खराब मौसम के कारण दार्जिलिंग नहीं पहुंचे अमित शाह, वीडियो संदेश में कहा किया जाएगा गोरखा समस्या का समाधान

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खराब मौसम के कारण दार्जिलिंग नहीं पहुंचे अमित शाह, वीडियो संदेश में कहा किया जाएगा गोरखा समस्या का समाधान


कोलकाता, 15 अप्रैल (हि.स.)। केंद्रीय गृह मंत्री और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता अमित शाह का दार्जिलिंग दौरा खराब मौसम के कारण प्रभावित हो गया। वे विमान से बागडोगरा पहुंचे थे, लेकिन वहां से हेलीकॉप्टर को उड़ान की अनुमति नहीं मिलने के कारण लेबोंग स्थित सभा स्थल तक नहीं जा सके। इसके बाद वे मालदा रवाना हुए और वहीं से लगभग सात मिनट का वीडियो संदेश जारी कर चुनावी प्रचार किया।

बुधवार को अमित शाह को दार्जिलिंग और कर्सियांग विधानसभा क्षेत्रों में भाजपा उम्मीदवारों के समर्थन में जनसभा को संबोधित करना था। सभा स्थल तक नहीं पहुंच पाने के कारण उन्होंने वीडियो संदेश के माध्यम से ही अपनी बात रखी।

अपने संदेश में केंद्रीय गृह मंत्री ने तृणमूल कांग्रेस सरकार पर ‘कुशासन’ का आरोप लगाते हुए कहा कि उन्होंने पूरे राज्य का दौरा किया है और इस बार पश्चिम बंगाल में भाजपा की सरकार बनने जा रही है। उन्होंने यह भी घोषणा की कि वे 21 अप्रैल को सुखना में चुनाव प्रचार के लिए आएंगे।

अमित शाह ने कहा कि यदि राज्य में भाजपा की सरकार बनती है तो घुसपैठ पर रोक लगेगी, सिंडिकेट व्यवस्था खत्म होगी और गुंडाराज का अंत होगा। उन्होंने खास तौर पर दार्जिलिंग के गोरखा समुदाय का मुद्दा उठाते हुए भरोसा दिया कि गोरखा समस्या का समाधान निश्चित रूप से किया जाएगा।

उन्होंने दावा किया कि केंद्रीय गृह मंत्री के रूप में उन्होंने गोरखा मुद्दे के समाधान के लिए कई प्रयास किए, लेकिन राज्य सरकार के सहयोग की कमी के कारण यह संभव नहीं हो सका। उनके अनुसार, पिछले डेढ़ साल में तीन बार बैठक का प्रस्ताव दिया गया, लेकिन मुख्यमंत्री ममता बनर्जी या उनके किसी प्रतिनिधि ने दिल्ली जाकर इसमें भाग नहीं लिया।

अमित शाह ने यह भी कहा कि उन्होंने पश्चिम बंगाल आकर बैठक करने की इच्छा जताई थी और समय भी मांगा था, लेकिन राज्य सरकार की ओर से समय नहीं दिया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार नहीं चाहती कि दार्जिलिंग के गोरखाओं को न्याय और अधिकार मिले।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने जनता को आश्वस्त करते हुए कहा कि आगामी पांच मई के बाद यदि भाजपा की सरकार बनती है तो गोरखा समस्या का समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जाएगा। साथ ही उन्होंने यह भी वादा किया कि गोरखा समुदाय के खिलाफ दर्ज मामलों को वापस लिया जाएगा। --------------

हिन्दुस्थान समाचार / ओम पराशर

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