अमित शाह ने उत्तराखंड में ई-जीरो एफआईआर प्रणाली की शुरुआत की, शरणार्थियों को नागरिकता प्रमाण पत्र दिए

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अमित शाह ने उत्तराखंड में ई-जीरो एफआईआर प्रणाली की शुरुआत की, शरणार्थियों को नागरिकता प्रमाण पत्र दिए


अमित शाह ने उत्तराखंड में ई-जीरो एफआईआर प्रणाली की शुरुआत की, शरणार्थियों को नागरिकता प्रमाण पत्र दिए


अमित शाह ने उत्तराखंड में ई-जीरो एफआईआर प्रणाली की शुरुआत की, शरणार्थियों को नागरिकता प्रमाण पत्र दिए


हरिद्वार, 07 मार्च (हि.स.)। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह शनिवार को उत्तराखंड के हरिद्वार स्थित बैरागी कैम्प में आयोजित राज्य सरकार के 4 वर्ष पूर्ण होने पर आयोजित कार्यक्रम में शामिल हुए। यहां उन्होंने ई-जीरो एफआईआर प्रणाली की शुरुआत की और 1100 करोड़ रुपये से अधिक की कई परियोजनाओं का शिलान्यास व लोकार्पण किया। इसके बाद नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के तहत तीन पाकिस्तानी और एक अफगानिस्तानी शरणार्थी को भारतीय नागरिकता के प्रमाण पत्र सौंपे।

प्रमाण पत्र पाने वालों में पाकिस्तान के बलूचिस्तान स्थित सिद्धपीठ हिंगलाज माता मंदिर के पुजारी परिवार से जुड़े शैलेश, पाकिस्तान के भट्टाग्राम से आए जसपाल कुमार, कराची से आईं दुर्गानाथ टी. राजपूत और अफगानिस्तान से आईं हंसेरी बाई के नाम शामिल रहे।

अमित शाह ने कहा कि जब वे सीएए कानून लेकर आए थे, तब विपक्षी पार्टियों के नेताओं ने खूब हो-हल्ला किया था। शाह ने कहा कि वे आज फिर से कहना चाहते हैं कि बांग्लादेश, पाकिस्तान, अफगानिस्तान से आए हिन्दू, सिख, बौद्ध और जैन शरणार्थियों का इस देश पर उतना ही अधिकार है जितना इस देश पर यहां के नागरिकों का अधिकार है।

केंद्रीय गृह मंत्री ने उत्तराखंड पुलिस में नव नियुक्त 100 आरक्षियों को नियुक्ति पत्र भी प्रदान किए, जिसमें से अमन सिंह, आकाश, अभय चौहान, अर्जुन नाथ गोस्वामी व योगेश नाथ ने मंच से नियुक्ति पत्र प्राप्त किए।

कार्यक्रम के दौरान गृहमंत्री ने उत्तराखंड में ई जीरो एफआईआर प्रणाली का भी शुभारंभ किया। भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 173 के अंतर्गत शुरू की जा रही ई-जीरो एफआईआर प्रणाली विशेष रूप से एक लाख से अधिक की वित्तीय साइबर धोखाधड़ी के पीड़ितों को त्वरित सहायता प्रदान करने के उद्देश्य से विकसित की गई है। अब 1930 हेल्पलाइन या नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल पर प्राप्त शिकायतें देहरादून स्थित राज्य साइबर पुलिस स्टेशन में ई-जीरो एफआईआर के रूप में पंजीकृत होंगी और तत्पश्चात सीसीटीएनएस के माध्यम से संबंधित थाने को तत्काल प्रेषित की जाएंगी। इससे पुलिस को गोल्डन ऑवर में तुरंत कार्रवाई करने, साक्ष्य संकलन प्रारम्भ करने तथा संदिग्ध लेन-देन को फ्रीज़ करने में सहायता मिलेगी।

इस मौके पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के भाषणों के संकलन पर आधारित गिरजा शंकर जोशी की पुस्तक ‘विकल्प रहित संकल्प’ का विमोचन भी किया गया।

प्रदर्शनी का उद्घाटन

केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने बैरागी कैम्प में उत्तराखंड सरकार की ओर से ''नूतन न्याय संहिता'' विषय पर आयोजित राज्यस्तरीय प्रदर्शनी और उत्तराखंड के विकास पर आधारित प्रदर्शनी का उद्घाटन किया।

पहली प्रदर्शनी नए आपराधिक कानून भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन एवं जनजागरूकता के उद्देश्य से आयोजित की जा रही है। यह प्रदर्शनी आम नागरिकों, अधिवक्ताओं, पुलिस अधिकारियों, अभियोजन अधिकारियों सहित सभी हितधारकों को आधुनिक आपराधिक न्याय प्रणाली से अवगत कराने के उद्देश्य से आयोजित की गई है। प्रदर्शनी में न्याय संहिताओं की प्रमुख विशेषताओं को प्रस्तुत किया गया है। इसमें समयबद्ध जांच एवं चार्जशीट की अनिवार्यता, जीरो एफआईआर, ई-एफआईआर की व्यवस्था, सात वर्ष से अधिक दंडनीय अपराधों में अनिवार्य फॉरेंसिक जांच, इलेक्ट्रॉनिक एवं डिजिटल साक्ष्यों की वैधता, महिलाओं एवं बच्चों के विरुद्ध अपराधों के लिए सशक्त प्रावधान सभी प्रमुख विशेषताएं शामिल हैं। प्रदर्शनी 9 मार्च तक जारी रहेगी।

केंद्रीय मंत्री शाह ने बैरागी कैम्प में उत्तराखंड सरकार की विकास परख उपलब्धियों पर आधारित विकास प्रदर्शनी का भी उद्घाटन किया। उन्होंने अलग-अलग स्टॉल पर जाकर विकास प्रदर्शनी का अवलोकन किया। यह प्रदर्शनी मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार की ओर से बीते चार वर्षों में किए गए विकास कार्यों, जनकल्याणकारी योजनाओं और लिए गए ऐतिहासिक निर्णयों पर आधारित है। इसमें बुनियादी ढांचे का विकास, सड़क एवं संपर्क मार्गों का सुदृढ़ीकरण, स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार, शिक्षा क्षेत्र में सुधार, निवेश प्रोत्साहन, पर्यटन विकास, धार्मिक और सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण तथा सीमांत क्षेत्रों के विकास से जुड़े महत्वपूर्ण कार्यों को प्रमुखता से दर्शाया गया है।

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हिन्दुस्थान समाचार / डॉ.रजनीकांत शुक्ला

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