सत्ता में हिस्सेदारी मांगना गलत नहीं : सचिन पायलट
-तमिलनाडु विधानसभा चुनाव से पहले गठबंधन और सत्ता में हिस्सेदारी पर कांग्रेस ने किया रुख स्पष्ट
चेन्नई, 16 जनवरी (हि.स.)। तमिलनाडु में आगामी अप्रैल माह में संभावित विधानसभा चुनावों को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। राज्य की सभी प्रमुख राजनीतिक पार्टियां चुनावी तैयारियों में जुटी हुई हैं। विशेष रूप से गठबंधन और सीटों के बंटवारे को लेकर विभिन्न दलों के बीच लगातार बातचीत चल रही है।
इसी कड़ी में लंबे समय से द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (द्रमुक) के साथ गठबंधन में रही कांग्रेस पार्टी इस बार सरकार गठन की स्थिति में सत्ता में हिस्सेदारी की मांग कर रही है, जिसे लेकर राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हैं। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि सत्ता में हिस्सेदारी की मांग पूरी तरह जायज है और इसमें कुछ भी गलत नहीं है।
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष सेल्वापेरुंदगई पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि इस विषय में अंतिम निर्णय पार्टी का केंद्रीय नेतृत्व लेगा। वहीं, यह भी अटकलें लगाई जा रही हैं कि कांग्रेस इस बार पहली बार विधानसभा चुनाव लड़ रही तमिलगा वेट्री कज़गम (तवेक) के साथ संभावित गठबंधन पर भी विचार कर सकती है। हालांकि, पार्टी नेतृत्व का कहना है कि द्रमुक–कांग्रेस गठबंधन मजबूत है और आगे भी बना रहेगा।
इसी संदर्भ में कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने सत्ता में हिस्सेदारी की मांग को उचित ठहराया है। चेन्नई हवाई अड्डे पर पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि तमिलनाडु में कांग्रेस पार्टी की स्थिति मजबूत है और वर्षों से पार्टी का एक स्थायी और भरोसेमंद वोट प्रतिशत रहा है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस तमिलनाडु सरकार के साथ मिलकर काम कर रही है और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाले गठबंधन के तमाम प्रयासों के बावजूद तमिलनाडु में भाजपा को सफलता नहीं मिल सकती।
सचिन पायलट ने कहा, “भाजपा का विरोध करने के लिए हम हमेशा एकजुट होकर काम करेंगे। तमिलनाडु में भाजपा कभी जीत नहीं सकती।”
सत्ता में कांग्रेस की हिस्सेदारी की मांग पर पूछे गए सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि जिस तरह अन्य दल अपनी मांग रखते हैं, उसी तरह कांग्रेस के पदाधिकारी भी अपनी बात रख रहे हैं और इसमें कोई गलती नहीं है।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि भविष्य में किसी भी परिस्थिति में भाजपा के नेतृत्व वाला राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) सत्ता में नहीं आना चाहिए। पायलट ने वर्तमान तमिलनाडु सरकार की सराहना करते हुए कहा कि सरकार अच्छा काम कर रही है और जनता भी उसके कार्यों को सकारात्मक रूप से देख रही है।
मतदाता गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के मुद्दे पर बोलते हुए सचिन पायलट ने चुनाव आयोग के माध्यम से भाजपा पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि एसआईआर आम जनता के लिए भारी परेशानी का कारण बन गया है। राजस्थान का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि वहां भी यही स्थिति देखने को मिल रही है और एसआईआर कार्यों में लगे सरकारी कर्मचारी अत्यधिक मानसिक दबाव में हैं।
उन्होंने कहा कि राहुल गांधी सहित कांग्रेस के सभी नेताओं की अपेक्षा है कि चुनाव पूरी तरह निष्पक्ष, पारदर्शी और ईमानदार तरीके से संपन्न हों।
बरहाल, तमिलनाडु विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस ने गठबंधन, सत्ता में हिस्सेदारी और चुनावी प्रक्रिया को लेकर अपना रुख स्पष्ट कर दिया है, जिससे आने वाले दिनों में राज्य की राजनीति और अधिक रोचक होने की संभावना है।---------------
हिन्दुस्थान समाचार / Dr. Vara Prasada Rao PV

