वॉश एंड वॉश ब्लैक करेंसी स्कैम का बड़ा खुलासा: देश में अरबों की ठगी करने वाला अंतरराज्यीय गिरोह बेनकाब, चार करोड़ से ज्यादा नकदी जब्त
रायपुर, 22 अगस्त (हि.स.)। रायपुर पुलिस ने “वॉश एंड वॉश/ब्लैक करेंसी” के नाम पर लोगों को ठगी का शिकार बनाने वाले एक बड़े अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है।
पुलिस उपायुक्त क्राइम एवं साइबर स्मृतिक राजनाला ने आज शनिवार को प्रेस वार्ता में हाईप्रोफाइल ठगी के मामले का खुलासा करते हुए बताया कि काले नोटों को केमिकल से असली भारतीय करेंसी में बदलने का झांसा देकर देशभर में करोड़ों-अरबों रुपये की ठगी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह को पकड़ा गया है। पुलिस टीम ने गिरोह के सात आरोपितों को पुणे के खंडाला स्थित एक रिसॉर्ट से गिरफ्तार किया है। आरोपितों के कब्जे से 4 करोड़ रुपये से अधिक नकदी, 17 मोबाइल फोन, नोट के आकार के काले कागज, कांच की प्लेट्स सहित अन्य सामग्री और दस्तावेज जब्त किए गए हैं। इस मामले में पहले गिरफ्तार दो महिला आरोपितों समेत अब तक कुल नौ आरोपित पुलिस की गिरफ्त में आ चुके हैं।
यह कार्रवाई पुलिस आयुक्त डॉ. संजीव शुक्ला के निर्देशन में एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट तथा थाना तेलीबांधा पुलिस की संयुक्त टीम ने की। तेलीबांधा थाने में दर्ज अपराध क्रमांक 330/26 धारा 318 (4), 61(2) के तहत यह कार्रवाई की गई है।
पुलिस के अनुसार गिरोह के मुख्य सरगना ज्ञान प्रकाश श्रीवास्तव उर्फ योगी, प्रवीण कुमार श्रीवास्तव उर्फ कैप्टन/शेट्टी/रेड्डी और मनोज कुमार श्रीवास्तव उर्फ बड़े सर हैं। आरोपितों ने रायपुर में एक व्यक्ति को रकम दोगुनी करने और काले नोटों को विशेष केमिकल से असली भारतीय मुद्रा में बदलने का झांसा देकर 1.13 करोड़ रुपये की ठगी की थी।
जांच के दौरान गिरफ्तार आरोपितों के मोबाइल फोन, चैट, संपर्क नंबर और सोशल मीडिया अकाउंट का तकनीकी विश्लेषण किया गया। इससे आरोपितों के पुणे में होने की जानकारी मिली। पुलिस टीम ने करीब एक सप्ताह तक निगरानी के बाद खंडाला के रिसॉर्ट में छापा मारा, जहां आरोपित वाराणसी के एक व्यक्ति को रकम दोगुनी करने का लालच देकर उससे करोड़ों रुपये ले रहे थे। पुलिस ने उन्हें मौके पर ही पकड़ लिया।
पूछताछ में गिरोह के वर्ष 2005 से सक्रिय होने और देशभर में 100 से अधिक लोगों से अरबों रुपये की ठगी करने की जानकारी सामने आई है। आरोपित प्रभावशाली लोगों और विदेशी निवेशकों से संबंध होने का दावा कर पीड़ितों का विश्वास जीतते थे। पांच सितारा होटलों में बुलाकर नकली केमिकल प्रक्रिया का प्रदर्शन किया जाता और रकम दोगुनी करने के नाम पर अलग-अलग किश्तों में लाखों-करोड़ों रुपये ऐंठे जाते थे।
गिरफ्तार आरोपितोंं में ज्ञान प्रकाश श्रीवास्तव उर्फ योगी, उम्र 46 वर्ष, गुड़गांव/मुंबई, प्रवीण कुमार श्रीवास्तव उर्फ कैप्टन/शेट्टी/रेड्डी, उम्र 52 वर्ष, वाराणसी, मनोज कुमार श्रीवास्तव उर्फ बड़े सर, उम्र 55 वर्ष, वाराणसी, विवेक सिंह, उम्र 48 वर्ष, वाराणसी, शुभम पांडेय, उम्र 37 वर्ष, जौनपुर/मुंबई, योगेन्द्र चौहान, उम्र 48 वर्ष, जौनपुर, बालमुकुंद दीक्षित, उम्र 40 वर्ष, जौनपुर शामिल है। पूर्व में गिरफ्तार महिला आरोपितों में कनिज फातमा उर्फ भावना पांडेय निवासी राजरहाट गोपालपुर कोलकाता, दीपिका पॉलीवाल निवासी आनंद विहार मॉली कॉलोनी उदयपुर राजस्थान को गिरफ्तार किया गया था।
पुलिस के मुताबिक, गिरोह ने छत्तीसगढ़, नोएडा, पुणे, बड़ौदा, उदयपुर, दिल्ली समेत देश के कई शहरों में वारदातें की हैं। गिरोह के अन्य फरार आरोपितों की तलाश जारी है। पुलिस अब गिरोह से जुड़े फरार आरोपितों और देशभर में की गई अन्य ठगी की घटनाओं की कड़ियां जोड़ने में जुटी है।
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हिन्दुस्थान समाचार / गायत्री प्रसाद धीवर

