परिवहन निगम के आउटसोर्स कार्मिकों को योगी सरकार का तोहफा, मानदेय में 5 प्रतिशत की बढ़ोतरी
तीन पदों के लिए जुलाई से बढ़ा मानदेय, आउटसोर्स कार्मिकों को मिलेगा सीधा लाभ
प्रदेश सरकार कर्मचारियों एवं कार्मिकों के हितों के प्रति संवेदनशील: परिवहन मंत्री
परिवहन निगम की सेवाओं को सुचारु, आधुनिक और प्रभावी बनाने में आउटसोर्स कार्मिकों की भूमिका महत्वपूर्ण
लखनऊ, 17 अगस्त। योगी सरकार ने उत्तर प्रदेश परिवहन निगम में कार्यरत आउटसोर्स कार्मिकों के हित में महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए उनके मानदेय में जुलाई से 5 प्रतिशत की वृद्धि की है। परिवहन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दयाशंकर सिंह ने बताया कि कंप्यूटर ऑपरेटर, लेखाकार कम टैली ऑपरेटर और प्रोग्रामर के मानदेय में यह बढ़ोतरी की गई है। सरकार के इस निर्णय से इन कार्मिकों को आर्थिक राहत मिलने के साथ ही उन्हें बेहतर कार्य के लिए प्रोत्साहन भी मिलेगा।
परिवहन मंत्री ने बताया कि परिवहन निगम में कार्यरत आउटसोर्स कार्मिकों के मानदेय में प्रतिवर्ष 10 प्रतिशत वृद्धि का प्रावधान है। इसके तहत जनवरी में 5 प्रतिशत और जुलाई में 5 प्रतिशत की बढ़ोतरी की जाती है। इसी व्यवस्था के तहत जुलाई से इन कार्मिकों को बढ़ा हुआ मानदेय दिया जाएगा। सरकार का यह कदम कर्मचारियों और कार्मिकों के हितों के प्रति उसकी संवेदनशीलता को दर्शाता है।
वेतन वृद्धि का ब्योरा
इस वृद्धि का लाभ परिवहन निगम में कार्यरत कंप्यूटर ऑपरेटर के 249 कार्मिकों को मिलेगा। इनका मानदेय लगभग 20,655 रुपये से बढ़कर 21,420 रुपये तक हो जाएगा। इसी तरह लेखाकार कम टैली ऑपरेटर के 35 कार्मिकों के मानदेय में भी वृद्धि की गई है और उनका वेतन लगभग वरिष्ठता के क्रम में 20 हजार से 26 हजार रुपये तक हो जाएगा। वहीं प्रोग्रामर पद पर कार्यरत 26 कार्मिकों का मानदेय करीब 42,000 रुपये से बढ़कर 43,313 रुपये तक हो जाएगा।
परिवहन मंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश परिवहन निगम की सेवाओं को सुचारु, आधुनिक और प्रभावी बनाने में आउटसोर्स कार्मिकों की भूमिका महत्वपूर्ण है। ऐसे में उनके मानदेय में नियमित वृद्धि से न केवल उन्हें आर्थिक संबल मिलेगा, बल्कि कार्य के प्रति उत्साह और प्रतिबद्धता भी बढ़ेगी।

