जेएनयू में भड़काऊ नारेबाजी की घटना से सतर्क रहेंः विहिप

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नई दिल्ली, 07 जनवरी (हि.स.)। विश्व हिंदू परिषद (विहिप) ने जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) परिसर में भड़काऊ नारेबाजी की घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताया है। विहिप ने कहा कि इस मामले की जांच करा कर दोषियों को न्याय के कटघरे में लाया जाना चाहिए।

विहिप के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष आलोक कुमार ने बुधवार को एक बयान में कहा, लोकतंत्र और अभिव्यक्ति की आज़ादी मनमानी करने का लाइसेंस नहीं देती। कब्र खोदने के नारे ऐसे अधिकारों का उल्लंघन हैं। ये नारे देशवासियों को अंदरूनी खतरों की याद दिलाते हैं और यह याद दिलाते हैं कि हमेशा सतर्क रहना ही आज़ादी की कीमत है।

बयान में कहा गया कि जेएनयू की पवित्रता को प्रधानमंत्री और दूसरों को निशाना बनाने वाले भद्दे नारों से फिर से नष्ट किया गया है। इस बार उकसावे की वजह दिल्ली दंगों के आरोपितों उमर खालिद और शरजील इमाम को ज़मानत न मिलना बताया गया। ध्यान देने वाली बात यह है कि सुप्रीम कोर्ट ने पाया कि अभियोजन पक्ष के पास दोनों के खिलाफ दंगों में शामिल होने से जुड़े सीधे और पुष्टि करने वाले सबूत हैं। सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली में वर्ष 2020 में हिंदुओं पर हुए सुनियोजित हमलों के पीछे बड़े षड्यंत्र से जुड़े अपराधों में उनकी केंद्रीय और मुख्य भूमिका पर भी ध्यान दिया।

उन्होंने कहा कि उमर और शरजील पर देश की एकता और क्षेत्रीय अखंडता के खिलाफ साज़िश रचने का आरोप है। यह जघन्य अपराध है। यह सभी के लिए उचित होगा कि वे ट्रायल का इंतज़ार करें, जहां आरोपितों को अपनी बेगुनाही साबित करने का मौका मिलेगा।

विहिप अध्यक्ष ने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि मुट्ठी भर लोगों ने सब्र रखने की बजाय आधी रात को जेएनयू परिसर का माहौल खराब करने का दुस्साहस किया। यह शर्मनाक और कायरतापूर्ण है।

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हिन्दुस्थान समाचार / कुमार अश्वनी

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