केदारताल ट्रैक पर फंसे सात ट्रैकरों की तलाश जारी, दोबारा शुरू होगा ग्राउंड सर्च अभियान
-मौसम खराब होने से हेली रैकी प्रभावित, एनडीआरएफ और निम की टीमें बचाव अभियान में जुटीं
देहरादून, 01 नवंबर (हि.स.)। उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले के केदारताल ट्रैक पर हिमस्खलन और भारी बर्फबारी के कारण फंसे सात ट्रैकरों की तलाश के लिए बचाव अभियान लगातार जारी है। रविवार को यूकाड़ा के हेलीकॉप्टर से एसडीआरएफ के जवान को साथ लेकर घटनास्थल की दो बार सघन हवाई रैकी की गई, लेकिन ट्रैकरों का कोई पता नहीं चल सका। खराब मौसम के कारण हवाई तलाशी अभियान कुछ समय के लिए रोकना पड़ा। मौसम अनुकूल होने पर इसे दोबारा शुरू किया जाएगा।
राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र से रविवार शाम जारी रिपोर्ट के अनुसार, 12 सदस्यीय दल 27 अक्टूबर को वन विभाग से अनुमति लेकर गंगोत्री से केदारताल ट्रैक के लिए रवाना हुआ था। दल में सात ट्रैकर, एक गाइड, एक रसोइया और तीन पोर्टर शामिल थे। सभी की 29 अक्टूबर को गंगोत्री वापसी प्रस्तावित थी, लेकिन मौसम खराब होने और अत्यधिक बर्फबारी तथा हिमस्खलन के कारण दल भोजखड़क के समीप फंस गया।
सूचना मिलने के बाद जिला प्रशासन ने 31 अक्टूबर को एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, वन विभाग, स्थानीय पुलिस और संबंधित ट्रैवल एजेंसी के साथ संयुक्त बचाव अभियान शुरू किया। बचाव दल ने रास्ते में जगह-जगह जमा बर्फ हटाकर आगे बढ़ने के लिए रास्ता बनाया। इस दौरान कच्ची ढांग के समीप से तीन पोर्टर और एक रसोइये सहित चार लोगों को सुरक्षित बाहर निकालकर 31 अक्टूबर को गंगोत्री पहुंचाया गया।
हालांकि, आगे के रास्ते में भारी बर्फबारी और हिमस्खलन के कारण ट्रैक अवरुद्ध होने से बचाव दल आगे नहीं बढ़ सका। शनिवार को भी हेलीकॉप्टर से केदारताल के मध्यवर्ती क्षेत्र में हवाई रैकी की गई थी, लेकिन कोई ट्रैकर या उनका सामान दिखाई नहीं दिया।
रविवार को एनडीआरएफ की एक विशेष माउंटेन रेस्क्यू टीम, चिकित्सकों और ट्रैकिंग एजेंसी सोल सीकर के चार सदस्यों की पैदल बचाव टीम गंगोत्री से घटनास्थल के लिए रवाना की गई। खराब मौसम और ट्रैक पर भारी बर्फबारी के कारण टीम को भी रास्ते में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
आपातकालीन परिचालन केंद्र के अनुसार, दो नवंबर की सुबह हेलीकॉप्टर से एसडीआरएफ के पांच सदस्यीय हाई एल्टीट्यूड रेस्क्यू दल और नेहरू पर्वतारोहण संस्थान (निम) के चार सदस्यों को संबंधित क्षेत्र में उतारने की योजना है। इसके बाद दोबारा जमीनी स्तर पर तलाशी अभियान शुरू किया जाएगा। रविवार को निम के पांच सदस्यों को भी हर्षिल के लिए रवाना किया गया।
हर्षिल हेलीपैड पर गंगोत्री राष्ट्रीय उद्यान के उप निदेशक, पुलिस, सेना, चिकित्सा और राजस्व विभाग की टीमें तैनात हैं। जिलाधिकारी और जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी पूरे अभियान की लगातार निगरानी कर रहे हैं। संबंधित विभागों को अलर्ट मोड पर रखा गया है।
लापता सदस्य:
लापता ट्रैकरों में पश्चिम बंगाल के बांकुड़ा जिले के तपस बाउरी (30), रतन घोष (23), मनोज खोवास (39), रिंटू मंडल (40) और उदय घोष (30) शामिल हैं। इनके अलावा लखनऊ की वर्तिका वर्मा (28) और दीपिका वर्मा (29) भी लापता हैं। दल के गाइड उत्तरकाशी के सिद्धार्थ राणा (25) भी लापता बताए गए हैं।
चार सदस्य सुरक्षित निकाले गए:
बचाव दल ने 31 अक्टूबर को रसोइये रोहन राणा (उत्तरकाशी) और नेपाल के तीन पोर्टर नयन बहादुर सिंह, हरि बहादुर साही तथा दीपक सिंह को सुरक्षित निकाल लिया था।
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हिन्दुस्थान समाचार / राजेश कुमार पांडेय

