आविन दूध की कमी की शिकायतों के बीच मुख्यमंत्री विजय ने माधवरम संयंत्र का किया निरीक्षण, प्रयोगशाला का उद्घाटन

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आविन दूध की कमी की शिकायतों के बीच मुख्यमंत्री विजय ने माधवरम संयंत्र का किया निरीक्षण, प्रयोगशाला का उद्घाटन


चेन्नई, 07 अक्टूबर (हि.स.)। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय ने बुधवार को चेन्नई के माधवरम स्थित आविन दूध संयंत्र का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने तमिलनाडु दुग्ध उत्पादक संघ की ओर से 2.23 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित केंद्रीय राज्य प्रयोगशाला के सहायक भवन का उद्घाटन भी किया। मुख्यमंत्री के दौरे को लेकर उनकी पार्टी के कार्यकर्ताओं और प्रशंसकों में खासा उत्साह देखा गया।

माधवरम स्थित आविन संयंत्र चेन्नई और आसपास के क्षेत्रों में दूध आपूर्ति का प्रमुख केंद्र है। हाल के दिनों में तमिलनाडु के विभिन्न हिस्सों में आविन दूध की उपलब्धता को लेकर शिकायतें सामने आई थीं। इसके अलावा दुग्ध उत्पादों की खरीद और कीमतों को लेकर भी सवाल उठाए गए थे। इसी पृष्ठभूमि में मुख्यमंत्री के संयंत्र के निरीक्षण को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने संयंत्र परिसर में 2.23 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित केंद्रीय राज्य प्रयोगशाला के सहायक भवन का उद्घाटन किया। इस प्रयोगशाला का निर्माण दूध और विभिन्न दुग्ध उत्पादों की अत्याधुनिक उपकरणों के माध्यम से सटीक जांच के लिए भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस) के दिशा-निर्देशों के अनुरूप किया गया है।

नई प्रयोगशाला के माध्यम से दूध और दुग्ध उत्पादों की गुणवत्ता तथा निर्धारित मानकों की जांच को अधिक प्रभावी बनाने में मदद मिलेगी। इससे उपभोक्ताओं तक गुणवत्तापूर्ण दूध और दुग्ध उत्पाद पहुंचाने की व्यवस्था को मजबूत करने की उम्मीद है।

मुख्यमंत्री ने माधवरम आविन दूध संयंत्र परिसर में 152 करोड़ रुपये की लागत से निर्माणाधीन नई इमारत का भी निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों से निर्माण कार्य की प्रगति और संयंत्र से जुड़ी व्यवस्थाओं की जानकारी ली।

माधवरम संयंत्र से चेन्नई तथा आसपास के इलाकों में दूध की आपूर्ति की जाती है। ऐसे में संयंत्र की उत्पादन, भंडारण और वितरण व्यवस्था से जुड़ी परियोजनाओं को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

तमिलनाडु के कुछ हिस्सों में हाल के दिनों में आविन दूध की कमी की शिकायतें सामने आई थीं। वहीं, दुग्ध उत्पादों की खरीद को लेकर भी सवाल उठे हैं। कर्नाटक से घी जैसे उत्पादों की खरीद किए जाने के आरोपों के अलावा आविन दूध की कीमतों को लेकर भी शिकायतें सामने आने की बात कही गई है।

ऐसे समय में मुख्यमंत्री का सीधे संयंत्र पहुंचकर निरीक्षण करना दूध की आपूर्ति और गुणवत्ता व्यवस्था की निगरानी के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

मुख्यमंत्री विजय के कार्यकाल में विभिन्न सरकारी संस्थानों और सार्वजनिक सुविधाओं के औचक निरीक्षण चर्चा में रहे हैं। इससे पहले उन्होंने एम.सी. राजा छात्रावास, पेरम्बूर बस स्टैंड, सिपकोट औद्योगिक क्षेत्र और गिंडी मेट्रो सहित कई स्थानों का निरीक्षण किया है।

बिजली आपूर्ति को लेकर शिकायतों के बीच मुख्यमंत्री ने सितंबर 2026 में चेन्नई स्थित बिजली बोर्ड मुख्यालय का भी अचानक निरीक्षण किया था। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों से बिजली आपूर्ति से संबंधित समस्याओं की जानकारी ली और शिकायतों पर तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए थे।

अब आविन दूध की उपलब्धता और दुग्ध उत्पादों से संबंधित शिकायतों के बीच माधवरम संयंत्र का निरीक्षण भी सरकारी व्यवस्थाओं की जमीनी निगरानी के क्रम में देखा जा रहा है। दौरे के दौरान अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को संयंत्र की मौजूदा व्यवस्थाओं, निर्माणाधीन परियोजनाओं और दूध एवं दुग्ध उत्पादों की गुणवत्ता जांच से संबंधित कार्यों की जानकारी दी।-----------

हिन्दुस्थान समाचार / Dr. Vara Prasada Rao PV

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