पवित्र धामाें की शीतकालीन गद्दियाें पर अब तक 17349 श्रद्धालुओं ने किये दर्शन
वर्ष 2026 की यात्रा बनेगी आध्यात्मिक पहचान: बीकेटी अध्यक्ष
देहरादून, 01 जनवरी (हि.स.)। उत्तराखंड के चार धामाें की शीतकालीन गद्दी स्थल के अब तक 17,349 श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं। सरकार शीतकालीन यात्रा काे प्राेत्साहित करने के लिए प्रयास कर रही है। बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी का मानना है कि वर्ष 2026 में शीतकालीन यात्रा आध्यात्मिक पहचान बनेगी।
गुरुवार को बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने देश-विदेश के तीर्थयात्रियों को नव वर्ष की शुभकामनाएं देते हुए उन्हें शीतकालीन यात्रा के लिए आमंत्रित किया। दिया। द्विवेदी ने बताया कि 31 दिसंबर तक ज्योतिर्मठ स्थित नृसिंह मंदिर में 4,452 श्रद्धालुओं ने दर्शन किए, जबकि पांडुकेश्वर स्थित योगबदरी धाम में 467 तीर्थयात्री पहुंचे। वहीं भगवान केदारनाथ के शीतकालीन गद्दीस्थल उखीमठ स्थित ओंकारेश्वर मंदिर में 12,430 श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं।
बीकेटीसी अध्यक्ष द्विवेदी ने भगवान बदरीविशाल एवं भगवान केदारनाथ से सभी श्रद्धालुओं के सुख, समृद्धि और कल्याण की कामना की। उन्होंने कहा कि वर्ष 2026 में शीतकालीन यात्रा के लिए बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति की ओर से यात्रा संबंधी कार्य योजनाएं तैयार की जाएंगी।
उन्होंने कहा कि बदरीनाथ-केदारनाथ धाम की परंपराएं, आस्था और सेवा भावना हमारी पहचान हैं। यात्रा वर्ष 2026 के लिए तीर्थयात्रियों की सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण एवं शीतकालीन यात्रा को प्रोत्साहित करने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।
द्विवेदी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास’ के मूल मंत्र को प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आत्मसात किया है। “जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” कार्यक्रम के माध्यम से शासकीय योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक पहुंचाया जा रहा है।
हिन्दुस्थान समाचार / राजेश कुमार

