उत्तराखंड : अंकिता भंडारी प्रकरण में सीबीआई जांच की संस्तुति

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उत्तराखंड : अंकिता भंडारी प्रकरण में सीबीआई जांच की संस्तुति


देहरादून, 09 जनवरी (हि.स.)। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्वर्गीय अंकिता भंडारी के माता–पिता के अनुरोध और उनकी भावनाओं का सम्मान करते हुए इस बहुचर्चित प्रकरण की सीबीआई जांच कराए जाने की संस्तुति प्रदान की है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार आरंभ से ही न्याय सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध रही है और आगे भी पूरी दृढ़ता, निष्पक्षता और संवेदनशीलता के साथ बहन अंकिता को न्याय दिलाने के लिए संकल्पबद्ध रहेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य शुरू से अंत तक निष्पक्ष, पारदर्शी और संवेदनशील तरीके से न्याय सुनिश्चित करना रहा है। स्वर्गीय अंकिता भंडारी के साथ हुई इस अत्यंत दुखद और हृदयविदारक घटना की जानकारी मिलते ही राज्य सरकार ने बिना किसी विलंब के त्वरित और निष्पक्ष कार्रवाई की। मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल एक महिला आईपीएस अधिकारी के नेतृत्व में विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया।

उन्होंने बताया कि प्रकरण से जुड़े सभी अभियुक्तों को शीघ्र गिरफ्तार किया गया और राज्य सरकार की ओर से प्रभावी एवं सशक्त पैरवी सुनिश्चित की गई। इसका परिणाम यह रहा कि विवेचना और ट्रायल की पूरी प्रक्रिया के दौरान किसी भी अभियुक्त को जमानत नहीं मिल सकी। एसआईटी की गहन जांच के पश्चात अभियुक्तों के विरुद्ध चार्जशीट दाखिल की गई और निचली अदालत द्वारा सुनवाई पूर्ण होने पर अभियुक्तों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पूरा प्रकरण इस बात का स्पष्ट प्रमाण है कि राज्य सरकार ने आरंभ से अंत तक निष्पक्षता, पारदर्शिता और दृढ़ता के साथ न्याय सुनिश्चित किया। उन्होंने यह भी बताया कि हाल के दिनों में सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रही कुछ ऑडियो क्लिप्स के संबंध में अलग-अलग एफआईआर दर्ज की गई हैं और उनकी जांच की प्रक्रिया निरंतर जारी है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दो टूक कहा कि सरकार की मंशा पूरी तरह स्पष्ट है और किसी भी तथ्य या साक्ष्य की अनदेखी नहीं की जाएगी। भावुक होते हुए उन्होंने कहा कि अंकिता केवल एक पीड़िता नहीं थी, बल्कि वह हमारी भी बहन और बेटी थी।

मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि हाल ही में उन्होंने स्वयं स्वर्गीय अंकिता भंडारी के माता–पिता से मुलाकात की थी। बातचीत के दौरान उन्होंने इस प्रकरण की सीबीआई जांच कराए जाने का अनुरोध किया, जिसे सरकार ने उनकी भावनाओं का सम्मान करते हुए स्वीकार किया है।

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हिन्दुस्थान समाचार / राजेश कुमार

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