जेलों की सुरक्षा को मिलेगी इंसास की ताकत, योगी सरकार खरीदेगी 676 राइफल 

WhatsApp Channel Join Now

 - योगी सरकार जेलों की सुरक्षा को और अधिक चाक-चौबंद करने के लिये 14 करोड़ से खरीदेगी हथियार और कारतूस

- जेल वार्डर समेत सुरक्षा कर्मियों को मिलेगा आधुनिक हथियारों का प्रशिक्षण
 
- 676 इंसास राइफल और करीब 58 हजार से अधिक कारतूस खरीदेगा कारागार विभाग, शासन को भेजा प्रस्ताव

- पिछले दो वर्षों में 254 इंसास राइफल और 44,875 कारतूस खरीदे गये 

लखनऊ, 2 नवंबर: योगी सरकार प्रदेश में कानून-व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने के साथ पुलिस एवं कारागार व्यवस्था के आधुनिकीकरण पर तेजी से काम कर रही है। इसी क्रम में योगी सरकार जेलों की सुरक्षा व्यवस्था को अधिक मजबूत बनाने और जेल वार्डर समेत कारागार अधिकारियों एवं कर्मचारियों को बेहतर प्रशिक्षण देने के लिए 676 अत्याधुनिक इंसास राइफल खरीदने जा रही है। इसके साथ ही प्रशिक्षण और अन्य आवश्यक उपयोग के लिए 58,795 कारतूस भी खरीदे जाएंगे। इस पूरी खरीद प्रक्रिया पर कारागार प्रशासन एवं सुधार सेवाएं विभाग करीब 14 करोड़ रुपये खर्च करेगा। इसके लिए शासन को प्रस्ताव भेजा गया है। योगी सरकार की इस पहल का उद्देश्य कारागारों में तैनात सुरक्षा बलों को आधुनिक हथियारों से लैस करने के साथ उनकी कार्यक्षमता और प्रशिक्षण के स्तर को बेहतर बनाना है। 

साढ़े 13 करोड़ से खरीदी जाएगी 676 इंसास राइफल 
डीजी कारागार प्रशासन एवं सुधार सेवाएं पीसी मीना ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा के अनुरूप प्रदेश की सुरक्षा व्यवस्था को तकनीकी और संसाधन के स्तर पर लगातार मजबूत किया जा रहा है। पुलिस बल के आधुनिकीकरण के साथ जेलों की सुरक्षा को भी सरकार प्राथमिकता दे रही है। इसी दिशा में 676 इंसास राइफल और बड़ी संख्या में कारतूस की खरीद की योजना तैयार की गई है। कारागार विभाग की ओर से खरीदी जाने वाली इंसास राइफल और कारतूस की खरीद उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स (यूपी एसटीएफ) के माध्यम से की जाएगी। इसके तहत 5.56 एमएम की एसएलआर इंसास राइफल खरीदी जाएंगी। विभाग ने इसके लिए आवश्यक प्रस्ताव शासन को भेज दिया है।
प्रस्ताव के अनुसार, 676 राइफलों की खरीद पर करीब साढ़े 13 करोड़ रुपये खर्च किये जाएंगे जबकि 58,795 कारतूस की खरीद के लिए लगभग 30 लाख रुपये खर्च किये जाएंगे। इस प्रकार पूरी खरीद प्रक्रिया पर करीब 14 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इसका उद्देश्य जेल वार्डर और अन्य सुरक्षा अधिकारियों को आधुनिक हथियारों के संचालन का प्रशिक्षण के साथ जेल की सुरक्षा को और अधिक मजबूत करना है। 

प्रशिक्षण के लिए भी उपलब्ध होंगे कारतूस
डीजी पीसी मीना ने बताया कि योगी सरकार की योजना में केवल हथियारों की खरीद ही शामिल नहीं है, बल्कि सुरक्षा कर्मियों की व्यावहारिक दक्षता बढ़ाने पर भी जोर दिया गया है। इसी उद्देश्य से 58,795 कारतूस खरीदे जाएंगे। इनका उपयोग जेल वार्डर समेत अन्य अधिकारियों और कर्मचारियों के प्रशिक्षण के लिए किया जाएगा। इससे सुरक्षा कर्मियों को हथियारों के सुरक्षित संचालन, निर्धारित प्रक्रियाओं और आपात स्थितियों में आवश्यक प्रतिक्रिया का अभ्यास करने का अवसर मिलेगा। योगी सरकार का जोर इस बात पर है कि कारागारों में तैनात सुरक्षा बल केवल संसाधनों से ही लैस न हों, बल्कि उन्हें उनका प्रभावी उपयोग करने का प्रशिक्षण भी मिले। इसके लिए प्रशिक्षण व्यवस्था को मजबूत बनाने की दिशा में कदम उठाए जा रहे हैं। आधुनिक हथियारों के साथ प्रशिक्षित सुरक्षा बल जेलों में सुरक्षा संबंधी चुनौतियों से अधिक प्रभावी ढंग से निपट सकेंगे।

पिछले दो वर्षों में 254 इंसास राइफल और 44,875 कारतूस खरीदे गये
कारागार सुरक्षा को मजबूत बनाने की दिशा में यह पहली पहल नहीं है। पिछले दो वर्षों के दौरान 254 इंसास राइफल और 44,875 कारतूस खरीदे जा चुके हैं। इसके साथ ही कारागारों को आधुनिक हथियार, बेहतर प्रशिक्षण और संसाधनों की उपलब्धता के जरिए योगी सरकार जेल सुरक्षा व्यवस्था को नई मजबूती देने की तैयारी में है।

Live VNS Desk
Live VNS Desk

23506 Articles

Trusted Journalism | Unbiased Reporting | Responsible Editorial Team Since 2013, Live VNS Desk has been committed to delivering fair, factual, and public-interest journalism. Our experienced editorial team oversees the selection, writing, editing, verification, and publication of news content, ensuring accuracy, credibility, and editorial integrity. In today's evolving digital landscape, we embrace modern technology, including Artificial Intelligence (AI), whenever appropriate. However, AI is used solely to assist with content writing, language refinement, and editorial efficiency?not to manipulate facts, spread misinformation, or promote any particular political or ideological agenda. Our principle is simple: Technology can assist journalism, but editorial responsibility must always remain with humans. Every piece of content, including AI-assisted material, is subject to human editorial oversight to maintain journalistic standards. our mission is to provide readers with accurate, balanced, credible, and impartial news. We prioritize facts over sensationalism, transparency over manipulation, and public interest above all else

Share this story