संस्कार देना और मानव सेवा करना सबसे बड़ा धर्म : राज्यपाल लक्ष्मण आचार्य

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संस्कार देना और मानव सेवा करना सबसे बड़ा धर्म : राज्यपाल लक्ष्मण आचार्य


संस्कार देना और मानव सेवा करना सबसे बड़ा धर्म : राज्यपाल लक्ष्मण आचार्य


संस्कार देना और मानव सेवा करना सबसे बड़ा धर्म : राज्यपाल लक्ष्मण आचार्य


शुभ मंगलम सामाजिक सेवा न्यास के 13वें स्थापना दिवस पर बोले असम के राज्यपाल, नशा उन्मूलन के लिए समाज से आगे आने का आह्वान

प्रयागराज, 25 अक्टूबर (हि.स.)। भारत एक आध्यात्मिक राष्ट्र है, जहां सेवा, संस्कार और मानवीय मूल्यों का विशेष महत्व है। यहां संस्कार देना और मानव सेवा करना सबसे बड़ा धर्म माना जाता है। ऐसे में समाज को नशे के बढ़ते प्रभाव से युवाओं को बचाने के लिए आगे आना होगा। नशा युवाओं के साथ राष्ट्र के भविष्य को भी नुकसान पहुंचाता है। यह बातें रविवार को प्रयागराज के नैनी क्षेत्र के छांड़ी गांव स्थित शुभ मंगलम सामाजिक सेवा न्यास के 13वें स्थापना दिवस पर आयोजित समारोह को संबोधित करते हुए असम के राज्यपाल लक्ष्मण आचार्य ने कहीं।

उन्होंने कहा कि राष्ट्रविरोधी तत्व नशे के माध्यम से युवाओं को भटकाने का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन समाज की जागरूकता और सामूहिक प्रयासों से ऐसी कोशिशों को सफल नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह संस्था पिछले 13 वर्षों से जरूरतमंद, गरीब और निराश्रित बच्चों के भरण-पोषण, शिक्षा तथा उनमें अच्छे संस्कार विकसित करने के लिए कार्य कर रही है। संस्थापक अरविंद के नेतृत्व में संस्था सेवा के इस कार्य को निरंतर आगे बढ़ा रही है।

राज्यपाल ने कहा कि देश में श्री शुभ मंगलम सामाजिक सेवा न्यास जैसी अनेक संस्थाएं बच्चों को संस्कार, शिक्षा और धार्मिक मूल्यों से जोड़ने का महत्वपूर्ण कार्य कर रही हैं। ऐसी संस्थाएं समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के साथ ही भावी पीढ़ी को जिम्मेदार नागरिक बनाने में योगदान देती हैं। उन्होंने नशा उन्मूलन को समय की आवश्यकता बताते हुए समाज के सभी वर्गों से इस दिशा में सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की।

सेवा और भारतीय संस्कृति विश्व में देश की पहचान : अनिल

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के क्षेत्र प्रचारक अनिल ने कहा कि प्राचीन काल से ही सेवा और आध्यात्मिकता भारतीय संस्कृति की पहचान के मजबूत स्तंभ रहे हैं। श्री शुभ मंगलम सामाजिक सेवा न्यास प्रेम, सद्भाव और समाज की खुशहाली के लिए लगातार कार्य कर रहा है। उन्होंने स्वामी विवेकानंद को संस्था की प्रेरणा का स्रोत बताते हुए कहा कि समाज के समर्थ लोगों को ऐसी सेवा संस्थाओं को तन, मन और धन से सहयोग देना चाहिए, ताकि उनके कार्यों का विस्तार हो सके और जरूरतमंदों को अधिक लाभ मिल सके।

संस्कारयुक्त समाज निर्माण में संस्था का योगदान सराहनीय

राज्यसभा सदस्य एवं संस्था के संरक्षक राधाकांत ओझा ने कहा कि संस्कारयुक्त समाज के निर्माण के लिए संस्था की ओर से किए जा रहे कार्य सराहनीय हैं। बच्चों को शिक्षा के साथ अच्छे संस्कार देना समाज और राष्ट्र के उज्ज्वल भविष्य के लिए आवश्यक है। ऐसी संस्थाओं के प्रयास समाज के लिए प्रेरणादायी हैं।

बच्चों की प्रस्तुतियों ने मोहा मन

समारोह में संस्था में रहने वाले बच्चों ने नृत्य और गायन की आकर्षक प्रस्तुतियां दीं। उनकी प्रतिभा और प्रस्तुतियों ने उपस्थित लोगों का मन मोह लिया। अतिथियों और दर्शकों ने बच्चों की सराहना करते हुए उनका उत्साहवर्धन किया। कार्यक्रम के प्रारंभ में संस्था के अध्यक्ष आशीष केसरवानी ने अतिथियों का माल्यार्पण कर स्वागत किया।

समारोह में सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति राहुल, जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. वीके सिंह, महापौर गणेश केसरवानी, विधायक दीपक पटेल, विधायक गुरु प्रसाद मौर्य, विधायक पीयूष रंजन निषाद, व्यवसायी संजीव अग्रवाल, डॉ. बीबी अग्रवाल, भाजपा जिलाध्यक्ष संजय गुप्ता, यमुनापार जिलाध्यक्ष राजेश शुक्ला, प्रदेश प्रवक्ता आशीष गुप्ता, युवा नेता शैलेंद्र मौर्य, मनोज श्रीवास्तव, भाजपा एवं संस्था के प्रवक्ता पवन श्रीवास्तव, राजीव टंडन और अनूप कुमार सहित बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे।

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हिन्दुस्थान समाचार / रामबहादुर पाल

Livevns.news Desk
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