लाखों-करोड़ों लेकर नौकरियां बेची जा रहीं : बाबा रामदेव
हरिद्वार, 15 अगस्त (हि.स.)। योगगुरु बाबा रामदेव ने सरकारी भर्तियों में कथित भ्रष्टाचार को लेकर आंदोलन की चेतावनी दी है। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि सरकारी नौकरियों में इंटरव्यू के दौरान घोटाला होता है और लाखों-करोड़ों रुपये लेकर नौकरियां दी जा रही हैं। उन्होंने कहा कि यदि व्यवस्था में समय रहते सुधार नहीं किया गया, तो उन्हें दोबारा आंदोलन के लिए मजबूर होना पड़ सकता है। रामदेव ने दो टूक कहा कि वह अराजकता के पक्ष में नहीं हैं, लेकिन घपलों को नजरअंदाज भी नहीं किया जा सकता।
80वें स्वतंत्रता दिवस पर हरिद्वार स्थित पतंजलि योगपीठ में योगगुरु स्वामी रामदेव और पतंजलि योगपीठ के महामंत्री आचार्य बालकृष्ण ने ध्वजारोहण कर देशवासियों को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं दीं। ध्वजारोहण के पश्चात स्वामी रामदेव ने देशसेवा का संकल्प लेने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति को खुद को राष्ट्र की अभिव्यक्ति मानकर देश के लिए समर्पित रहना चाहिए।
ध्वजारोहण के पश्चात पत्रकारों से बात करते हुए स्वामी रामदेव ने कहा कि आज देश में नफरत और घृणा का माहौल बन गया है। संसद में पक्ष और विपक्ष एक-दूसरे के खिलाफ खड़े हैं। उन्होंने झारखंड में छात्रों के आंदोलन पर कहा कि देश में चारों तरफ हंगामा है। छोटे-छोटे स्कूल और कॉलेजों में बच्चे पढ़ाई के लिए जा रहे हैं, लेकिन वहां शिक्षक, किताब, बिजली, पानी और शौचालय जैसी मूलभूत सुविधाओं की भारी कमी है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकारी नौकरियों में इंटरव्यू के दौरान 90 से 99 प्रतिशत तक घोटाला होता है। जाति, वर्ग और समुदाय के आधार पर नौकरियां बांटी जा रही हैं। यह अपमानजनक है और लोकतंत्र के खिलाफ है। एक ओर हम ‘सत्यमेव जयते’ की बात करते हैं, दूसरी ओर लाखों-करोड़ों रुपये लेकर पहले से तय नौकरियां दी जा रही हैं।
रामदेव ने कहा कि यदि देश में इसी तरह आंदोलन चलते रहे तो देश कैसे चलेगा। अभी भी समय है, सुधर जाओ। नहीं तो स्थिति और बिगड़ सकती है। हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि वह अराजकता का समर्थन नहीं करते, लेकिन यह भी सच है कि देश में घपला बहुत है। इन्हें ठीक करना जरूरी है, वरना उन्हें दोबारा आंदोलन के लिए मजबूर होना पड़ सकता है। उन्होंने ‘जेन जी प्रोटेस्ट’ में शामिल युवाओं पर भी चिंता जताई और कहा कि आजादी के नाम पर कुछ युवा और बेटियां सार्वजनिक स्थानों पर बीड़ी-सिगरेट का धुआं उड़ा रही हैं। आजादी का मतलब अनुशासनहीनता नहीं है।
आचार्य बालकृष्ण ने इस अवसर पर नागरिकों से अपने अधिकारों के साथ कर्तव्यों का निर्वहन करने की बात कही। उन्होंने कहा कि भारत को पुनः विश्व गुरु बनाने के लिए प्रत्येक नागरिक को अपना योगदान देना होगा। देश की एकता, संस्कृति और स्वदेशी को मजबूत करना समय की मांग है।
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हिन्दुस्थान समाचार / डॉ.रजनीकांत शुक्ला

