उत्तराखंड में अगले पांच दिन बारिश का दौर, कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी
देहरादून, 09 अगस्त (हि.स.)। उत्तराखंड में अगले पांच दिनों तक बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार राज्य के अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश और गरज के साथ बौछारें पड़ सकती हैं। इस दौरान कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है।
राजधानी देहरादून समेत कई स्थानों पर रविवार सुबह बादलों और धूप की लुकाछिपी जारी रही। बादलों की ओट से हल्की धूप निकलने के बीच मौसम सुहावना बना रहा। देहरादून में आंशिक रूप से बादल छाए रहने के साथ हल्की से मध्यम बारिश अथवा गरज के साथ एक-दो दौर की बौछारें पड़ने का अनुमान है। कुछ क्षेत्रों में बारिश के तीव्र दौर भी आ सकते हैं। अधिकतम तापमान करीब 34 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है।
मौसम विभाग के अनुसार रविवार को बागेश्वर, पिथौरागढ़ और चमोली में कहीं-कहीं भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। इन जिलों में आकाशीय बिजली चमकने के साथ बारिश के तीव्र से अत्यंत तीव्र दौर आने की भी संभावना है। देहरादून, टिहरी, रुद्रप्रयाग, नैनीताल और चम्पावत में भी कहीं-कहीं भारी बारिश हो सकती है।
10 अगस्त को देहरादून, बागेश्वर, नैनीताल और चम्पावत में कहीं-कहीं भारी से बहुत भारी बारिश, जबकि उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, टिहरी, पौड़ी, पिथौरागढ़ और ऊधमसिंह नगर में भारी बारिश की संभावना है।
11 अगस्त को उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, देहरादून, टिहरी, पौड़ी, नैनीताल और बागेश्वर में कहीं-कहीं भारी बारिश हो सकती है। 12 अगस्त को देहरादून, टिहरी और बागेश्वर, जबकि 13 अगस्त को टिहरी, पिथौरागढ़ और चम्पावत में भारी बारिश का अनुमान है।
पिछले 24 घंटों में राज्य के कई हिस्सों में उल्लेखनीय बारिश दर्ज की गई। लोहाड़खेत में 139 मिमी, शामा में 113 मिमी, सोंग में 128 मिमी, लिटी में 99 मिमी, बंगापानी में 82 मिमी और धारचूला में 43 मिमी बारिश रिकॉर्ड हुई।
मौसम विभाग ने 9 और 10 अगस्त के दौरान भूस्खलन, चट्टान गिरने, सड़क एवं राजमार्ग बाधित होने तथा नदियों-नालों के जलस्तर में तेजी से वृद्धि की आशंका जताई है। कुछ स्थानों पर अचानक बाढ़ की स्थिति भी बन सकती है। संवेदनशील पर्वतीय क्षेत्रों में लोगों और यात्रियों को सतर्क रहने तथा भारी बारिश के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी गई है।
उत्तराखंड में लगातार बारिश के बीच कई नदियों का जलस्तर बढ़ा हुआ है। केंद्रीय जल आयोग की रविवार सुबह 10 बजे की रिपोर्ट के अनुसार अलकनंदा नदी श्रीनगर में 627.80 मीटर पर बह रही है, जो खतरे के निशान 627 मीटर से ऊपर है। वहीं मंदाकिनी नदी रुद्रप्रयाग में 624.70 मीटर दर्ज की गई है।
रिपोर्ट के अनुसार टोंस नदी टोंस क्षेत्र में 773 मीटर पर है जबकि यमुना नदी डाकपत्थर में 338.90 मीटर और अन्य स्थानों पर भी जलस्तर बढ़ा हुआ दर्ज किया गया है।
हरिद्वार क्षेत्र में भी गंगा और उसकी सहायक धाराओं में जलस्तर बढ़ा है। रिपोर्ट में गंगा नदी हरिद्वार में 1120.40 मीटर, जबकि अन्य निगरानी स्थलों पर भी जलस्तर दर्ज किया गया है। केंद्रीय जल आयोग की रिपोर्ट के मुताबिक विभिन्न जलाशयों और नदी निगरानी केंद्रों से भी जलस्तर एवं डिस्चार्ज की स्थिति दर्ज की गई है।
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हिन्दुस्थान समाचार / राजेश कुमार पांडेय

