पश्चिम बंगाल में भाजपा की सरकर बनी, तो खत्म होगा गुंडाराज, घुसपैठियों पर होगी कार्रवाई : अमित शाह
कोलकाता, 13 अप्रैल (हि.स.)। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के प्रचार के बीच भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोमवार को बीरभूम जिले के बोलपुर में जनसभा को संबोधित करते हुए सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस पर जमकर हमला बोला।
अमित शाह ने अपने संबोधन में राज्य में “गुंडाराज” का आरोप लगाते हुए कहा कि चार मई के बाद यदि भाजपा सत्ता में आती है तो गुंडों को “खोज-खोज कर जेल में डाला जाएगा और उल्टा लटका कर सीधा करने का काम किया जाएगा।” उन्होंने 2021 के चुनाव के बाद भाजपा कार्यकर्ताओं पर कथित अत्याचार का मुद्दा उठाते हुए जनता से बदलाव की अपील की।
अमित शाह ने मतदाताओं से 23 अप्रैल को मतदान के दिन “डर के बजाय भरोसे के साथ वोट देने” की अपील की और कहा कि “बम का जवाब बैलेट से दें।” जनसभा के दौरान उन्होंने तृणमूल कार्यकर्ताओं को चेतावनी देते हुए कहा कि “23 अप्रैल को घर में बैठें, नहीं तो पांच मई के बाद कार्रवाई होगी।”
अमित शाह ने “डबल इंजन सरकार” का जिक्र करते हुए दावा किया कि भाजपा की सरकार बनने पर राज्य में विकास का नया दौर शुरू होगा। महिला सुरक्षा के मुद्दे पर उन्होंने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर निशाना साधते हुए कहा कि महिला मुख्यमंत्री होने के बावजूद राज्य में महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं हो पा रही है। उन्होंने आश्वासन दिया कि भाजपा सरकार बनने पर महिलाएं रात में भी सुरक्षित बाहर निकल सकेंगी।
भ्रष्टाचार के मुद्दे पर भी उन्होंने राज्य सरकार को घेरा। अमित शाह ने आरोप लगाया कि शिक्षक भर्ती, राशन, मनरेगा और आवास योजनाओं में व्यापक अनियमितताएं हुई हैं और केंद्र की योजनाओं का पैसा आम लोगों तक नहीं पहुंच पाया।
घुसपैठ के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि तृणमूल कांग्रेस सरकार इसे रोकने में विफल रही है और भाजपा सत्ता में आने पर “घुसपैठियों को चिन्हित कर बाहर निकाला जाएगा।” इसके अलावा उन्होंने समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू करने का वादा भी दोहराया और कहा कि “एक से अधिक विवाह जैसी प्रथाओं पर रोक लगेगी।”
सभा की शुरुआत में अमित शाह ने मंच पर मौजूद सुरक्षा कर्मियों को हटाने का निर्देश देते हुए लोगों को बिना रोक-टोक कार्यक्रम स्थल में प्रवेश देने की बात कही।
अमित शाह का पहला कार्यक्रम आज बोलपुर में हुआ, जिसके बाद खैराशोल और पश्चिम बर्धमान में भी उनकी सभाएं और रोड शो प्रस्तावित हैं।
उल्लेखनीय है कि बीरभूम का यह इलाका अनुव्रत मंडल का गढ़ माना जाता है, जो मवेशी तस्करी मामले में लंबे समय तक तिहाड़ जेल में रह चुके हैं और अपने विवादित बयानों के लिए चर्चित रहे हैं।
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हिन्दुस्थान समाचार / ओम पराशर

