शिप्रा आरती विवाद गहराया, देशभर के तीर्थ पुरोहित उज्जैन में जुटे, आंदोलन की दी चेतावनी

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शिप्रा आरती विवाद गहराया, देशभर के तीर्थ पुरोहित उज्जैन में जुटे, आंदोलन की दी चेतावनी


शिप्रा आरती विवाद गहराया, देशभर के तीर्थ पुरोहित उज्जैन में जुटे, आंदोलन की दी चेतावनी


उज्जैन, 09 सितम्बर (हि.स.)। मध्य प्रदेश के उज्जैन जिले में रामघाट पर मां शिप्रा की पारंपरिक आरती की व्यवस्था को लेकर प्रशासन और तीर्थ पुरोहितों के बीच चल रहा विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है। बुधवार को अयोध्या, नासिक, प्रयागराज, हरिद्वार, त्र्यंबकेश्वर, बैजनाथ धाम और कुरुक्षेत्र समेत देश के प्रमुख तीर्थ क्षेत्रों से आए पुरोहितों ने सुबह मां शिप्रा का पूजन-अभिषेक किया। इसके बाद अखिल भारतीय तीर्थ महासभा की कार्यकारिणी की बैठक में आगे की रणनीति पर चर्चा हुई।

अखिल भारतीय तीर्थ पुरोहित महासभा के अध्यक्ष रामकृष्ण तिवारी ने कहा कि यदि शिप्रा आरती की वर्षों पुरानी परंपरा से समझौता किया गया तो आंदोलन को उज्जैन से बाहर ले जाया जाएगा। उन्होंने दिल्ली के जंतर-मंतर पर आंदोलन करने की चेतावनी भी दी है।

तीर्थ पुरोहितों का आरोप है कि मां शिप्रा की पारंपरिक आरती को धार्मिक परंपरा के बजाय एक ‘इवेंट’ के तौर पर संचालित किया जा रहा है। टेंडर प्रक्रिया के जरिए आरती की व्यवस्था किए जाने पर भी उन्होंने आपत्ति जताई है। पंडित अमर डिब्बेवाला समेत अन्य पुरोहितों का कहना है कि महाकाल मंदिर में विद्या अध्ययन कर रहे बटुकों से आरती कराना और उसे टेंडर व्यवस्था से जोड़ना पारंपरिक आरती के स्वरूप में बदलाव है। पुरोहितों का कहना है कि वे उज्जैन के विकास या बेहतर व्यवस्थाओं के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन सदियों पुरानी तीर्थ परंपराओं में प्रशासनिक हस्तक्षेप स्वीकार नहीं किया जाएगा।

श्री क्षेत्र पंडा समिति के अध्यक्ष राजेश त्रिवेदी के अनुसार, बुधवार शाम शगुन गार्डन में धर्मसभा आयोजित की जाएगी। इसमें देशभर से पहुंचे तीर्थ पुरोहित और प्रतिनिधि शामिल होंगे। धर्मसभा में रामघाट पर शिप्रा आरती की मौजूदा व्यवस्था, महाकाल मंदिर समिति की भूमिका और पारंपरिक आरती में प्रशासनिक हस्तक्षेप के मुद्दे पर चर्चा होगी। पुरोहितों की मांगों पर सुनवाई नहीं होने की स्थिति में आंदोलन को उज्जैन से बाहर ले जाने को लेकर भी निर्णय लिया जा सकता है।

धर्मसभा में शामिल होने के लिए प्रयागराज, मथुरा, अयोध्या, हरिद्वार, नासिक-त्र्यंबकेश्वर, बैजनाथ धाम और रामेश्वरम समेत कई प्रमुख तीर्थ क्षेत्रों से पुरोहित उज्जैन पहुंचे हैं। अखिल भारतीय तीर्थ महासभा के अध्यक्ष पंडित तिवारी के अलावा पंडित नवीन नगर, पंडित मधु चकाहा, पंडित अमित राज पुरोहित, पंडित अनुज मिश्रा, पंडित श्रीकांत वशिष्ठ, पंडित हेरंभ शिकरे, पंडित नुनु भाई मिश्रा, पंडित अरविंद मुरलीधर और पंडित नंदकुमार मिश्रा सहित कई पुरोहित धर्मसभा में शामिल होंगे।

शिप्रा आरती का विवाद मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय की इंदौर खंडपीठ तक पहुंच चुका है। श्री क्षेत्र पंडा समिति, उज्जैन ने याचिका दायर कर पारंपरिक शिप्रा आरती में शासन-प्रशासन के हस्तक्षेप पर रोक लगाने की मांग की है। याचिका में श्री महाकालेश्वर मंदिर समिति पर पारंपरिक आरती में बाधा डालने का आरोप लगाया गया है। समिति ने रामघाट पर पारंपरिक आरती को शांतिपूर्वक जारी रखने की अनुमति देने की मांग भी की है।

दरअसल, शिप्रा आरती को लेकर विवाद करीब एक महीने पहले उस समय शुरू हुआ, जब महाकाल मंदिर समिति की ओर से आए बटुकों से रामघाट पर आरती कराई गई। रामघाट पर वर्षों से पारंपरिक आरती कराने वाले तीर्थ पुरोहितों और पुजारियों ने इसका विरोध किया। अगले दिन पुलिस और पुरोहितों के बीच भी विवाद की स्थिति बनी थी। धक्का-मुक्की के बाद मामला और बढ़ गया। इसके बाद पुरोहितों ने कई बार महाकाल मंदिर समिति के बटुकों द्वारा कराई जा रही आरती का विरोध किया।

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हिन्दुस्थान समाचार / उम्मेद सिंह रावत

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