विकास की रफ्तार को कई गुना बढ़ा सकती है टेक्नोलॉजी: मुख्यमंत्री योगी

WhatsApp Channel Join Now
विकास की रफ्तार को कई गुना बढ़ा सकती है टेक्नोलॉजी: मुख्यमंत्री योगी


विकास की रफ्तार को कई गुना बढ़ा सकती है टेक्नोलॉजी: मुख्यमंत्री योगी


विकास की रफ्तार को कई गुना बढ़ा सकती है टेक्नोलॉजी: मुख्यमंत्री योगी


विकास की रफ्तार को कई गुना बढ़ा सकती है टेक्नोलॉजी: मुख्यमंत्री योगी


विकास की रफ्तार को कई गुना बढ़ा सकती है टेक्नोलॉजी: मुख्यमंत्री योगी


- सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क्स ऑफ इंडिया के गोरखपुर सेंटर का मुख्यमंत्री ने किया लोकार्पण

गोरखपुर, 26 मार्च (हि.स.)। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि टेक्नोलॉजी विकास की रफ्तार को कई गुना बढ़ा सकती है। हमारी गति को प्रगति में बदल सकती है। इसी को ध्यान में रखते हुए प्रदेश सरकार ने कई कार्यक्रम शुरू किए हैं। बजट में टेक्नोलॉजी पर विशेष ध्यान देने का प्रयास किया है। पिछले नाै सालाें में प्रदेश ने प्रत्येक क्षेत्र में अभूतपूर्व विकास किया है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गुरुवार को गोरखपुर औद्योगिक विकास प्राधिकरण ( गीडा) में सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क्स ऑफ इंडिया (एसटीपीआई) के गोरखपुर सेंटर के लोकार्पण समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि जब हम तकनीक नहीं अपनाते, उससे परहेज करते हैं तो प्रतिस्पर्धा में नहीं होते हैं। और, जब प्रतिस्पर्धा में नहीं होते हैं तो प्रगति की जगह दुर्गति की ओर जाते हैं। हमें प्रगति की ओर नहीं जाना है बल्कि प्रगति का अनुसरण करना है।

मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि हमारे युवाओं में बहुत प्रतिभा है। उसकी प्रतिभा को जब हम टेक्नोलॉजी के साथ जोड़ते हैं तो वह अपनी प्रतिभा को कई गुना तेजी के साथ आगे बढ़ाने में सफल होता है। यही कार्य प्रधानमंत्री नरेन्द्र माेदी ने पिछले 11 वर्षों में देश में किया है। मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि दुनिया की सबसे बड़ी युवा आबादी भारत में है। यहां युवाओं में स्केल तो था, लेकिन उसे वर्ष 2014 के पहले की सरकारों ने महत्व नहीं दिया। स्केल को स्किल में बदलने का प्रयास नहीं किया, कोई प्लेटफार्म नहीं उपलब्ध करवाया। परिणाम था कि युवा हतोत्साहित होता था, पलायन करता था। युवाओं के मन में निराशा थी। पर, 2014 के बाद एक-एक करके हर एक क्षेत्र में परिवर्तन देखने को मिल रहा है।

एसटीपीआई से मिलेगी युवाओं के सपनों को नई उड़ान

मुख्यमंत्री ने कहा कि एसटीपीआई का गोरखपुर सेंटर गोरखपुर और पूर्वी उत्तर प्रदेश के युवाओं के सपनों को नई उड़ान देगा। सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क की सबसे बड़ी विशेषता है कि स्टार्टअप चलाने वाला व्यक्ति केवल अपना कंप्यूटर लेकर वहां जाएगा। उसे जगह, विद्युत कनेक्शन और अन्य जन सुविधाओं की चिंता नहीं करनी है। देश और दुनिया में जहां कहीं भी सॉफ्टवेयर की टेक्नोलॉजी आज अपनी धमक दिखा रही है, उसके पीछे यही मॉडल सब जगह सफल हुए हैं। गोरखपुर में पहली बार इसे शुरू किया जा रहा है।

पूर्वी यूपी के पहले सेंटर आफ एक्सीलेंस का 15 अप्रैल से हाेगा शुरू

मुख्यमंत्री ने कहा कि 15 अप्रैल को गोरखपुर में पूर्वी उत्तर प्रदेश के पहले सेंटर आफ एक्सीलेंस का शुभारंभ भी हो जाएगा। यह सेंटर आफ एक्सीलेंस महाराणा प्रताप इंस्टिट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी (एमपीआईटी) में बना है। ये सभी कार्यक्रम दिखाते हैं कि अब केवल हार्डवेयर में ही नहीं, बल्कि सॉफ्टवेयर में भी पूर्वी उत्तर प्रदेश का युवा अपनी प्रतिभा का परिचय वैश्विक मंच पर देने में सफल हो पाएगा। उन्होंने कहा कि पिछले 11 वर्ष के अंदर स्टार्टअप संस्कृति को आगे बढ़ाने का परिणाम है कि उत्तर प्रदेश में बीस हजार से अधिक स्टार्टअप काम कर रहे हैं और इनमें से आधे महिलाओं द्वारा संचालित किया जा रहे हैं।

एमएमएमयूटी में बनेगा ग्रीन हाइड्रोजन एनर्जी का सेंटर ऑफ़ एक्सीलेंस

मुख्यमंत्री ने ग्रीन हाइड्रोजन एनर्जी को भविष्य की ऊर्जा बताते हुए कहा कि सरकार गोरखपुर के मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (एमएमएमयूटी) में ग्रीन हाइड्रोजन एनर्जी का सेंटर ऑफ एक्सीलेंस बनवा रही है। इसके लिए 50 करोड़ रुपये उपलब्ध कराए गए हैं।एनर्जी के लिए हमें किसी अन्य देश पर निर्भर न रहना पड़े, इसके लिए ग्रीन हाइड्रोजन एनर्जी इसका एक माध्यम बनने वाली है। सीएम ने कहा कि हम लोग जापान गए थे। जापान के साथ हमारी बातचीत हुई है। जापान में ग्रीन हाइड्रोजन टेक्नोलॉजी काफी एडवांस्ड स्टेज में है। हम उनसे मिल करके इस कार्यक्रम को आगे बढ़ाएंगे।

संभावनाओं के अनुरूप विकसित किए जा रहे सेंटर ऑफ एक्सीलेंस

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश में जिस क्षेत्र में जो संभावनाएं हैं, उसी को देखकर सेंटर आफ एक्सीलेंस विकसित किए जा रहे हैं। आईआईटी कानपुर में मेडिटेक के लिए एक सेंटर आफ एक्सीलेंस, एसजीपीजीआई लखनऊ में भी एक सेंटर आफ एक्सीलेंस विकसित करने की कार्यवाही को आगे बढ़ाया गया है। कानपुर में लेदर और कानपुर में ड्रोन टेक्नोलॉजी का, नोएडा, ग्रेटर नोएडा में रोबोटिक्स का सेंटर आफ एक्सीलेंस विकसित करने के लिए धनराशि उपलब्ध करवाई गई है। एग्रीकल्चर के फील्ड में भी टेक्नोलॉजी कहां पर उपयोगी हो सकती है, इसके लिए सरकार विश्व बैंक के साथ मिलकर पूर्वी उत्तर प्रदेश के 28 जिलों और बुंदेलखंड के सात जिलों में एग्रीटेक पर काम कर रही है। ऐसे ही स्टार्टअप डेयरी, मत्स्य फलन और अन्य फील्ड में भी स्थापित हो सकते हैं।

गीडा में दिखती है नवनिर्माण की नई प्रगति

मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि गीडा ने पिछले नौ वर्ष में नवनिर्माण की नई प्रगति को देश और दुनिया के सामने रखा है। एक समय था जब गीडा में दो उद्योग लगे थे। उन दो उद्योगों में केवल 29 से 30 करोड रुपये की पूंजी लगी थी। जबकि पिछले नौ वर्ष में यहां लगभग 350 से अधिक उद्योग लगे हैं, 17000 करोड रुपये से अधिक का निवेश हुआ है। 50 हजार से अधिक नौजवानों को नौकरी और रोजगार की संभावना अकेले गीडा ने विकसित की है। गीडा में प्लास्टिक पार्क भी विकसित हो रहा है।

समारोह में प्रदेश सरकार के आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग के राज्यमंत्री अजीतपाल सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी के मार्गदर्शन में उत्तर प्रदेश को आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स का अग्रणी राज्य बनाने की दिशा में तेजी से कार्य किया जा रहा है। सांसद रविकिशन शुक्ल ने कहा कि एक निस्वार्थ संत के मुख्यमंत्री बनने से उत्तर प्रदेश में रामराज्य आया है। उनके मार्गदर्शन में यूपी में 50 लाख करोड़ रुपये का निवेश आया है।

समारोह में एसटीपीआई के महानिदेशक अरविंद कुमार ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी के मार्गदर्शन में यूपी में निवेश आ रहा है। गोरखपुर में बना यह सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क जनपद और प्रदेश के युवाओं को आईटी के क्षेत्र में गुणवत्ता तथा निर्यात बढ़ाने में सहयोग प्रदान करेगा।

इस अवसर पर प्रदेश सरकार में मत्स्य विभाग के मंत्री डॉ. संजय निषाद, महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव, भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष एवं एमएलसी डॉ. धर्मेंद्र सिंह, विधायक फतेह बहादुर सिंह, श्रीराम चौहान, राजेश त्रिपाठी, विपिन सिंह, महेंद्रपाल सिंह, सरवन निषाद, राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष चारू चौधरी, मुख्यमंत्री के प्रशासनिक सलाहकार अवनीश अवस्थी, भाजपा के क्षेत्रीय अध्यक्ष सहजानंद राय, जिलाध्यक्ष जनार्दन तिवारी, महानगर संयोजक राजेश गुप्ता आदि प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।

साढ़े तीन एकड़ में 20 करोड़ से बना है सॉफ्टवेयर पार्क

सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क साढ़े तीन एकड़ क्षेत्रफल में बीस करोड़ रुपये की लागत से बना है। एसटीपीआई के गोरखपुर केंद्र में 50 सीटर प्लग एंड प्ले कार्यक्षेत्र को विकसित किया गया है। साथ ही 6000 वर्गफुट में रॉ इंक्यूबेशन स्पेस, इतने ही क्षेत्रफल में सेमी फर्निश्ड इंक्यूबेशन स्पेस, 54 व्यक्तियों की क्षमता वाला ऑडिटोरियम, अत्याधुनिक कांफ्रेंस रूम, अत्याधुनिक नेटवर्क ऑपरेशन्स सिस्टम, कैफेटेरिया और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध हैं।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / प्रिंस पाण्डेय

Share this story