तमिलनाडु के तिरुचिरापल्ली और विरुधुनगर समेत तीन ठिकानों पर एनआईए की छापेमारी
चेन्नई, 30 मई (हि.स.)। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने शनिवार तड़के तमिलनाडु में तिरुचिरापल्ली और विरुधुनगर समेत तीन स्थानों पर एक साथ छापेमारी की। सुबह-सुबह शुरू हुई इस कार्रवाई से संबंधित इलाकों में हलचल मच गई और लोगों के बीच जांच के कारणों को लेकर चर्चाओं का दौर शुरू हो गया। हालांकि, एनआईए ने अभी तक इस कार्रवाई से जुड़े मामले की आधिकारिक जानकारी सार्वजनिक नहीं की है।
आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, केरल के कोच्चि स्थित एनआईए कार्यालय से 20 से अधिक अधिकारियों की एक विशेष टीम तमिलनाडु पहुंची। टीम ने स्थानीय पुलिस के सहयोग से चिन्हित ठिकानों पर एक साथ तलाशी अभियान शुरू किया। कार्रवाई के दौरान सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए पर्याप्त संख्या में पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई थी।
प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक यह छापेमारी केरल में दर्ज एक मामले के सिलसिले में की गई है। हालांकि, मामला किस प्रकृति का है और जांच का दायरा क्या है, इस संबंध में अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। एनआईए अधिकारियों ने जांच पूरी होने तक किसी भी प्रकार की टिप्पणी करने से इनकार किया है।
एनआईए सूत्रों के अनुसार, तलाशी के दौरान कई महत्वपूर्ण दस्तावेजों, मोबाइल फोन, हार्ड डिस्क, कंप्यूटर और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की जांच की जा रही है। एजेंसी इन सामग्रियों के आधार पर मामले के विभिन्न पहलुओं की पड़ताल कर रही है। जब्त किए गए साक्ष्यों का विश्लेषण पूरा होने के बाद ही कार्रवाई के उद्देश्य और जांच की दिशा के बारे में विस्तृत जानकारी सामने आ सकेगी।
एनआईए की इस कार्रवाई के बाद विभिन्न प्रकार की अटकलें लगाई जा रही हैं। कुछ सूत्रों का मानना है कि यह अभियान किसी आतंकवादी संगठन से जुड़े नेटवर्क, संदिग्ध वित्तीय लेनदेन या राष्ट्रविरोधी गतिविधियों की जांच का हिस्सा हो सकता है। वहीं, कुछ अन्य सूत्र इसे माओवादी गतिविधियों और उनसे जुड़े संपर्कों की पड़ताल से जोड़कर देख रहे हैं। हालांकि, इन दावों की किसी आधिकारिक स्रोत से पुष्टि नहीं हुई है।
इस बीच कुछ सूत्रों ने यह भी दावा किया है कि एनआईए की कार्रवाई सबरीमला श्री अयप्पा मंदिर में स्वर्ण गड़बड़ी मामले से जुड़ी हो सकती है। दरअसल, मंदिर के सन्निधि क्षेत्र में लगे स्वर्ण पट्टों को पॉलिश और मरम्मत के लिए चेन्नई की एक निजी कंपनी को सौंपा गया था। कार्य पूरा होने के बाद मंदिर प्रशासन को लौटाए गए स्वर्ण पट्टों में कथित तौर पर लगभग 4.5 किलोग्राम सोना कम पाया गया था। इस मामले को लेकर पहले भी विस्तृत जांच की मांग उठ चुकी है। हालांकि, वर्तमान छापेमारी का इस प्रकरण से कोई संबंध है या नहीं, इसकी पुष्टि अभी तक नहीं हुई है।
बहरहाल, करीब तीन घंटे से अधिक समय तक चली इस कार्रवाई के दौरान एनआईए और स्थानीय पुलिस के अधिकारी पूरे क्षेत्र में सक्रिय रहे। सुरक्षा कारणों से मीडिया और आम लोगों की आवाजाही भी सीमित कर दी गई थी। छापेमारी की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में स्थानीय लोग घटनास्थलों के आसपास पहुंच गए, लेकिन पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था का हवाला देते हुए उन्हें वहां से हटा दिया।
फिलहाल एनआईए की इस कार्रवाई को लेकर रहस्य बरकरार है। एजेंसी का कहना है कि तलाशी अभियान पूरा होने और जब्त किए गए साक्ष्यों की जांच के बाद ही मामले से संबंधित विस्तृत जानकारी साझा की जाएगी। ऐसे में राजनीतिक, प्रशासनिक और सुरक्षा एजेंसियों सहित आम लोगों की निगाहें अब एनआईए की अगली आधिकारिक घोषणा पर टिकी हुई हैं।-----------
हिन्दुस्थान समाचार / Dr. Vara Prasada Rao PV

