जनहित योजना का वास्तविक लाभ जमीनी स्तर पर लोगों को मिलना चाहिए: डॉ. वीरेंद्र
नई दिल्ली, 24 अप्रैल (हि.स.)। केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री डॉ. वीरेंद्र कुमार ने शुक्रवार को कहा कि जनहित की योजनाओं का प्रभाव केवल कागजों तक सीमित न रहकर, अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक सुनिश्चित होना चाहिए।
डॉ. वीरेंद्र ने यह बात आज चंडीगढ़ में आयोजित तीन दिवसीय चिंतन शिविर कार्यक्रम के दौरान नशामुक्त भारत अभियान (एनएएमबीए) ऐप 2.0 का उन्नत संस्करण के उद्घाटन पर कही। यह राष्ट्रीय नशामुक्ति अभियान (एनएपीडीडीआर) के निगरानी एवं कार्यान्वयन ढांचे को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। शिविर का मुख्य विषय ”अंत्योदय का संकल्प, अमृत काल का प्रतिबिंब – विकसित भारत 2047” है, जो समावेशी सशक्तीकरण और हाशिए पर पड़े समुदायों को मुख्यधारा में लाने की सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
उन्होंने कहा, सरल छात्रवृत्ति प्रणाली, वरिष्ठ नागरिकों के लिए सेवा सुलभता और वंचित युवाओं के लिए सहायता संरचनाओं सहित प्रौद्योगिकी-आधारित और एकीकृत दृष्टिकोणों को दीर्घकालिक और परिवर्तनकारी सशक्तिकरण के आवश्यक तत्व हैं। शिविर के दौरान नीतिगत विचार-विमर्श तीन मुख्य स्तंभों गरिमा, सुलभता और निरंतरता द्वारा निर्देशित होना चाहिए। चाहे वह शिक्षा की आकांक्षा रखने वाला छात्र हो, देखभाल चाहने वाला वरिष्ठ नागरिक हो या आत्मनिर्भरता के लिए प्रयासरत दिव्यांग व्यक्ति हो, सार्वजनिक नीति को कल्याण से आगे बढ़कर सशक्तिकरण की ओर बढ़ना चाहिए और यह सुनिश्चित करना चाहिए कि व्यवस्थाएं मानवीय, उत्तरदायी और समावेशी हों।
डॉ. कुमार ने कहा कि विकसित भारत 2047 की परिकल्पना न्याय, समानता, गरिमा तथा अवसर की नींव पर टिकी है और समावेशी विकास यह सुनिश्चित करेगा कि प्रगति उन लोगों तक भी पहुंचे जो ऐतिहासिक रूप से हाशिए पर रहे हैं।
पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया ने कहा कि सामाजिक न्याय भारत के लोकतांत्रिक मूल्यों का मूल है और अंत्योदय का संकल्प, अमृत काल का प्रतिबिंब - विकसित भारत 2047 का संकल्प तभी साकार हो सकता है जब सबसे गरीब और सबसे कमजोर लोगों की चिंताओं को नीति और शासन के केंद्र में रखा जाए।
उन्होंने समावेशी नीतियों, अवसरों की समान पहुंच और सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता पर बल दिया ताकि राष्ट्र के विकास पथ में कोई भी पीछे न छूटे।
सामाजिक न्याय और अधिकारिता राज्य मंत्री बी.एल. वर्मा ने कहा कि सामाजिक न्याय के क्षेत्र में मंत्रालय की सर्वोच्च प्राथमिकताएं वंचितों तक पहुंचना, सेवाओं की सुलभता में सुधार करना, प्रक्रियाओं को सरल बनाना और लाभार्थी-केंद्रित शासन सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि चिंतन शिविर का उद्देश्य केवल चर्चा करना नहीं है, बल्कि विषयगत समूह कार्य, सर्वोत्तम प्रथाओं को साझा करने और व्यावहारिक सिफारिशें तैयार करने के माध्यम से क्रियान्वयन योग्य परिणाम प्राप्त करना है।
एनएएमबीए ऐप का मुख्य उद्देश्य जिला और संस्थागत स्तरों पर कार्यान्वयन एजेंसियों के बीच पारदर्शिता, जवाबदेही और डेटा-आधारित शासन को बढ़ावा देना है।
इस अवसर पर मंत्रालय की प्रमुख पहलों, अग्रणी योजनाओं और उपलब्धियों को प्रदर्शित करने वाली प्रदर्शनी का उद्घाटन किया गया।
एनएमबीए ऐप 2.0 में कई नई सुविधाएं को शामिल किया गय़ा है। इनमें हेल्पलाइन सहायता और नशामुक्ति केंद्र के विवरण जैसी सुविधाएं उपलब्ध, अनुदान सहायता प्राप्त संस्थानों (जीआईए) जीआईए संस्थानों के लिए नशामुक्ति केंद्रों पर गतिविधियों और अनुदान की वास्तविक समय स्थिति, 'निकटतम नशामुक्ति केंद्र' सुविधा और प्रतिपुष्टि व्यवस्था होगी। इस ऐप के माध्यम से मादक पदार्थों की मांग में कमी लाने, संस्थागत तंत्र को मजबूत करने और डिजिटल प्लेटफार्मों का लाभ उठाने मदद मिलेगी।
शिविर के दौरान मंत्रालय अपनी डिजिटल पहुंच को मजबूत करने के लिए कई और महत्वपूर्ण पहलों की शुरुआत करेगा। इनमें समावेश पोर्टल, सेतु ऐप और स्माइल ऐप भी शामिल हैं।
सामाजिक क्षेत्र में क्षमता निर्माण, प्रशिक्षण और अनुसंधान पहलों को बढ़ावा देने के लिए राष्ट्रीय सामाजिक रक्षा संस्थान (एनआईएसडी) और सहयोगी संस्थानों के बीच समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए गए।
चिंतन शिविर अगले दो दिनों तक जारी रहेगा जिसमें सामाजिक न्याय और सशक्तिकरण कार्यक्रमों के क्रियान्वयन को मजबूत करने के लिए व्यावहारिक सिफारिशों पर केंद्रित विषयगत चर्चाएं, ब्रेकआउट सत्र और समूह प्रस्तुतियां शामिल होंगी।
इस मौके पर मध्य प्रदेश के सामाजिक न्याय एवं दिव्यांग कल्याण मंत्री नारायण सिंह कुशवाहा, हरियाणा के सामाजिक न्याय एवम अधिकारिता मंत्री कृष्ण कुमार बेदी, दिल्ली के अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति कल्याण एवं सहकारिता मंत्री रविंदर इंद्रराज सिंह मिजोरम के समाज कल्याण, महिला एवं बाल विकास मंत्री पी लालरिनपुई और उत्तर प्रदेश सरकार में पिछड़ा वर्ग कल्याण एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण मंत्री नरेंद्र कश्यप सहित अन्य गणमान्य जन मौजूद रहे।
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हिन्दुस्थान समाचार / श्रद्धा द्विवेदी

