शिक्षा पूरे समाज की सामूहिक जिम्मेदारी, केवल विभाग या व्यक्ति की नहीं : केंद्रीय मंत्री जयंत चौधरी
सूरत, 10 जुलाई (हि.स.)। केंद्रीय शिक्षा राज्य मंत्री जयंत चौधरी ने कहा कि शिक्षा किसी एक विभाग या व्यक्ति की जिम्मेदारी नहीं बल्कि पूरे समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने शिक्षकों से विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास पर विशेष ध्यान देने का आह्वान करते हुए कहा कि शिक्षक केवल ज्ञान देने वाले नहीं, बल्कि समाज के भविष्य का निर्माण करने वाले पथप्रदर्शक हैं।
सूरत के पाल स्थित संजीवकुमार ऑडिटोरियम में जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय, सूरत एवं एसआरके नॉलेज फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित ‘शिक्षा के शिल्पकार’ सम्मान समारोह को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री ने सम्मानित प्राचार्यों और शिक्षकों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि शिक्षण विश्व के सबसे श्रेष्ठ व्यवसायों में से एक है और शिक्षक अपने धैर्य, समर्पण तथा कर्तव्यनिष्ठा से विद्यार्थियों के व्यक्तित्व निर्माण के साथ समाज के उत्थान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
जयंत चौधरी ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) विद्यार्थियों को केवल पुस्तकीय ज्ञान तक सीमित नहीं रखती बल्कि व्यवहारिक और कौशल आधारित शिक्षा पर भी समान रूप से बल देती है। इससे युवा अपनी प्रतिभा के अनुरूप आगे बढ़कर विकसित भारत के निर्माण में योगदान दे सकेंगे। उन्होंने शिक्षकों से आग्रह किया कि वे विद्यार्थियों के मित्र बनें, उन्हें पढ़ाई और परीक्षा के अनावश्यक तनाव से बाहर निकालें तथा सकारात्मक और प्रेरणादायी शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराएं।
कार्यक्रम में गुजरात बोर्ड सहित विभिन्न शिक्षा बोर्डों में शत-प्रतिशत परिणाम देने वाली 365 स्कूलों के प्राचार्यों, परीक्षा में लेखक (लहिया) के रूप में सेवा देने वाले 69 विद्यार्थियों तथा अनुदानित माध्यमिक एवं उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों के 163 शिक्षकों को पूर्ण वेतन आदेश पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर राज्यसभा सांसद गोविंदभाई ढोलकिया, पुलिस आयुक्त वाबांग जामीर, वीएनएसजीयू के कुलपति डॉ. किशोरसिंह चावड़ा, सांसद मनु रवि (तेलंगाना), लोकसभा सदस्य रूपकुमारी (छत्तीसगढ़), जिला शिक्षा अधिकारी डॉ. भागीरथसिंह परमार, एसआरके फाउंडेशन के पदाधिकारी, विभिन्न विद्यालयों के प्राचार्य, शिक्षक तथा बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।
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हिन्दुस्थान समाचार / यजुवेंद्र दुबे

