एफपीओ को सशक्त बनाकर सामूहिक विपणन, प्रसंस्करण एवं निर्यात पर विशेष बल दे : रामनाथ ठाकुर

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एफपीओ को सशक्त बनाकर सामूहिक विपणन, प्रसंस्करण एवं निर्यात पर विशेष बल दे : रामनाथ ठाकुर


—केंद्रीय कृषि, किसान कल्याण राज्य मंत्री ने आईसीएआर–आईआईवीआर, वाराणसी में वैज्ञानिकों से किया संवाद,किसानों की आय दोगुनी करने पर जोर

वाराणसी, 05 अप्रैल (हि.स.)। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण राज्य मंत्री रामनाथ ठाकुर ने रविवार को किसानों की आय बढ़ाने के लिए किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ) को सशक्त बनाने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि एफपीओ के माध्यम से सामूहिक विपणन, प्रसंस्करण और निर्यात को बढ़ावा देकर किसानों को बेहतर आर्थिक लाभ दिलाया जा सकता है।

केन्द्रीय राज्यमंत्री भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के अंतर्गत भारतीय सब्जी अनुसंधान संस्थान, वाराणसी में कृषि वैज्ञानिकों एवं कर्मचारियों से संवाद कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने अनुसंधान, विस्तार और उद्यमिता के समन्वित मॉडल को किसानों की आय वृद्धि का आधार बताते हुए कहा कि इस दिशा में वैज्ञानिक संस्थानों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कृषि क्षेत्र में नवाचार को बढ़ावा देने और वैज्ञानिक तकनीकों को तेजी से खेत स्तर तक पहुंचाने का आह्वान किया। साथ ही गुणवत्तापूर्ण बीजों की उपलब्धता, लागत घटाने वाली तकनीकों के प्रसार और किसानों को सीधे बाजार से जोड़ने पर बल दिया।

कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय मंत्री ने संस्थान में चल रहे अनुसंधान एवं विकास कार्यों, उन्नत सब्जी किस्मों, बीज उत्पादन, संरक्षित खेती, जैविक एवं प्राकृतिक खेती, मूल्य संवर्धन और कृषि-उद्यमिता से जुड़ी पहलों की सराहना की। उन्होंने निर्यातोन्मुख सब्जी प्रजातियों के विकास, स्टार्टअप्स और एफपीओ के साथ साझेदारी बढ़ाने तथा युवाओं को कृषि-उद्यमिता से जोड़ने के निर्देश भी दिए।

केन्द्रीय राज्यमंत्री ने कहा कि वैज्ञानिकों की सफलता इसी में निहित है कि उनके शोध और प्रौद्योगिकियों का सीधा लाभ किसानों तक पहुंचे, जिससे उनकी आय में ठोस वृद्धि सुनिश्चित हो सके। इस अवसर पर संस्थान के निदेशक डॉ. राजेश कुमार ने संस्थान की गतिविधियों और उपलब्धियों का प्रस्तुतीकरण किया। उन्होंने वर्ष 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए पोषण सुरक्षा और उत्पादकता बढ़ाने में सब्जी फसलों की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला।

हिन्दुस्थान समाचार / श्रीधर त्रिपाठी

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