तमिलनाडु में 17 जुलाई से शुरू होगी डिजिटल जनगणना, 50 हजार कर्मचारी घर-घर जाकर पूछेंगे 33 सवाल

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तमिलनाडु में 17 जुलाई से शुरू होगी डिजिटल जनगणना, 50 हजार कर्मचारी घर-घर जाकर पूछेंगे 33 सवाल


चेन्नई, 06 मार्च (हि.स.)। तमिलनाडु सरकार ने राज्य में जनगणना कराने के लिए एक सरकारी आदेश जारी किया है। इस आदेश के अनुसार तमिलनाडु में जनगणना का कार्य 17 जुलाई से शुरू होगा। इसका पहला चरण 30 अगस्त तक चलेगा, जो कुल 45 दिनों का होगा। इस बार जनगणना पूरी तरह डिजिटल पद्धति से की जाएगी, जिसमें सभी आंकड़े इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से दर्ज किए जाएंगे।

राज्य सरकार के अनुसार, इस कार्य में लगभग 50 हजार सरकारी कर्मचारी लगाए जाएंगे। ये कर्मचारी घर-घर जाकर लोगों से संपर्क करेंगे और उनकी सामाजिक व आर्थिक स्थिति से संबंधित जानकारी एकत्र करेंगे। कर्मचारियों द्वारा लोगों से कुल 33 प्रश्न पूछे जाएंगे, जिनके उत्तर डिजिटल रूप से दर्ज किए जाएंगे।

जनगणना के दौरान कर्मचारियों द्वारा घर की स्थिति, संपत्ति, वाहन और बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी जानकारी ली जाएगी। इसमें यह भी पूछा जाएगा कि घर किराये का है या स्वयं का, परिवार की आय कितनी है, घर में शौचालय है या नहीं, साइकिल, दोपहिया वाहन या कार है या नहीं। इसके अलावा फ्रिज, एयर कंडीशनर जैसी सुविधाओं की उपलब्धता से संबंधित प्रश्न भी पूछे जाएंगे।

जनगणना कार्य में लगे सरकारी कर्मचारियों के मानदेय (भत्ता) और अन्य आवश्यक प्रावधानों को शामिल करते हुए तमिलनाडु सरकार ने यह सरकारी आदेश जारी किया है, ताकि इस कार्य को सुचारु रूप से पूरा किया जा सके।

इस बीच केंद्र सरकार ने वर्ष 2027 की राष्ट्रीय जनगणना को दो चरणों में कराने का निर्णय लिया है। इसके तहत पहला चरण राज्यों में निर्धारित समय के अनुसार कराया जाएगा, जबकि दूसरा चरण अगले वर्ष फरवरी में आयोजित किया जाएगा। देशभर में होने वाली इस जनगणना में लगभग 32 लाख सरकारी अधिकारी और कर्मचारी भाग लेंगे।

सरकार का मानना है कि देश के प्रत्येक नागरिक के जीवन स्तर को बेहतर बनाने के लिए जनगणना अत्यंत महत्वपूर्ण है। जनगणना से प्राप्त आंकड़ों के आधार पर केंद्र सरकार नई योजनाएं बनाकर उन्हें लागू करती है, जिससे लोगों के जीवन में आर्थिक और सामाजिक सुधार लाने में मदद मिलती है।

इसलिए जब भी जनगणना से जुड़े सरकारी कर्मचारी घर पर आएं, तो उन्हें सही जानकारी देकर सहयोग करना चाहिए। यदि उस समय घर के सदस्य उपस्थित न हों तो चिंता की कोई बात नहीं है, क्योंकि कर्मचारी बाद में दोबारा भी आ सकते हैं।

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हिन्दुस्थान समाचार / Dr. Vara Prasada Rao PV

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