उत्तराखंड में 26 जुलाई तक भारी बारिश का अलर्ट, मसूरी मार्ग और केदारनाथ पैदल मार्ग प्रभावित
देहरादून, 22 जुलाई (हि.स.)। उत्तराखंड में अगले कुछ दिनों तक मानसून के सक्रिय रहने के आसार हैं। मौसम विभाग ने 22 से 26 जुलाई तक राज्य के विभिन्न जिलों में भारी बारिश, गर्जन और आकाशीय बिजली की चेतावनी जारी की है। लगातार हो रही वर्षा के कारण मसूरी-देहरादून मार्ग पर भूस्खलन और केदारनाथ पैदल मार्ग पर मलबा आने से आवाजाही प्रभावित हुई है।
मौसम विभाग के अनुसार, बुधवार को उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, नैनीताल, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जिलों में कहीं-कहीं भारी वर्षा की संभावना है। पर्वतीय क्षेत्रों में गर्जन, आकाशीय बिजली और वर्षा के तीव्र से अति तीव्र दौर की भी चेतावनी जारी की गई है। 23 जुलाई को देहरादून, बागेश्वर, चमोली और पिथौरागढ़, 24 जुलाई को देहरादून, रुद्रप्रयाग, बागेश्वर, पिथौरागढ़ और नैनीताल, 25 जुलाई को देहरादून, बागेश्वर, रुद्रप्रयाग, चमोली, टिहरी और नैनीताल तथा 26 जुलाई को उत्तरकाशी, देहरादून और पिथौरागढ़ जिलों में कहीं-कहीं भारी वर्षा होने की संभावना जताई गई है।
सात दिन के पूर्वानुमान के अनुसार 24 से 28 जुलाई तक राज्य के अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम वर्षा का दौर जारी रहने की संभावना है। विभाग ने भूस्खलन, चट्टान गिरने और जलभराव की आशंका को देखते हुए लोगों से सतर्क रहने और अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी है। पिछले 24 घंटों के दौरान लोहारखेत में 81 मिमी, मसूरी में 47.3 मिमी, उत्तरकाशी में 44 मिमी, पिथौरागढ़ में 35.4 मिमी और देहरादून में 27 मिमी वर्षा दर्ज की गई।
लगातार बारिश के कारण मसूरी-देहरादून मार्ग पर पानी वाले बैंड के पास भूस्खलन होने से सड़क पर भारी मलबा और पेड़ गिर गए, जिससे मार्ग पर यातायात पूरी तरह बाधित हो गया। दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। सूचना मिलने पर लोक निर्माण विभाग की टीम जेसीबी मशीनों के साथ मौके पर पहुंची और मलबा हटाकर मार्ग को सुचारु करने का कार्य शुरू किया। प्रशासन ने यात्रियों से मार्ग खुलने तक अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है।
दून-मसूरी मार्ग के क्षतिग्रस्त हिस्से का मंत्री गणेश जोशी ने किया निरीक्षण,पुनर्निर्माण में तेजी के निर्देश
कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने बुधवार को अतिवृष्टि के कारण देहरादून-मसूरी मुख्य मार्ग पर पानी वाले बैंड के समीप क्षतिग्रस्त हुए हिस्से का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने मौके पर पहुंचकर मार्ग की स्थिति का जायजा लिया और जिला प्रशासन एवं लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के अधिकारियों से पुनर्निर्माण कार्य की प्रगति की जानकारी ली।
निरीक्षण के दौरान मंत्री गणेश जोशी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि मार्ग के पुनर्निर्माण कार्य को सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ युद्धस्तर पर पूरा किया जाए, ताकि देहरादून और मसूरी के बीच यातायात व्यवस्था जल्द से जल्द सामान्य हो सके।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि संवेदनशील स्थानों पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाएं और कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए। मंत्री ने कहा कि आमजन और पर्यटकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए सड़क को शीघ्र सुचारु करना सरकार की प्राथमिकता है।
उधर, रुद्रप्रयाग जिले में गौरीकुंड से लगभग एक किलोमीटर आगे छोड़ी के समीप केदारनाथ पैदल मार्ग पर पत्थर और मलबा आने से बुधवार सुबह मार्ग अस्थायी रूप से बाधित हो गया। जिला प्रशासन ने श्रद्धालुओं की सुरक्षा को देखते हुए उन्हें सुरक्षित स्थानों पर रोक दिया है।
जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदन सिंह रजवार ने बताया कि संबंधित विभागों के समन्वय से युद्धस्तर पर मलबा हटाने और मार्ग खोलने का कार्य किया जा रहा है। मौके पर डीडीआरएफ, आपदा मित्र सहित अन्य पुलिस की टीमें राहत एवं सुरक्षा कार्यों में जुटी हैं, जबकि एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमों को भी अलर्ट पर रखा गया है। प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अफवाहों पर ध्यान न देने और आधिकारिक निर्देशों का पालन करने की अपील की है।
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हिन्दुस्थान समाचार / राजेश कुमार पांडेय

