उत्तर प्रदेश में बारिश से फसलों को भारी नुकसान, आकाशीय बिजली से तीन लोगों की मौत
लखनऊ, 20 मार्च (हि.स.)। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ समेत कई जिलों में शुक्रवार की सुबह मौसम का रुख अचानक बदल गया। गरज चमक के साथ तेज हवा के बीच झमाझम बारिश हुई और आकाशीय बिजली की चपेट में आने से अलग—अलग घटनाओं में तीन लोगों की मौत हो गयी। अचानक बदले मौसम से तापमान भी लुढ़क गया। खड़ी फसल काे सबसे अधिक नुकसान हाेने से किसानाें की चिंता बढ़ गयी है। मौसम विभाग ने 21 मार्च को भी ऐसे ही मौसम होने का पूर्वानुमान लगाया है।
लखनऊ में शुक्रवार काे सूर्योदय के समय आसमान साफ था और धूप भी खिली हुई थी लेकिन आठ- नौ बजे के बीच अचानक काले बादल घिरने लगे और देखते देखते गरज-चमक के साथ बारिश शुरू हो गई। कहीं कहीं ओले भी गिरे । बारिश और तेज हवाओं के चलते तापमान में काफी गिरावट दर्ज की गई। मौसम विभाग ने पहले ही पश्चिमी विक्षोभ के असर से माैसम में बदलाव का अनुमान जताया था। मौसम विज्ञान केंद्र लखनऊ के वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह ने बताया कि शुक्रवार को बारिश के समय हवा की रफ्तार 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक रही और तापमान में लगभग 4 से 5 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट दर्ज की गयी है। राजधानी लखनऊ समेत सीतापुर, बहराइच, गोंडा, बलरामपुर, रायबरेली, उन्नाव, हरदोई, हमीरपुर, फर्रुखाबाद, फतेहपुर समेत कई जिलों और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में मौसम बदल गया। बारिश के साथ कई स्थानाें में ओले भी गिरे।
आकाशीय बिजली गिरने से तीन की मौत, कई घायल
तेज बारिश में आकाशीय बिजली गिरने से अलग अलग घटनाओं में प्रदेश में तीन लोगों की मौत हो गयी जबकि कई घायल हो गये। बहराइच जिले में महसी इलाके के बदनपुरवा बंभौरी गांव में मुनऊ (30) की मौत हो गई। बलरामपुर जिले के धुसाह गांव के निवासी तीरथ वर्मा (30) की भी मौत आकाशीय बिजली की चपेट में आने से हुई । इसी प्रकार प्रयागराज में एक युवक की मौत हो गयी जबकि दूसरा युवक घायल हो गया। यहां कई गोवंश भी घायल हुए हैं। सीतापुर समेत कई जिलों में भी दीवार व छप्पर गिरने से भी लोग घायल हुए हैं।
तैयार फसलों को भारी नुकसान, आलू उत्पादक भी चिंता में
शुक्रवार को हुई बारिश ने उन किसानों को चिंता में डाल दिया है, जिनकी फसल पक चुकी है या पकने वाली है, क्योंकि बारिश से फसल नम होने से उसके दाने प्रभावित होंगे। अब काटने में भी समय लगेगा। इसी प्रकार जिन किसानों का आलू अभी खेत से घर या कोल्ड स्टोर नहीं पहुंचा है। वे भी परेशान होने लगे हैं, क्योंकि खेत गीले होने से अब खुदाई में समय लगेगा। इसके अलावा सरसों की फसल भी प्रभावित हुई है। लेकिन मेंथा की रोपाई कर चुके या करने वाले किसानों के लिए यह बारिश फायदे वाली है जबकि गेहूं की फसल को भी नुकसान होगा। किसानों का कहना है कि इस समय सरसों की कटाई चल रही है, ऐसे में बारिश से फसल भीगने पर दाना खराब हो सकता है।
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हिन्दुस्थान समाचार / शिव सिंह

