ऑपरेशन क्रैकडाउन: फर्जी दस्तावेजों के सहारे दून में रह रहीं तीन विदेशी महिलाएं गिरफ्तार

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ऑपरेशन क्रैकडाउन: फर्जी दस्तावेजों के सहारे दून में रह रहीं तीन विदेशी महिलाएं गिरफ्तार


देहरादून, 29 मार्च (हि.स.)। उत्तराखंड में संदिग्ध और अवैध रूप से रह रहे बाहरी व्यक्तियों के खिलाफ चलाए जा रहे 'ऑपरेशन क्रैकडाउन' के तहत दून पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने फर्जी भारतीय दस्तावेजों के आधार पर अवैध रूप से रह रही तीन विदेशी महिलाओं को गिरफ्तार किया है। इनमें एक महिला किर्गिस्तान तथा दो महिलाएं उज्बेकिस्तान की निवासी हैं।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक परमेन्द्र डोभाल के निर्देश पर चलाए जा रहे सघन सत्यापन अभियान के दौरान 28 मार्च को रायपुर थाना क्षेत्र स्थित सांई कॉम्पलैक्स के एक फ्लैट में तीनों महिलाएं संदिग्ध अवस्था में पाई गईं। वैध दस्तावेज मांगने पर वे कोई प्रमाण प्रस्तुत नहीं कर सकीं, जिसके बाद पुलिस ने उन्हें हिरासत में लेकर पूछताछ की।

पूछताछ में सामने आया कि किर्गिस्तान की निवासी ईरीका वर्ष 2023 में एक वर्ष के वीजा पर भारत आई थी, लेकिन वीजा समाप्त होने के बाद वापस नहीं लौटी और अवैध रूप से रह रही थी। वहीं उज्बेकिस्तान की निवासी करीना और निगोरा वर्ष 2022-23 में नेपाल सीमा के रास्ते अवैध रूप से भारत में प्रवेश कर दिल्ली समेत विभिन्न स्थानों पर रह चुकी हैं। तीनों की मुलाकात दिल्ली में हुई, जहां उन्होंने अपने परिचितों के माध्यम से फर्जी भारतीय दस्तावेज तैयार कराए।

पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार महिलाओं में से निगोरा को पूर्व में बिहार पुलिस की ओर से भी फर्जी दस्तावेजों के आधार पर अवैध निवास के मामले में गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। जमानत पर रिहा होने के बाद भी वह देश नहीं लौटी और पुनः अवैध रूप से भारत में रह रही थी। तलाशी के दौरान पुलिस ने इनके कब्जे से एक पासपोर्ट, तीन आधार कार्ड, दो पैन कार्ड, एक किर्गिस्तान आई-कार्ड, बैंक पासबुक, सात मोबाइल फोन और विदेशी मुद्रा बरामद की है।

तीनों आरोपितों के खिलाफ थाना रायपुर में भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं और इमिग्रेशन एंड फॉरेनर्स एक्ट 2025 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस को पूछताछ में फर्जी दस्तावेज तैयार कराने में शामिल अन्य व्यक्तियों की जानकारी भी मिली है, जिनके खिलाफ आगे की कार्रवाई की जा रही है।

पुलिस ने बताया कि पिछले छह से सात माह से तीनों महिलाएं देहरादून में अलग-अलग स्थानों पर रह रही थीं। अभियान के तहत संदिग्ध व्यक्तियों की पहचान और सत्यापन की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।

हिन्दुस्थान समाचार / राजेश कुमार पांडेय

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