( लीड ) मुख्यमंत्री योगी की नेतृत्व शैली से टाटा संस की पहली पंसद बन रहा उत्तर प्रदेश, लखनऊ से लेकर गोरखपुर तक हर सेक्टर में करेगा भारी निवेश
-मुख्यमंत्री याेगी ने पूर्वी उत्तर प्रदेश के पहले सेंटर आफ एक्सीलेंस का किया उद्घाटन
-50 करोड की लागत से तैयार हुआ है सेंटर, टीसीएस ने किया है सहयोग
-एआई जागरूकता पर गिनीज बुक में दर्ज हुआ गोरखपुर का नाम
लखनऊ, 15 अप्रैल (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व को औद्योगिक विकास के लिए अनुकूल बताते हुए टाटा संस के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन ने बुधवार को लखनऊ से लेकर गोरखपुर तक कई बड़ी घोषणाएं कीं। इससे न केवल उत्तर प्रदेश का औद्योगिक विकास को गति मिलेगी बल्कि यहां के युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे। साथ ही राज्य की कानून व्यवस्था, इज ऑफ डूइंग और मुख्यमंत्री की सिंगापुर और जापान की यात्रा से औद्योगिक निवेश के बने माहौल में प्रदेश की अर्थव्यवस्था विकसित भारत के लक्ष्य में अपना महत्वपूर्ण योगदान देगी।
टाटा संस के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन ने मुख्यमंत्री योगी के साथ गुरु गोरखनाथ मंदिर में शिवावतार महायोगी गुरु गोरखनाथ का दर्शन पूजन किया। मुख्यमंत्री ने टीसीएस के सहयाेग से बनाये गये पूर्वी उत्तर प्रदेश के पहले सेंटर आफ एक्सीलेंस का उद्घाटन किया। एआई जागरूकता पर गिनीज बुक में गोरखपुर का नाम भी दर्ज हुआ। उत्तर प्रदेश के युवाओं, उद्यमियों, विद्यार्थियों और कामगारों साथ साथ पूर्वांचल के युवाओं के लिए आज का दिन खास रहा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की उपस्थिति में टाटा संस के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन द्वारा राजधानी लखनऊ और गोरखपुर में की गयी घोषणाएं सुनहरे भविष्य की ओर इशारा कर रही हैं कि आने वाले दिनों में शैक्षिक, एआई,स्वास्थ्य और आ़ैद्योगिक समेत सभी क्षेत्रों के विकास में टाटा संस अपने निवेश की गति तेज करेगा।
पहले लखनऊ के कार्यक्रम की बात करें तो यहां स्थित टाटा प्लांट में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने टाटा मोटर्स की 10 लाखवीं बस फ्लैग ऑफ की। इस समारोह में टाटा संस के चेयरमैन एन चंद्रशेखर न समेत कई बडे अफसर उपस्थित रहे। यहां मुख्यमंत्री योगी ने उत्तर प्रदेश में औद्योगिक विकास की गति तेज होने के लिए जरूरी संसाधनों को गिनाते हुए एक्सप्रेसवे, एयरपोर्ट से लेकर कानून व्यवस्था का विस्तार से जिक्र किया। उन्होंने बताया कि प्रदेश सरकार औद्योगिक विकास के लिए सरल नियम बनाये हैं ताकि किसी भी उद्यमी को परेशान न होना पडा। इसी कार्यक्रम में मुख्यमंत्री की कही बातों को दोहराते हुए टाटा संस के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन ने कहा कि प्रदेश में निवेश के लिए अनुकूल माहौल, बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर और मजबूत नेतृत्व के कारण उद्योगों के विस्तार के लिए व्यापक अवसर उपलब्ध हैं। इसलिए टाटा समूह अपनी उपस्थिति दोगुनी से अधिक करने जा रहा है।
उप्र में 5 वर्षों में होंगे 40 हजार प्रोफेशनल्स
लखनऊ में टाटा संस के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन ने कहा कि टाटा प्लांट ने 34 वर्षों सालों में 10 लाख वाहनों के उत्पादन किया। अगले पांच वर्षों में 20 लाख वाहनों के उत्पादन का लक्ष्य भी हासिल किया जाएगा। उत्तर प्रदेश वैश्विक बाजार के लिए भी एक महत्वपूर्ण मैन्युफैक्चरिंग और निर्यात केंद्र बन सकता है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में टीसीएस की यूनिट्स में अगले 5 सालों में 40 हजार प्रोफेशनल्स होंगे जबकि वर्तमान में लगभग 20,000 प्रोफेशनल्स लखनऊ, नोएडा और वाराणसी में हैं, इसके अलावा टाटा संस पावर, डिफेंस, रिटेल और हॉस्पिटैलिटी सेक्टर में भी तेजी से विस्तार हो रहा है। इन घोषणाओं से साफ है कि उत्तर प्रदेश के युवाओं को यहां मिल रहे राेजगार के हजारों अवसरों में वृद्धि होगी। इतना ही नहीं टाटा संस के निवेश करने से उद्यमियों को भी नये उद्योग धंधे शुरु करने की ताकत मिलेगी ओर पहले से चल रहे उद्योगोें को भी नयी उर्जा मिलेगी।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लखनऊ के बाद गोरखपुर पहुंचे और पूर्वांचल के पहले सेंटर ऑफ एक्सीलेंस का उद्घाटन किया। इस समारोह में टाटा संस के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन व सांसद रवि किशन भी साथ रहे। महाराणा प्रताप इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (एमपीआईटी) में बने पूर्वांचल के इस पहले सेंटर ऑफ एक्सीलेंस का निर्माण टाटा कंसल्टेंसी सर्विस (टीसीएस) के सहयोग से किया गया है। मुख्यमंत्री ने इस सेंटर की उपयोगिता बताते हुए युवाओं का आह्रवान किया कि वे आगे यहां स्किल निखारें— कार्य करें। इस मौके पर टाटा संस के चेयरमैन ने सेंटर बनाने के लिए मुख्यमंत्री का आभार जताते हुए कहा कि इस सेंटर की पापुलरिटी बढायें ताकि उत्तर प्रदेश एआई के जरिए बदलते भारत का नेतृत्व करने की क्षमता विकसित करेे।
एआई जागरूकता पर गिनीज बुक में दर्ज हुआ गोरखपुर का नाम
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) जागरूकता पर गोरखपुर का नाम गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में दर्ज हो गया है। गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स के प्रतिनिधि ऋषि नाथ ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और टाटा संस के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन को इस प्रोग्राम के तहत पंजीकरण का विश्व कीर्तिमान रचे जाने का प्रमाण पत्र भी सौंपा। मुख्यमंत्री योगी के मार्गदर्शन में तैयार किए गए ‘एआई फॉर ऑल’ अवेयरनेस प्रोग्राम ने एक सप्ताह की समय सीमा में 764187 ऑनलाइन पंजीकरण का विश्व कीर्तिमान स्थापित किया है। इस अवसर ‘एआई अवेयरनेस फॉर आल’ ट्रेनिंग वर्कशॉप का भी शुभारंभ हुआ। सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में ड्रोन टेक्नोलॉजी एंड थ्री डी प्रिंटिंग, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, स्पेस टेक्नोलॉजी, साइबर सिक्युरिटी के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, साइबर सिक्युरिटी, ड्रोन टेक्नोलॉजी, स्पेस टेक्नोलॉजी, थ्री डी प्रिंटिंग समेत एकीकृत पाठ्यक्रम संचालित होंगे।
एमपीआईटी के निदेशक सुधीर अग्रवाल ने बताया कि यह सेंटर लगभग 50 करोड़ रुपये में तैयार हुआ है। इसके ढांचागत निर्माण पर 19.35 करोड़ रुपये, फर्नीचर व फर्निशिंग पर 2.40 करोड़, ड्रोन टेक्नोलॉजी सेंटर पर 1.84 करोड़, एआई सेंटर पर 9.56 करोड़, स्पेस टेक्नोलॉजी सेंटर पर 2.09 करोड़, साइबर सिक्योरिटी सेंटर पर 6.19 करोड़ और थ्री डी प्रिंटिंग सेंटर पर 6.79 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं।
इस अवसर पर टाटा संस के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ गुरु गोरखनाथ मंदिर में शिवावतार महायोगी गुरु गोरखनाथ का दर्शन पूजन किया। गोरखनाथ मंदिर आगमन पर गोरक्षपीठाधीश्वर एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दर्शन-पूजन कराने के बाद उन्हें मंदिर परिसर का भ्रमण कराया और नाथपंथ तथा इसके महान संतों के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
देश के नामी औद्योगिक घराने टाटा संस के चेयरमैन की ओर से की गयी घोषणाएं उत्तर प्रदेश के औद्योगिक विकास में न केवल सहायक होंगी बल्कि अन्य उद्यमियों को भी यहां की कानून व्यवस्था, काम की अनुकूलता और डबल इंजन की सरकार की योजनाएं आकर्षित करेंगी और मुख्यमंत्री के शब्दों में कहें तो उत्तर प्रदेश उत्सव प्रदेश बन रहा है।
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हिन्दुस्थान समाचार / शिव सिंह

