संघ का किसी से विरोध नहीं है, संघ भारत की एकता का पुजारी : दत्तात्रेय होसबाले
प्रयागराज, 25 जनवरी (हि.स.)। संघ का किसी से विरोध नहीं है। संघ भारत की एकता का पुजारी है। भारत की एकता के विरुद्ध कोई गतिविधि होती है तो उसे बर्दाश्त नहीं किया जाना चाहिए। यह बात रविवार को मेडिकल कॉलेज स्थित प्रीतम दास मेहता प्रेक्षागृह में युवा व्यवसायियों को संबोधित करते हुए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले ने कही।
उन्होंने युवा व्यवसायियों का आह्वान किया कि वे आर्थिक विकास के साथ सांस्कृतिक विकास के भी संवाहक बनें। स्वामी विवेकानंद जी का उद्धरण देते हुए कहा कि भारत के व्यवसायियों ने विदेश में जाकर व्यापार के साथ संस्कृति का भी प्रचार किया। उद्यम कर देश के लिए सोना लाये। उसी सोने को 25 साल पहले बैंक ऑफ इग्लैंड में गिरवी रख दिया गया था, जिसे अभी हाल में छुड़ाया गया। देश खाद्यान्न के मामले में भी स्वावलंबी बन गया है और गरीब देशों को सहायता दे रहा है। सरकार्यवाह ने संस्कृति तथा व्यवासाय में सन्तुलन की जरूरत पर बल देते हुए कहा कि युवा व्यवसायी इस विमर्श को आगे बढ़ाए।
उन्होंने बड़े ही स्पष्ट स्वरों में कहा कि भारत की एकता के विरुद्ध कोई गतिविधि होती है तो उसे बर्दाश्त नहीं किया जाना चाहिए। परतंत्रता काल में राष्ट्रीय एकता की भावना कुछ कमजोर हुई है लेकिन आज भारत करवट ले रहा है,कई क्षेत्रों में भारत ने उल्लेखनीय प्रगति कर रहा है।
उन्होंने कहा कि कुछ तत्व क्षेत्रवाद,भाषावाद के नाम पर देश में अलगाववाद की भावना को हवा देने का प्रयास समय-समय पर करते हैं, इससे राष्ट्रीय एकता कमजोर होती है। इस दिशा में सभी को जागरूक होने की जरूरत है।
युवा व्यवसायी सम्मेलन की आवश्यकता को स्पष्ट करते हुए उन्होंने कहा कि हम समारोह नहीं संवाद करते हैं। इसी क्रम में मातृशक्ति विद्यार्थी तथा व्यवसायियों से शताब्दी वर्ष में संवाद का अभियान चल रहा है। संघ ने हिंदू समाज के विभिन्न पंथ, संप्रदाय, जाति बिरादरी के प्रमुखों से भी राष्ट्रीय मुद्दों पर चर्चा की है। गृह संपर्क अभियान के जरिए करोड़ परिवारों तक संघ के कार्यकर्ता पहुंच चुके हैं। व्यक्ति को समाज से जोड़ने का काम तथा धर्म संस्कृति के उत्थान का अभियान शताब्दी वर्ष में चल रहा है। इसके माध्यम से संघ राष्ट्र के प्रति स्वाभिमान का भाव भरने के लिए प्रयत्नशील है। देशवासी इतिहास से सबक लेकर आगे बढ़े, यह भी संघ का प्रयत्न है।
उन्होंने कहा कि देश के विकास में सबका योगदान है,हमारे देश के धार्मिक ग्रंथ गीता और रामायण मानव व्यवहार सिखाते हैं,युद्ध की कला नहीं सिखाते। सरकार्यवाह ने सभी को गणतंत्र दिवस की बधाई दी और कहा कि 'सत्यमेव जयते' ही गणतंत्र की पहचान है।
इस अवसर पर मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य प्रोफेसर बीके पांडे ने अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में कहा कि समाज और राष्ट्र के निर्माण में संघ की भूमिका महत्वपूर्ण है। आज हर क्षेत्र में संघ के स्वयंसेवक अपनी रचनात्मक भूमिका निभा रहे हैं। समाज को प्रेरणा देने का काम संघ कर रहा है। उन्होंने अतिथियों का स्वागत भी किया।
मंच पर सह प्रांत संघचालक प्रोफेसर राणा कृष्ण पाल उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन विभाग कार्यवाह डॉ संजय एवं विषय प्रवर्तन विभाग बौद्धिक प्रमुख डॉ अजय ने किया। आभार प्रदर्शन आशीष मोहन ने किया। सम्मेलन में युवा व्यवसायियों की जिज्ञासा का भी समाधान किया गया।
इस कार्यक्रम में शलभ श्रीवास्तव, संदीप कुमार, कीर्ति प्रकाश द्विवेदी, अभिषेक,आशीष त्रिपाठी के अतिरिक्त टेंट व्यवसायी,किराना व्यवसायी, डेयरी व्यवसाइयों ने बड़ी संख्या में भाग लिया। अखिल भारतीय, क्षेत्र एवं प्रांत के पदाधिकारियों के साथ ही विभाग प्रचारक सुबन्धु,भाग कार्यवाह मनोज, प्रांत प्रचार प्रमुख काशी डॉ.मुरारजी त्रिपाठी प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।
---------------
हिन्दुस्थान समाचार / रामबहादुर पाल

