बादलों के ऊपर उड़ने जैसा था मसूरी का सफर,वादियों पर फिदा हुईं संगीता बिजलानी

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बादलों के ऊपर उड़ने जैसा था मसूरी का सफर,वादियों पर फिदा हुईं संगीता बिजलानी


मसूरी, 19 जुलाई (हि.स.)। बॉलीवुड अभिनेत्री संगीता बिजलानी पहली बार पहाड़ों की रानी मसूरी पहुंचीं और यहां की प्राकृतिक सुंदरता, हरियाली और बादलों से घिरी वादियों को देखकर अभिभूत हो गईं। उन्होंने कहा कि देहरादून से मसूरी तक का सफर उनके जीवन की सबसे खूबसूरत यात्राओं में से एक रहा और ऐसा महसूस हो रहा था मानो वह बादलों के ऊपर तैरते हुए मसूरी पहुंच रही हों।

संगीता बिजलानी ने रविवार को पत्रकारों से बातचीत में कहा कि उन्होंने अपने जीवन में कई खूबसूरत स्थान देखे हैं, लेकिन मसूरी की खूबसूरती अलग ही अनुभव देती है। यहां का मौसम, पहाड़, हरियाली और शांत वातावरण मन को सुकून देने वाला है। पहली बार मसूरी आकर उन्हें बेहद खुशी हुई और यह यात्रा हमेशा उनकी यादों में रहेगी।

उन्होंने मसूरी की प्राकृतिक सुंदरता को संरक्षित रखने की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि प्रकृति ने इस शहर को अनमोल धरोहर दी है, जिसे आने वाली पीढ़ियों के लिए बचाना हम सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छता पर विशेष ध्यान देने की अपील की।

अभिनेत्री ने कहा कि पर्यटन स्थलों की पहचान उनकी प्राकृतिक सुंदरता से होती है, इसलिए स्थानीय लोगों, पर्यटकों और प्रशासन को मिलकर स्वच्छता तथा पर्यावरण संरक्षण के लिए काम करना चाहिए। उन्होंने पहाड़ों में बढ़ते प्रदूषण और अनियोजित विकास को लेकर भी संवेदनशील रहने की जरूरत बताई।

फिल्मों में वापसी के सवाल पर संगीता बिजलानी ने कहा कि फिलहाल ऐसी कोई योजना नहीं है। उन्होंने कहा कि जीवन में कुछ बातें सरप्राइज और रहस्य बनी रहनी चाहिए, क्योंकि यदि सब कुछ पहले से तय और ज्ञात हो जाए तो जिंदगी का रोमांच खत्म हो जाता है।

मसूरी की वादियों से प्रभावित अभिनेत्री ने कहा कि प्रकृति केवल घूमने-फिरने की चीज नहीं, बल्कि जीवन का आधार है। उन्होंने कहा कि मसूरी जैसी खूबसूरत धरोहरों को बचाने के लिए हर व्यक्ति को अपनी जिम्मेदारी निभानी होगी। उनका यह संदेश पर्यटन और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन बनाए रखने की जरूरत को भी रेखांकित करता है।

हिन्दुस्थान समाचार / राजेश कुमार पांडेय

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