पिथौरागढ़ में भारत-मंगोलिया संयुक्त सैन्य अभ्यास ‘नोमैडिक एलिफेंट-2026’ संपन्न
पिथौरागढ़, 04 अक्टूबर (हि.स.)। भारतीय सेना और मंगोलियाई सेना के बीच संयुक्त सैन्य अभ्यास ‘नोमैडिक एलिफेंट-2026’ का 18 वां संस्करण पिथौरागढ़ में संपन्न हुआ। 20 सितंबर से तीन अक्टूबर तक चले इस अभ्यास का उद्देश्य दोनों सेनाओं के बीच आपसी तालमेल और समझ को बेहतर बनाने के साथ दोनों देशों के बीच लंबे समय से चले आ रहे मैत्रीपूर्ण और रक्षा संबंधों को और मजबूत करना था।
अभ्यास के दौरान भारत और मंगोलिया की सैन्य टुकड़ियों ने एक साथ प्रशिक्षण लिया और विभिन्न परिचालन परिस्थितियों में संयुक्त रूप से कार्य करने की क्षमता को परखा। दोनों पक्षों ने अपने ऑपरेशनल अनुभव, प्रशिक्षण पद्धतियों और बेहतर कार्यप्रणालियों को साझा किया। इससे संयुक्त वातावरण में काम करने के लिए दोनों सेनाओं के बीच समन्वय और आपसी समझ को बढ़ाने में मदद मिली।
संयुक्त सैन्य अभ्यास को तीन चरणों में आयोजित किया गया। पहले चरण में 20 से 23 सितंबर तक ‘इंटीग्रेशन’ के तहत दोनों देशों के सैनिकों ने एक-दूसरे की परिचालन प्रक्रियाओं, प्रशिक्षण पद्धतियों और कार्यप्रणाली को समझा। इस दौरान दोनों टुकड़ियों के बीच समन्वय विकसित करने पर विशेष ध्यान दिया गया। दूसरे चरण में 24 से 30 सितंबर तक संयुक्त प्रशिक्षण गतिविधियां और कॉम्बैट ड्रिल आयोजित की गईं। सैनिकों ने विभिन्न सामरिक परिस्थितियों में संयुक्त रूप से अभ्यास किया और अभियान के दौरान आवश्यक तालमेल को मजबूत किया।
अंतिम चरण में एक और दो अक्टूबर को‘वैलिडेशन एक्सरसाइज’आयोजित की गई। इसमें दोनों देशों के सैनिकों ने पहले चरणों में प्राप्त प्रशिक्षण और कौशल को एकीकृत संयुक्त अभ्यास के माध्यम से परखा। इस चरण का उद्देश्य संयुक्त प्रशिक्षण के दौरान विकसित परिचालन क्षमताओं का मूल्यांकन करना था। अभ्यास के दौरान दोनों सैन्य टुकड़ियों ने विभिन्न प्रकार की प्रशिक्षण गतिविधियों में भाग लिया। इनमें सामरिक अभ्यास, खुफिया एवं निगरानी गतिविधियां, तकनीकी प्रदर्शन, हेलीबोर्न ऑपरेशन, घायल सैनिकों के प्रबंधन एवं निकासी, निशानेबाजी और विशेष सैन्य कौशल शामिल रहे।
इसके अलावा सैनिकों को ड्रोन संचालन और साइबर सुरक्षा से संबंधित गतिविधियों में भी प्रशिक्षण दिया गया। इन गतिविधियों के जरिए बदलती परिचालन परिस्थितियों में तकनीक के प्रभावी इस्तेमाल और संयुक्त अभियान के दौरान बेहतर समन्वय पर जोर दिया गया।
अभ्यास ने दोनों देशों की सेनाओं के जवानों को अपने परिचालन अनुभव साझा करने का अवसर दिया। दोनों टुकड़ियों ने प्रशिक्षण के दौरान अपनाई गई बेहतर कार्यप्रणालियों को एक-दूसरे के साथ साझा किया। इससे संयुक्त वातावरण में काम करने की क्षमता विकसित करने और सैन्य प्रक्रियाओं की आपसी समझ बढ़ाने में मदद मिली। अभ्यास के दौरान खेल गतिविधियों का भी आयोजन किया गया। इनमें दोनों देशों के सैनिकों ने भाग लिया। खेलों के माध्यम से सैनिकों के बीच आपसी मेलजोल, मित्रता और सौहार्द को बढ़ावा दिया गया।
तीन अक्टूबर को आयोजित समापन समारोह में अभ्यास की उपलब्धियों और प्रशिक्षण गतिविधियों का अवलोकन किया गया। समारोह के दौरान भारत और मंगोलिया की समृद्ध सैन्य एवं सांस्कृतिक विरासत का प्रदर्शन भी किया गया। इससे दोनों देशों के बीच ऐतिहासिक मैत्रीपूर्ण संबंधों और आपसी सम्मान की भावना को रेखांकित किया गया।
‘नोमैडिक एलिफेंट’ का 18वां संस्करण भारत और मंगोलिया के बीच रक्षा सहयोग को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण अभ्यास रहा। संयुक्त प्रशिक्षण और अनुभवों के आदान-प्रदान से दोनों सेनाओं के बीच परिचालन तालमेल, आपसी समझ और संयुक्त रूप से कार्य करने की क्षमता को बढ़ावा मिला।
रक्षा मंत्रालय के अनुसार, इस अभ्यास ने दोनों देशों की सेनाओं को एक-दूसरे की कार्यप्रणाली को समझने और संयुक्त अभियानों के दौरान प्रभावी समन्वय विकसित करने का अवसर दिया। अभ्यास के सफल समापन से भारत और मंगोलिया के बीच रक्षा सहयोग तथा सैन्य संबंधों को और मजबूती मिली।
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हिन्दुस्थान समाचार / राजेश कुमार पांडेय

