फूलबंगला में विराजमान हुए बांके बिहारी जी महाराज, दर्शन को उमड़ा सैलाब

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फूलबंगला में विराजमान हुए बांके बिहारी जी महाराज, दर्शन को उमड़ा सैलाब


-ठाकुरजी को फूलों से शीतलता देने का क्रम 12 अगस्त रहेगा जारी

मथुरा, 29 मार्च (हि.स.)। मथुरा में कामदा एकादशी पर रविवार को ठाकुर बांके बिहारी ने विभिन्न प्रकार फूलों से सजे दिव्य फूलबंगला में विराजमान होकर भक्तों को दर्शन दिये। गर्मी के मौसम में करीब चार महीने तक फूलबंगला सजाया जाएगा, ताकि ठाकुरजी को फूलों से शीतलता दी जा सके। फूलबंगला सजाने की यह क्रम 12 अगस्त हरियाली अमावस तक चलेगा। सुबह राजभोग और शाम को शयनभोग सेवा के दौरान अलग-अलग तरह के फूलबंगला में विराजकर ठाकुरजी भक्तों को दर्शन देंगे। ठाकुरजी की पूलबंगला सेवा के लिए पूरे सीजन की बुकिंग लगभग पूरी हो चुकी है। ऐसे में अब कोई भक्त फूलबंगला की सेवा मंदिर में करना चाहता है, तो उसे मौका नहीं मिलेगा।

ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर में आज रविवार कामदा एकादशी से गर्मी में ठाकुरजी को शीतलता प्रदान करने के लिए हर दिन फूलबंगला सजाया जाएगा। इस परंपरा की शुरुआत ठाकुर बांकेबिहारी के प्राकट्यकर्ता स्वामी हरिदास ने की थी। मंदिर में हर दिन अलग डिजाइन का फूलबंगला सजेगा। दोपहर में मंदिर के पट बंद होने के बाद मात्र चार घंटे में कारीगर इसे तैयार करते हैं। हालांकि, फूलों की सफाई, विदेशी फूलों का मत्था, तोरण पहले ही तैयार कर लिए जाते हैं। सुबह सजने वाले फूलबंगला के लिए कारीगर भोर में मंदिर में पहुंच जाते हैं। ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर उच्चाधिकार प्राप्त प्रबंधन समिति ने फूलबंगला सजाने के लिए इस बार मंदिर में जमा होने वाली धनराशि में वृद्धि कर दी है। पिछले वर्ष तक मंदिर में फूलबंगला सेवा के लिए 15 हजार रुपये जमा होते थे। लेकिन, इस बार एक लाख 51 हजार रुपये प्रति फूल बंगला के हिसाब से जमा होंगे। हर वर्ष गर्मी के दिनों में ठाकुरजी के फूलबंगला 108 दिन सजते हैं। लेकिन, इस बार 17 मई से अधिकमास की शुरुआत हो रही है, जो 15 जून तक चलेगा। ऐसे में इस बार गर्मी के सीजन में फूलबंगला एक महीने अधिक सजेंगे।

कामदा एकादशी पर परिक्रमा में लगे राधे-राधे के जयकारे

कामदा एकादशी के पावन अवसर पर वृंदावन में सुबह से ही परिक्रमा मार्ग और मंदिरों में भक्तों की भारी भीड़ रही। श्रद्धालुओं ने यमुना स्नान के बाद भगवान विष्णु के दर्शन और 10 किमी की परिक्रमा की, जिससे राधे-राधे के जयकारों के साथ माहौल पूरी तरह से भक्तिमय हो गया। सुबह की भोर से ही परिक्रमा मार्ग में भक्तों की लंबी कतारें दिखाई दीं, जो देर शाम तक बनी रहने की संभावना है। बताया जाता है कि कामदा एकादशी पर परिक्रमा और व्रत का विशेष महत्व है, जो सभी मनोकामनाएं पूरी करने वाला माना जाता है। भीड़ और अव्यवस्थारू श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के कारण मुख्य मार्गों और मंदिर परिसर में भीड़ का जबरदस्त दबाव देखा गया।---------

हिन्दुस्थान समाचार / महेश कुमार

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