समुद्र में मछली पकड़ने गए तीन मछुआरे लापता,तटरक्षक बल ने शुरू किया खोज अभियान

WhatsApp Channel Join Now
समुद्र में मछली पकड़ने गए तीन मछुआरे लापता,तटरक्षक बल ने शुरू किया खोज अभियान


कडलूर, 06 जून (हि.स.)। तमिलनाडु के कडलूर और पुडुचेरी से समुद्र में मछली पकड़ने गए तीन मछुआरों के लापता होने से तटीय क्षेत्रों में चिंता का माहौल है। कई दिनों से उनका कोई सुराग नहीं मिलने पर परिजनों और ग्रामीणों ने उनकी सुरक्षित तलाश और शीघ्र वापसी की मांग को लेकर शनिवार को सड़क जाम कर विरोध प्रदर्शन किया। घटना के बाद भारतीय तटरक्षक बल, मत्स्य विभाग और अन्य एजेंसियां खोज एवं बचाव अभियान में जुटी हुई हैं।

दरअसल, कडलूर जिले के तटीय इलाकों में बड़ी संख्या में मछुआरा समुदाय निवास करता है और यहां के अधिकांश परिवारों की आजीविका समुद्री मत्स्य व्यवसाय पर निर्भर है। स्थानीय मछुआरे प्रतिदिन मोटरबोट, कट्टूमरम और फाइबर नौकाओं के जरिए समुद्र में जाकर मछली पकड़ते हैं।

वर्तमान में तमिलनाडु में वार्षिक मत्स्य प्रतिबंध अवधि लागू है, जिसके कारण मोटरबोट के माध्यम से गहरे समुद्र में मछली पकड़ने की अनुमति नहीं है। लेकिन इसी दौरान कडलूर जिले के सी. पुदुपेट्टई शन्मुगा नगर निवासी रवि उर्फ रमेश (28), मनोहर (27) तथा पुडुचेरी के अनाथा सिद्दीक कुलम क्षेत्र निवासी नागवेल (40) गत 2 जून को दोपहर करीब 2:30 बजे मछली पकड़ने के लिए समुद्र में निकले थे।

तीनों मछुआरे इंद्रानगर निवासी वीरवेल की फाइबर नाव से समुद्र में रवाना हुए थे। सामान्य परिस्थितियों में उन्हें 3 जून तक तट पर लौट आना चाहिए था, लेकिन निर्धारित समय बीत जाने के बावजूद उनके वापस नहीं आने से परिजनों की चिंता बढ़ गई।

मछुआरों का कोई संपर्क नहीं होने पर स्थानीय समुदाय ने भी अपने स्तर पर खोज अभियान शुरू किया। कई मछुआरे नौकाओं के जरिए समुद्र में उनकी तलाश के लिए निकले, लेकिन काफी प्रयासों के बावजूद उनका कोई पता नहीं चल सका। इससे नाराज ग्रामीणों और परिजनों ने परंगीपेट्टई के निकट अन्नंगोविल क्षेत्र में सड़क जाम कर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन से मांग की कि खोज अभियान को और तेज किया जाए तथा सभी उपलब्ध संसाधनों का उपयोग कर लापता मछुआरों का जल्द से जल्द पता लगाया जाए।

सूचना मिलने पर मत्स्य विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे और प्रदर्शनकारियों से बातचीत की। अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि मछुआरों की तलाश के लिए हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं। आश्वासन के बाद ग्रामीणों ने अपना प्रदर्शन समाप्त कर दिया।

घटना की गंभीरता को देखते हुए भारतीय तटरक्षक बल ने समुद्र में व्यापक खोज एवं बचाव अभियान शुरू कर दिया है। समुद्र के विभिन्न हिस्सों में तलाशी अभियान चलाया जा रहा है और संभावित समुद्री मार्गों की भी निगरानी की जा रही है। अधिकारियों के अनुसार खोज अभियान लगातार जारी है।

हालांकि, स्थानीय ग्रामीणों और मछुआरा संगठनों ने मांग की है कि खोज अभियान में हेलीकॉप्टर को भी शामिल किया जाए। उनका कहना है कि हवाई निगरानी के जरिए समुद्र के बड़े क्षेत्र को कम समय में खंगाला जा सकता है, जिससे मछुआरों का जल्द पता लगाने में मदद मिलेगी।

मत्स्य विभाग के अधिकारियों ने विश्वास जताया है कि लापता मछुआरों के संबंध में जल्द ही सकारात्मक जानकारी मिल सकती है। विभाग लगातार भारतीय तटरक्षक बल और अन्य एजेंसियों के साथ समन्वय बनाए हुए है।

इस बीच पूरे तटीय क्षेत्र में चिंता और तनाव का माहौल बना हुआ है। जांच एजेंसियां विभिन्न संभावित पहलुओं को ध्यान में रखकर मामले की पड़ताल कर रही हैं। यह भी जांच की जा रही है कि कहीं मछुआरे समुद्र में किसी दुर्घटना का शिकार तो नहीं हुए, उनकी नाव किसी तकनीकी खराबी के कारण भटक तो नहीं गई अथवा प्रतिकूल मौसम और समुद्री परिस्थितियों के कारण उनका संपर्क टूट गया हो।

हालांकि, अभी तक किसी भी संभावना की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। फिलहाल प्रशासन और बचाव एजेंसियों का पूरा ध्यान लापता मछुआरों को सुरक्षित खोजने पर केंद्रित है, जबकि उनके परिजन और स्थानीय लोग उनकी सकुशल वापसी की उम्मीद लगाए हुए हैं।-----------

हिन्दुस्थान समाचार / Dr. Vara Prasada Rao PV

Share this story