उपराष्ट्रपति, लोकसभा अध्यक्ष, गृहमंत्री समेत कई नेताओं ने श्यामा प्रसाद मुखर्जी को दी श्रद्धांजलि

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उपराष्ट्रपति, लोकसभा अध्यक्ष, गृहमंत्री समेत कई नेताओं ने श्यामा प्रसाद मुखर्जी को दी श्रद्धांजलि


नई दिल्ली, 23 जून (हि.स.)। उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला और गृहमंत्री अमित शाह समेत कई प्रमुख नेताओं ने भारतीय जनसंघ के संस्थापक एवं शिक्षाविद् डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के बलिदान दिवस पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए राष्ट्र की एकता एवं अखंडता में उनके योगदान को याद किया है।

उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन ने डॉ. मुखर्जी को दूरदर्शी नेता, प्रख्यात शिक्षाविद और दृढ़ देशभक्त बताते हुए कहा कि भारत की एकता और अखंडता के लिए उनका बलिदान तथा विकसित भारत के निर्माण के प्रति उनका अटूट संकल्प आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करता रहेगा।

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि डॉ. मुखर्जी ने भारत की एकता, अखंडता और संप्रभुता को सर्वोपरि मानते हुए अपने सिद्धांतों से कभी समझौता नहीं किया। उन्होंने राष्ट्रभक्ति, सांस्कृतिक चेतना और राष्ट्रीय एकीकरण की भावना के प्रसार के लिए अपना सम्पूर्ण जीवन समर्पित कर दिया।

गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने उन्हें देश की एकता और अखंडता का प्रखर उपासक बताते हुए कहा कि डॉ. मुखर्जी ने कश्मीर में ‘दो विधान, दो प्रधान और दो निशान’ का मुखर विरोध किया तथा बंगाल को भारत का अभिन्न हिस्सा बनाए रखने के लिए भी संघर्ष किया। उन्होंने कहा कि राष्ट्र प्रथम का उनका संकल्प आज भी देश को प्रेरित कर रहा है।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि डॉ. मुखर्जी ने राष्ट्रीय एकता, सांस्कृतिक अस्मिता और लोकतांत्रिक मूल्यों के संरक्षण के लिए अविस्मरणीय योगदान दिया। उनका साहस, संकल्प और बलिदान आज भी करोड़ों देशवासियों के लिए प्रेरणा का स्रोत है।

केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि डॉ. मुखर्जी ने सत्ता का त्याग कर देश की एकता और अखंडता के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया, जिसे राष्ट्र सदैव स्मरण रखेगा।

स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने कहा कि डॉ. मुखर्जी का जीवन देशभक्ति, त्याग और अटल संकल्प का जीवंत उदाहरण है। उन्होंने कहा कि भारतीय जनसंघ से लेकर आज की भाजपा तक सांस्कृतिक राष्ट्रवाद उनकी दूरदर्शिता का प्रमाण है।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने डॉ. मुखर्जी को ‘एक देश में दो विधान, दो प्रधान, दो निशान नहीं चलेंगे’ का उद्घोषक बताते हुए कहा कि भारत की एकता और अखंडता के लिए उनका सर्वोच्च बलिदान प्रत्येक देशवासी के हृदय में राष्ट्रवाद की लौ प्रज्वलित करता रहेगा।

हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि राष्ट्र की एकता, अखंडता और स्वाभिमान के लिए डॉ. मुखर्जी का योगदान तथा उनका अटूट संकल्प आज भी देशवासियों के लिए प्रेरणास्रोत हैं।

राजस्थान के मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा ने कहा कि डॉ. मुखर्जी का जीवन राष्ट्रभक्ति, अदम्य साहस और अखंड भारत के प्रति समर्पण का प्रेरक उदाहरण है। उनके विचार और आदर्श विकसित, सशक्त एवं आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में मार्गदर्शक बने रहेंगे।

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि राष्ट्र प्रथम की भावना और देश की अखंडता के लिए डॉ. मुखर्जी का दृढ़ संकल्प सदैव देशवासियों को प्रेरित करता रहेगा। उन्होंने कहा कि राष्ट्र उनके योगदान का अनंतकाल तक ऋणी रहेगा।

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हिन्दुस्थान समाचार / माधवी त्रिपाठी

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