तमिलनाडु विधानसभा में तीन महत्वपूर्ण विधेयक पेश, द्रमुक ने किया वॉकआउट

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तमिलनाडु विधानसभा में तीन महत्वपूर्ण विधेयक पेश, द्रमुक ने किया वॉकआउट


चेन्नई, 07 सितंबर (हि.स.)। तमिलनाडु विधानसभा का सत्र तीन दिनों के अवकाश के बाद सोमवार सुबह 9:30 बजे फिर शुरू हुआ। यह विधानसभा सत्र का 14वां दिन है। सदन में मुख्यमंत्री विजय ने पुलिस विभाग की अनुदान मांगों पर हुई चर्चा का जवाब दिया। इस दौरान विभिन्न विभागों से जुड़े मुद्दों पर सदस्यों ने चर्चा की और सरकार की ओर से कई विधायी प्रस्ताव सदन के समक्ष रखे गए।

सोमवार के सत्र में सरकार की ओर से तीन महत्वपूर्ण विधेयक पेश किए गए। इनमें तमिलनाडु वेतन भुगतान कानून संशोधन विधेयक, 2026, तमिलनाडु पंचायत द्वितीय संशोधन विधेयक, 2026 और तमिलनाडु मूल्य वर्धित कर (वैट) द्वितीय संशोधन विधेयक, 2026 शामिल हैं। इन विधेयकों के जरिए संबंधित कानूनों में आवश्यक संशोधन किए जाने का प्रस्ताव है।

सदन में पुलिस एवं अग्निशमन विभाग की अनुदान मांगों पर जवाब के अलावा वाणिज्यिक कर, स्टांप एवं पंजीकरण, पर्यावरण, जलवायु परिवर्तन तथा वन विभाग से जुड़े विषयों पर भी चर्चा हुई। विभिन्न विभागों की कार्यप्रणाली और अनुदान से संबंधित मुद्दों को लेकर सदस्यों ने अपनी बातें रखीं।

विधानसभा का मौजूदा सत्र मंगलवार को समाप्त होने वाला है। सत्र के अंतिम दिन सामान्य प्रशासन, राज्य विधानसभा, राज्यपाल एवं मंत्रिपरिषद, वित्त विभाग, योजना एवं विकास विभाग तथा पेंशन और सेवानिवृत्ति लाभ से संबंधित अनुदान मांगों पर चर्चा प्रस्तावित है। इसके बाद संबंधित विभागों की मांगों पर सदन में आगे की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।

बोलने का अवसर नहीं मिलने पर द्रमुक का वॉकआउट

इधर, विधानसभा में मुख्यमंत्री के जवाब के दौरान बोलने का अवसर नहीं मिलने से नाराज द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (द्रमुक) के सदस्यों ने सदन से वॉकआउट किया। मुख्यमंत्री विजय जब पुलिस विभाग की अनुदान मांगों पर सदन में जवाब दे रहे थे, उस समय द्रमुक सदस्यों ने लगातार हंगामा किया।

द्रमुक सदस्यों ने विधानसभा अध्यक्ष से उन्हें अपनी बात रखने का अवसर देने का अनुरोध किया। इस पर अध्यक्ष ने कहा कि मुख्यमंत्री के जवाब के दौरान यदि द्रमुक सदस्य पूरी तरह शांत रहते, तो उन्हें बोलने का मौका दिया जाता। हालांकि, हंगामे के बीच अध्यक्ष ने तत्काल उन्हें बोलने की अनुमति देने से इनकार कर दिया।

इसके बाद द्रमुक सदस्यों ने विरोध जताते हुए सदन से वॉकआउट कर दिया। वॉकआउट के दौरान सदन में सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच राजनीतिक तनाव देखने को मिला। मुख्यमंत्री का जवाब जारी रहा और विधानसभा की कार्यवाही निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार आगे बढ़ी।-------------

हिन्दुस्थान समाचार / Dr. Vara Prasada Rao PV

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