राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना भारत को बड़ा बनाने के लिए हुई है : रामलाल
-पंच परिवर्तन के माध्यम से देश और समाज को जोड़ने का काम करेगा संघ
-युवा शक्ति को दी राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने की सीख
गोरखपुर, 09 सितंबर (हि.स.)। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के अखिल भारतीय संपर्क प्रमुख रामलाल ने बुधवार काे कहा कि संघ की स्थापना देश और समाज के लिए अच्छा करने तथा भारत को बड़ा बनाने के उद्देश्य से हुई है। संघ ने अपनी 100 वर्ष की यात्रा में अनेक पाबंदियों, विरोध और झंझावातों का सामना किया, लेकिन कभी विचलित नहीं हुआ। संघ सकारात्मक सोच के साथ निरंतर राष्ट्र निर्माण के कार्य में जुटा है।
सरस्वती शिशु मंदिर, पक्कीबाग में बुधवार को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष के अवसर पर गोरखपुर महानगर की ओर से आयोजित ‘युवा उद्यमी संवाद’ कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य वक्ता अखिल भारतीय संपर्क प्रमुख रामलाल, विभाग कार्यवाह संजय और कार्यक्रम अध्यक्ष समीक्षक रामानी ने दीप प्रज्ज्वलन एवं भारत माता के चित्र पर पुष्पार्चन कर किया। युवा उद्यमियों को संबोधित करते हुए रामलाल ने कहा कि संघ ने स्थापना काल से ही उपहास और उपेक्षा का सामना किया है। यही कारण है कि संघ विरोध और उपेक्षा से घबराने के बजाय अपने उद्देश्य के प्रति और अधिक दृढ़ता से आगे बढ़ता है। उन्होंने कहा कि देश में जब भी कोई विपत्ति आती है, संघ का स्वयंसेवक सबसे पहले सेवा के लिए पहुंचता है। संघ के इस सेवा भाव की समाज के सभी वर्गों में सराहना होती है।
उन्होंने कहा कि संघ सदैव ‘वसुधैव कुटुंबकम’ की भावना के साथ कार्य करता है। शताब्दी वर्ष में संघ के संपर्क अभियान के दौरान अब तक 10 करोड़ से अधिक परिवारों तक पहुंच बनाई गई है। इनमें विभिन्न धर्म, जाति और पंथ के लोग शामिल हैं। उन्होंने कहा कि जिन लोगों को कभी संघ का विरोधी माना जाता था, उनमें से भी अनेक लोग संघ के विचार और कार्यपद्धति से प्रभावित हुए हैं।
युवाओं की शक्ति से विश्व में बढ़ी भारत की स्वीकार्यता
रामलाल ने कहा कि भारत आज विश्व स्तर पर अग्रणी देशों के साथ आंख में आंख डालकर बात कर रहा है। विश्व में भारत की स्वीकार्यता लगातार बढ़ रही है। इसमें देश की युवा शक्ति का महत्वपूर्ण योगदान है। उन्होंने युवाओं का आह्वान किया कि वे अपनी ऊर्जा, बुद्धिमत्ता और सामर्थ्य का उपयोग राष्ट्र निर्माण में करें।
उन्होंने कहा कि युवा पीढ़ी को अच्छा सोचने, अच्छा बोलने और अच्छा करने का संकल्प लेना चाहिए। यही सच्ची देशभक्ति है। युवाओं को तात्कालिक उपलब्धियों के बजाय दीर्घकालिक उद्देश्यों को ध्यान में रखकर अपनी कार्ययोजना तैयार करनी चाहिए। भारत के युवाओं में अपार क्षमता है और यही क्षमता भारत को पुनः विश्व गुरु बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
भारत की शक्ति उसकी ‘देने’ की संस्कृति में
विश्व गुरु भारत की अवधारणा पर चर्चा करते हुए अखिल भारतीय संपर्क प्रमुख ने कहा कि भारत विश्व के सुख और शांति की कामना करने वाला देश है। भारतीय ऋषि-मुनियों ने सबके कल्याण और विश्व शांति का मार्ग दिखाया। उन्होंने कहा कि विदेशों में भी यह माना जाता है कि भारत को समझना है तो स्वामी विवेकानंद के दृष्टिकोण से भारत को देखना होगा।
उन्होंने कहा कि भारतीय परंपरा में प्रकृति के संरक्षण को जीवन का हिस्सा बनाया गया। पेड़, पशु और नदियों तक के संरक्षण के लिए पूजा और आस्था की पद्धतियां विकसित की गईं। यही भारत की विशिष्टता है। भारत को विश्व गुरु इसलिए माना गया, क्योंकि उसने दुनिया को ज्ञान और विज्ञान देने का कार्य किया। भारत की महानता इस बात में है कि उसने हमेशा देने की सोची, केवल स्वयं को बड़ा करने की नहीं।
रामलाल ने कहा कि हम सभी भारत माता की संतान हैं और यही भावना हमें आपस में जोड़ती है। भाषा, क्षेत्र, जाति, पंथ और अन्य विविधताओं के बावजूद हम सभी एक हैं। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे समझें कि देश के लिए क्या अच्छा है और भारत को मजबूत बनाने के लिए अपनी भूमिका सुनिश्चित करें।
पंच परिवर्तन से आएगा सामाजिक बदलाव
उन्होंने कहा कि देश और समाज में व्यापक परिवर्तन के लिए संघ ‘पंच परिवर्तन’ के माध्यम से काम कर रहा है। इसके तहत पर्यावरण संरक्षण, कुटुंब प्रबोधन, नागरिक कर्तव्यबोध, सामाजिक समरसता और स्वदेशी को जीवन में अपनाने पर जोर दिया जा रहा है। उन्होंने युवाओं से इन पांच सूत्रों को अपने व्यक्तिगत और सामाजिक जीवन का हिस्सा बनाने का आह्वान किया।
संवाद सत्र के दौरान रामलाल ने युवा उद्यमियों की विभिन्न जिज्ञासाओं और सवालों का समाधान भी किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता युवा उद्यमी समीक्षक रामानी ने की। उन्होंने भी अपने विचार व्यक्त करते हुए युवाओं से राष्ट्र निर्माण में सक्रिय योगदान देने का आह्वान किया। संचालन सह भाग कार्यवाह संतोष ने किया। समापन वंदेमातरम् के सामूहिक गायन के साथ हुआ। इस अवसर पर विभाग प्रचारक अजय नारायण, प्रो. संजीत गुप्ता, रमानाथ गुप्त, संजय जायसवाल सहित बड़ी संख्या में युवा व्यवसायी, चिकित्सक, अधिवक्ता, उद्यमी, चार्टर्ड अकाउंटेंट और इंजीनियर मौजूद रहें l
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हिन्दुस्थान समाचार / प्रिंस पाण्डेय

