ट्विशा शर्मा मौत मामला: गिरिबाला सिंह और समर्थ को लेकर घटनास्थल पहुंची सीबीआई, डमी से करेगी सीन रीक्रिएट

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ट्विशा शर्मा मौत मामला: गिरिबाला सिंह और समर्थ को लेकर घटनास्थल पहुंची सीबीआई, डमी से करेगी सीन रीक्रिएट


ट्विशा शर्मा मौत मामला: गिरिबाला सिंह और समर्थ को लेकर घटनास्थल पहुंची सीबीआई, डमी से करेगी सीन रीक्रिएट


- गर्भपात की सलाह देने वाले डॉक्टर को समन, समर्थ की भोपाल-जबलपुर फरारी का खुलासा

भोपाल, 01 जून (हि.स.)। मध्य प्रदेश के चर्चित अभिनेत्री और मॉडल ट्विशा शर्मा की संदिग्ध मौत के मामले में सीबीआई की जांच बेहद तेज और वैज्ञानिक दौर में पहुंच चुकी है। 5 दिनों की संयुक्त रिमांड मिलने के बाद सीबीआई की विशेष जांच टीम सोमवार सुबह रिटायर्ड जज गिरिबाला सिंह और उनके बेटे समर्थ सिंह को लेकर राजधानी भोपाल के चार इमली स्थित क्षेत्रीय कार्यालय से कड़ी सुरक्षा के बीच बागमुगालिया स्थित उनके निजी बंगले यानि घटनास्थल पहुंची।

केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो की टीम ने घटनास्थल पहुंचकर मामले की कड़ियों को आपस में जोड़ने और मौत की असल वजह का पता लगाने के लिए फॉरेंसिक एक्सपर्ट्स की मौजूदगी में 'थ्री-डायमेंशनल रीक्रिएशन' करेगी। इसके लिए ट्विशा के शारीरिक वजन के बराबर, यानी 80 किलोग्राम की एक विशेष डमी यानी पुतले को कमरे में फंदे पर लटकाया जाएगा और फिर उसे नीचे उतारा जाएगा। इस प्रक्रिया के जरिए जांच एजेंसी यह समझने का प्रयास कर रही है कि फंदे की ऊंचाई, झुकाव और शव को उतारने की जो थ्योरी आरोपित समर्थ दे रहा है, वह भौतिक परिस्थितियों से मेल खाती है या नहीं।

सूत्रों के अनुसार, सीन रीक्रिएशन के दौरान सीबीआई टीम ने वारदात के दिन घर और उसके आसपास मौजूद हर संभावित चश्मदीद को बंगले पर तलब किया। घटना के समय ड्यूटी पर तैनात घर के सुरक्षा गार्ड को मौके पर बुलाकर उसके बयानों का मिलान किया जायेगा। कार्रवाई के दौरान समर्थ सिंह का बड़ा भाई भी बंगले में मौजूद है। सीबीआई के अधिकारी दोनों आरोपितों को घर के अलग-अलग कमरों और फिर एक साथ बिठाकर घटना वाले दिन की मिनट-टू-मिनट टाइमलाइन पर सवाल करेंगे, ताकि बयानों को क्रॉस चेक किया जाए।

आरोपित समर्थ सिंह लगातार इस पूरी घटना को आत्महत्या का रूप देने की कोशिश कर रहा है। उसका दावा है कि गर्भपात के बाद ट्विशा गहरे डिप्रेशन में चली गई थी, जिसके चलते उसने यह आत्मघाती कदम उठाया। हालांकि, सीबीआई इस थ्योरी को आसानी से स्वीकार नहीं कर रही है। ट्विशा की प्रेग्नेंसी और मेडिकल हिस्ट्री की सत्यता जांचने के लिए सीबीआई ने उस डॉक्टर को आधिकारिक समन जारी कर तलब किया है, जिसने ट्विशा को गर्भपात की सलाह दी थी। जांच टीम डॉक्टर से यह पता लगाएगी कि क्या गर्भपात के लिए ट्विशा की अपनी सहमति थी या उस पर सास और पति द्वारा कोई शारीरिक या मानसिक दबाव बनाया जा रहा था।

सीबीआई से जुड़े सूत्रों ने बताया कि टीम के हाथ समर्थ की फरारी से जुड़े कई बेहद महत्वपूर्ण और चौंकाने वाले डिजिटल इनपुट्स लगे हैं। कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर), टावर लोकेशन और बैंकिंग ट्रांजेक्शन के विश्लेषण से साफ हुआ है कि 15 मई को पुलिस में औपचारिक एफआईआर दर्ज होने के बाद भी समर्थ तुरंत शहर छोड़कर नहीं भागा था। वह करीब तीन दिनों तक भोपाल में ही छिपकर रहा और कानूनी दांव-पेंच आजमाता रहा। भोपाल से निकलने के बाद समर्थ सीधे जबलपुर पहुंचा, जहां उसने लगभग पांच दिनों तक फरारी काटी। सीबीआई अब उन मददगारों और करीबियों की कुंडली खंगाल रही है, जिन्होंने फरारी के इन 8 दिनों के दौरान समर्थ को छिपने के लिए ठिकाना मुहैया कराया।

सूत्रों का कहना है कि वर्तमान में सीबीआई का पूरा इन्वेस्टिगेशन इस बात पर केंद्रित है कि यदि यह आत्महत्या थी, तो मौत से ठीक पहले ऐसा क्या हुआ, जिसने ट्विशा को मजबूर किया? और यदि यह हत्या है, तो शव को फंदे पर लटकाने से लेकर अस्पताल ले जाने के बीच घटनास्थल पर सबूतों से क्या-क्या छेड़छाड़ की गई? फिलहाल, पूर्व जज के बंगले के आसपास स्थानीय पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा बलों को तैनात कर सुरक्षा घेरा बेहद सख्त कर दिया गया है।

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हिन्दुस्थान समाचार / उम्मेद सिंह रावत

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