भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती पर दिल्ली में भव्य 'जनजातीय सांस्कृतिक समागम'

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भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती पर दिल्ली में भव्य 'जनजातीय सांस्कृतिक समागम'


नई दिल्ली, 24 मई (हि.स.)। भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती के उपलक्ष्य में दिल्ली में रविवार को भव्य 'जनजातीय सांस्कृतिक शोभायात्रा' और एक विशाल 'जनजाति सांस्कृतिक समागम' का आयोजन किया गया।

लाल किले में आयोजित कार्यक्रम का उद्देश्य आस्था, संस्कृति और परंपरा की रक्षा एवं जनजागृति करना था। इस दौरान, देशभर से पहुंचे जनजातीय समुदायों ने अपनी संस्कृति, परंपराओं और विरासत का प्रदर्शन किया। कार्यक्रम में विभिन्न नेताओं ने जनजातीय समाज की पहचान, परंपराओं और राष्ट्रीय योगदान को रेखांकित किया।

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि देश में जनजातीय आबादी 12 करोड़ से अधिक है और यह समाज प्रकृति का उपासक है। उन्होंने कहा कि जनजातीय समाज की अपनी विशिष्ट परंपराएं और संस्कृति हैं। उनके कहा कि कुछ तत्व लंबे समय से इन परंपराओं को कमजोर करने का प्रयास कर रहे हैं, इसलिए देशभर का जनजातीय समाज एकजुट होकर अपनी सांस्कृतिक पहचान का प्रदर्शन कर रहा है।

जनजाति सुरक्षा मंच की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम में पूर्व झारखंड मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा ने कहा कि देशभर से जनजातीय समाज का यह विशाल समागम पूरे राष्ट्र को संदेश देता है। उन्होंने कहा कि जनजातीय समुदाय अपनी प्राचीन सभ्यता, संस्कृति और परंपराओं के कारण विशिष्ट पहचान रखता है।

मुंडा ने जनजातीय समाज को धरती का पुत्र बताते हुए कहा कि इस समाज ने हमेशा देश, जल, जंगल और जमीन की रक्षा के लिए संघर्ष किया है।

भारतीय जनता पार्टी सांसद मनोज तिवारी ने इस आयोजन को राष्ट्रीय भावना से जुड़ा कार्यक्रम बताया।

वहीं सांसद बांसुरी स्वराज ने कहा कि यह कार्यक्रम भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती को समर्पित है, जिसमें देशभर से आए जनजातीय समुदाय अपनी विरासत का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं।

सांसद कमलजीत सहरावत ने कहा कि इस आयोजन में पूरा भारत एक दिखाई दे रहा है।

आयोजकों के अनुसार यह आयोजन केवल एक शोभा यात्रा नहीं है बल्कि यह एक भारत-श्रेष्ठ भारत की मूल भावना का विराट उत्सव है। इसमें भारत की विविधता, सदियों पुरानी परंपरा और सामाजिक समरसता का एक ऐसा अनुपम दर्शन होगा जो आधुनिक पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ने का काम करेगा।

दिल्ली में आयोजित इस सांस्कृतिक शोभायात्रा को राजघाट गांधी दर्शन से केंद्रीय मंत्री हर्ष मल्होत्रा और भारतीय जनता पार्टी सांसद कमलजीत सहरावत ने रवाना किकिया यह यात्रा 5 मार्गों से होकर गुजरी।

इस यात्रा के दौरान कई राज्यों के वन क्षेत्रों के एक लाख से अधिक वनवासी समाज के लोगों ने अपनी- अपनी पारम्परिक पोशाक पहनकर दिल्ली की धरती पर अपनी संस्कृति, अनूठी परंपरा और गौरव का भव्य प्रदर्शन किया।

वनवासी समाज के लोग अपनी पारंपरिक वेशभूषा, दुर्लभ लोक नृत्यों और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के जरिए भारत की समृद्ध तथा प्राचीन विरासत को दिल्ली के सामने जीवंत किया। इस दौरान संगीत और उल्लास का माहौल रहा। पूरे रास्ते में कहीं शहनाई की मधुर धुन गूंजी, कहीं ढोल-नगाड़ों की थाप ने वातावरण को उत्सवमय बनाया, तो कहीं बैंड-बाजों और लोक कलाकारों की मनमोहक प्रस्तुतियां आकर्षण का मुख्य केंद्र थी। यात्रा मार्ग में स्थानीय नागरिकों, व्यापारिक मंडलों और सामाजिक संगठनों द्वारा पुष्प वर्षा कर वनवासी भाई-बहनों का पारंपरिक अभिनंदन किया गया।

उल्लेखनीय है कि भगवान बिरसा मुंडा को जनजातीय समाज के महान स्वतंत्रता सेनानी और जननायक के रूप में माना जाता है। उनकी 150वीं जयंती के अवसर पर देशभर में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।

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हिन्दुस्थान समाचार / श्रद्धा द्विवेदी

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