हरियाणा में ‘वीजा फ्रॉड से बचें’ अभियान शुरू, यूके ने दी फर्जीवाड़े से सतर्क रहने की सलाह

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सोनीपत, 26 फरवरी (हि.स.)। यूनाइटेड किंगडम ने भारतीय नागरिकों को वीजा धोखाधड़ी और अनियमित प्रवासन के जोखिमों से बचाने के लिए ‘वीजा फ्रॉड से बचें’ अभियान का विस्तार हरियाणा में किया है। इस पहल का उद्देश्य लोगों को शारीरिक, आर्थिक और भावनात्मक नुकसान से बचाना है, जो फर्जी वीजा मामलों के कारण हो सकते हैं।

अभियान की शुरुआत सोनीपत में आयोजित कार्यक्रम में की गई, जिसमें हरियाणा के राज्य मंत्री (युवा सशक्तिकरण एवं उद्यमिता) गौरव गौतम और साइमन रिडली (यूके होम ऑफिस के कार्यवाहक स्थायी सचिव) उपस्थित रहे। यह अभियान विशेष रूप से अंबाला, कैथल, करनाल और कुरुक्षेत्र जिलों पर केंद्रित रहेगा और राज्य सरकार के सहयोग से चलाया जाएगा।

व्हाट्सऐप चैटबॉट के जरिए जागरूकता

अभियान के तहत यूके जाने की योजना बना रहे लोगों को जानकारी सत्यापित करने और सतर्क रहने की सलाह दी गई है। इसके लिए एक समर्पित व्हाट्सऐप चैटबॉट (+91 70652 51380) भी शुरू किया गया है, जहां लोग आधिकारिक और प्रमाणित जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

अधिकारियों ने लोगों को उन आम झूठे दावों से सावधान रहने को कहा है, जैसे—वीजा की गारंटी, यूके में पक्की नौकरी का वादा, आईईएलटीएस (IELTS) जैसी अंग्रेजी भाषा परीक्षा की आवश्यकता न होना, या अत्यधिक शुल्क की मांग।

तीसरा राज्य बना हरियाणा

हरियाणा, भारत का तीसरा राज्य है जहां यह अभियान शुरू किया गया है। इससे पहले इसे पंजाब और तमिलनाडु में लागू किया जा चुका है।

भारत में ब्रिटिश उच्चायुक्त लिंडी कैमरून ने कहा कि अभियान का विस्तार यह दर्शाता है कि यूनाइटेड किंगडम यह सुनिश्चित करना चाहता है कि संभावित यात्रियों को सटीक और आधिकारिक जानकारी उपलब्ध हो। उन्होंने कहा कि किसी भी आवेदक को धोखेबाजों के जाल में नहीं फंसना चाहिए और केवल सत्यापित माध्यमों का ही उपयोग करना चाहिए।

चंडीगढ़ में ब्रिटिश उप उच्चायुक्त अल्बा स्मेरिग्लियो ने कहा कि शोषण और अनियमित प्रवासन को रोकना भारत और यूके दोनों की साझा प्राथमिकता है। हिंदी-सक्षम व्हाट्सऐप चैटबॉट जैसे उपकरण लोगों को वीजा घोटालों की पहचान करने और उनसे बचने में मदद करेंगे। उन्होंने हरियाणा सरकार और मुख्यमंत्री नायब सैनी के सहयोग के लिए आभार भी व्यक्त किया।

अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि वीजा धोखाधड़ी लोगों को कर्ज और शोषण के जोखिम में डाल देती है। यदि कोई व्यक्ति वीजा धोखाधड़ी में दोषी पाया जाता है, तो उसे यूके यात्रा पर 10 वर्ष तक का प्रतिबंध झेलना पड़ सकता है। मोबिलिटी और माइग्रेशन पार्टनरशिप समझौते के तहत भारत और यूके अनियमित प्रवासन और वीजा फर्जीवाड़े से निपटने के लिए संयुक्त रूप से काम कर रहे हैं।

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हिन्दुस्थान समाचार / आकाश कुमार राय

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