फिल्मी सितारों को नहीं, माता-पिता और महापुरुषों को बनाएं रोल मॉडल' : स्वामी रामदेव
हरिद्वार, 29 जुलाई (हि.स.)। पतंजलि योगपीठ के फेज-दो स्थित योग भवन में गुरु पूर्णिमा पर आचार्यकुलम् में वैदिक रीति से 1176 विद्यार्थियों का उपनयन व वेदारंभ संस्कार हुआ। वहीं योग भवन में 111 कुण्डीय महायज्ञ का आयोजन किया गया, जिसमें स्वामी रामदेव और आचार्य बालकृष्ण का आशीर्वाद लेने हजारों शिष्य पहुंचे। यज्ञ-हवन से पूरा वातावरण भावमय रहाा।
इस अवसर पर योग गुरु स्वामी रामदेव ने कहा कि हमारी संस्कृति में गुरु को साक्षात ब्रह्मस्वरूप माना गया है। आचार्यकुलम् सहित पतंजलि के सभी शिक्षा प्रकल्प गुरु-शिष्य परंपरा के अधिष्ठान हैं। उन्होंने कहा कि कुछ मूर्ख गुरु-शिष्य परंपरा को गुरु की गुलामी कहते हैं, जबकि खुद वे नशा और विलासिता की गुलामी में जीते हैं।
फिल्मी गीतों पर प्रहार करते हुए स्वामी रामदेव ने कहा कि नालायकों को अपना नायक मत बनाओ। फिल्मी डायलॉग मत बोलो। जिस दिन हम वेदों के मंत्र गुनगुनाने लगेंगे उस दिन धरती सज जाएगी। उन्होंने युवाओं से कहा कि फिल्मी सितारों को रोल मॉडल मत मानो। हमारे आदर्श श्रीराम,कृष्ण, ऋषि-ऋषिकाएं और वीर-वीरांगनाएं हैं। घर में सबसे बड़े रोल मॉडल माता-पिता, दादा-दादी हैं। उनकी वजह से ही हम यहां हैं।
इस अवसर पर आचार्य बालकृष्ण ने स्वामी रामदेव के चरण छूकर आशीर्वाद लिया और कहा कि गुरु पूर्णिमा सकारात्मकता का पर्व है। गुरु ज्ञान सत्य के मार्ग पर ले जाता है। कार्यक्रम में डॉ.ऋतंभरा शास्त्री,स्वाति मुंशी,डॉ.एनपी सिंह,अवध ओझा सहित पतंजलि के सभी प्रमुख,आचार्य और विद्यार्थी उपस्थित रहे।---------------
हिन्दुस्थान समाचार / डॉ.रजनीकांत शुक्ला

