकार' के आदर्श को अपनाने की प्रतिबद्धता जताई। उन्होंने कहा कि नई सरकार लोगों की सुरक्षा, विश्वास और विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता देगी।

बैठक में राज्य के मतदाताओं, प्रशासन और चुनाव प्रक्रिया से जुड़े सभी लोगों को धन्यवाद और बधाई दी गई। इसके अलावा राजनीतिक हिंसा के दौरान जान गंवाने वाले पार्टी के 321 कार्यकर्ताओं को श्रद्धांजलि दी गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार इन सभी के परिवारों की हर संभव सहायता करेगी और राजनीतिक हत्याओं में शामिल लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

बैठक में सीमा सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए बीएसएफ को आवश्यक भूमि हस्तांतरित करने की प्रक्रिया तुरंत शुरू करने का निर्णय लिया गया। भूमि एवं राजस्व सचिव तथा मुख्य सचिव को अगले 45 दिनों के भीतर यह प्रक्रिया पूरी करने का निर्देश दिया गया है। कैबिनेट बैठक में पश्चिम बंगाल सरकार ने आधिकारिक रूप से आयुष्मान भारत योजना से जोड़ने का भी निर्णय लिया है। स्वास्थ्य सचिव और मुख्यमंत्री कार्यालय के सलाहकार को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के साथ आवश्यक समझौते जल्द पूरा करने का निर्देश दिया गया है।

प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना, प्रधानमंत्री किसान बीमा योजना, पीएम श्री, विश्वकर्मा, बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ, उज्ज्वला योजना सहित कई केंद्रीय योजनाओं में राज्य की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। जिला अधिकारियों को सभी आवेदन शीघ्र केंद्र सरकार को भेजने का निर्देश दिया गया है।

बैठक में प्रशासनिक सुधार के तहत आईएएस अधिकारियों को केंद्रीय प्रशिक्षण प्रणाली से जोड़ने का निर्णय लिया गया है। भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) के अनुरूप पश्चिम बंगाल को पूरी तरह समायोजित करने का निर्णय लिया गया है। युवाओं के रोजगार अवसर बढ़ाने के लिए सरकारी नौकरियों में आवेदन की अधिकतम आयु सीमा 5 वर्ष बढ़ाने का फैसला लिया गया है।

मुख्यमंत्री शुभेंदु ने कहा कि पिछली सरकार ने जनगणना संबंधी केंद्रीय गृह मंत्रालय के 16 जून 2025 के निर्देश को लंबे समय तक लागू नहीं किया था, लेकिन वर्तमान सरकार ने उसे तुरंत लागू कर दिया है। उन्होंने कहा कि यह सरकार व्यक्तिवाद से नहीं, सिद्धांतों से चलेगी। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के “डर आउट, भरोसा इन” संदेश का उल्लेख करते हुए कहा कि नई सरकार जनता के विश्वास, सुरक्षा और विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता देगी।

उन्होंने यह भी कहा कि वर्तमान सामाजिक कल्याणकारी योजनाओं को बंद नहीं किया जाएगा, लेकिन उन्हें पारदर्शी तरीके से चलाया जाएगा। किसी मृत व्यक्ति, गैर-भारतीय या अवैध व्यक्ति को इन योजनाओं का लाभ नहीं मिलेगा। मुख्यमंत्री ने पुनः आश्वासन दिया कि बीएसएफ के लिए आवश्यक सभी भूमि उपलब्ध कराई जाएगी। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली सरकार ने अवैध घुसपैठियों के हित में केंद्र सरकार और अदालत के निर्देशों की अनदेखी की थी।

बैठक में मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के अलावा राज्य कैबिनेट के सदस्य दिलीप घोष अग्निमित्र पाल निश्चित प्रमाणिक अशोक कीर्तनीय के अलावा पुलिस और प्रशासन के सभी आला अधिकारी मौजूद थे।

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हिन्दुस्थान समाचार / संतोष मधुप

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