जिहादी मनोवृत्ति को पूरी तरह मिटाना होगाः आलोक कुमार
राजसमंद, 2 जून (हि.स.)। विश्व हिंदू परिषद के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष आलोक कुमार ने ग़ाज़ियाबाद में नाबालिग हिंदू युवक सूर्य चौहान की ईद पर कुर्बानी के नाम पर की गई निर्मम हत्या सहित हाल के वर्षों में हिंदू समाज को लक्षित कर हुई कई हिंसक घटनाओं पर गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंनेकहा कि गाजियाबाद, दिल्ली और उदयपुर जैसी घटनाएं किसी सामान्य आपराधिक प्रवृत्ति का परिणाम नहीं हैं, बल्कि ऐसी जिहादी कट्टरपंथी मानसिकता की अभिव्यक्ति हैं जो हिंदुओं के प्रति घृणा और हिंसक मनोवृत्ति को दर्शाती हैं। इस मनोवृत्ति के विरुद्ध सरकार और समाज के जिम्मेदार लोगों को मिलकर पूरी तरह से मिटाना होगा।
आलोक कुमार ने राजस्थान के राजसमंद में मंगलवार को पत्रकार वार्ता में कहा कि 28 मई को बकरीद पर मित्र के नाते बुलाकर गाजियाबाद के खोड़ा क्षेत्र में 17 वर्षीय हिंदू युवक सूर्य चौहान की निर्मम हत्या, 4 मार्च 2026 को दिल्ली के उत्तम नगर में होली के अवसर पर तरुण की हत्या, उदयपुर में विद्यालय परिसर में छात्र देवराज पर हुए प्राणघातक हमले तथा महाराष्ट्र में उमेश कोल्हे की हत्या जैसी घटनाएं केवल अलग-अलग अपराध नहीं हैं। इन घटनाओं में एक समान प्रवृत्ति दिखाई देती है जो धार्मिक पहचान के आधार पर वैमनस्यता, असहिष्णुता और हिंसा को दर्शाती है।
उन्होंने कहा कि यदि किसी युवक को केवल इसलिए मार दिया जाए कि वह हिंदू है अथवा दोस्ती के रिश्ते और विद्यालय जैसे पवित्र स्थान में बच्चों के बीच भी कट्टरता और हिंसा प्रवेश कर जाए, तो यह पूरे समाज के लिए चेतावनी का विषय है। ऐसे घटनाक्रम यह संकेत देते हैं कि जिहादी कट्टरपंथी सोच का विष समाज के विभिन्न स्तरों तक पहुंच रहा है।
आलोक कुमार ने कहा कि यह समझना होगा कि हिंसा, आतंक और जिहादी कट्टरवाद की अवधारणा का आधुनिक विश्व में कोई स्थान नहीं हो सकता। ऐसी गंभीर घटनाओं को केवल कानून-व्यवस्था की समस्या मानना भी पर्याप्त नहीं होगा। ये विश्व शांति और सामाजिक व्यवस्था के लिए गंभीर खतरा हैं। उन्होंने कहा कि जितने दोषी ऐसे जघन्य कृत्य करने वाले लोग हैं, उतने ही दोषी वे लोग भी हैं जो प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से उन्हें वैचारिक संरक्षण प्रदान करते हैं, उनके अपराधों पर पर्दा डालते हैं या सुविधानुसार मौन धारण कर लेते हैं।
आलोक कुमार ने हिंदू समाज का आह्वान किया कि वह संगठित, सजग और आत्मरक्षार्थ पुरुषार्थी बने। उन्होंने कहा कि शांति और सद्भाव तभी सुरक्षित रह सकते हैं जब समाज हिंसा करने वालों के साथ-साथ उनके समर्थकों और मौन दर्शकों को भी कठघरे में खड़ा करे। विहिप अध्यक्ष ने राजस्थान सरकार से इसी वर्ष राज्य में समान नागरिक संहिता लागू करने तथा केंद्र सरकार से अपने पुराने प्रेसिडेंशियल आदेश में संशोधन कर अनुसूचित जनजाति के धर्मांतरित लोगों को अनुसूचित जनजाति को प्रदत्त सभी अधिकारों से वंचित करने की मांग भी की।
भीम कस्बे में नाबालिग बालिका के अपहरण के मामले में पत्रकारों के सवाल पर आलोक कुमार ने कहा कि वे इंडीविजुअल मामलों में कमेंट नहीं कर सकेंगे। वहां के स्थानीय विहिप कार्यकर्ता निगरानी करेंगे, सहयोग करेंगे और आवश्यकता होगी तो आंदोलन भी करेंगे।-----------
हिन्दुस्थान समाचार / सुनीता

