तृणमूल के ‘लीक वीडियो’ को हुमायूं कबीर ने बताया कृत्रिम बुद्धिमत्ता से बनाया गया, कानूनी कार्रवाई की चेतावनी
कोलकाता, 09 अप्रैल (हि.स.)। तृणमूल कांग्रेस द्वारा जारी एक कथित स्टिंग वीडियो को लेकर पश्चिम बंगाल की राजनीति में नया विवाद खड़ा हो गया है। आमजनता उन्नयन पार्टी के नेता तथा भरतपुर के निवर्तमान विधायक हुमायूं कबीर ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए दावा किया है कि यह वीडियो कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) की मदद से तैयार किया गया है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि वीडियो की सत्यता साबित नहीं की गई तो वह कानूनी कार्रवाई करेंगे।
गुरुवार को एक संवाददाता सम्मेलन में तृणमूल कांग्रेस ने 19 मिनट का एक वीडियो जारी किया, जिस पर पिछले वर्ष 19 दिसंबर की तिथि दर्ज बताई जा रही है। पार्टी का दावा है कि इस वीडियो में हुमायूं कबीर और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नेताओं के बीच कथित गुप्त राजनीतिक समझौते की बातचीत सामने आई है। तृणमूल ने यह भी आरोप लगाया कि धार्मिक भावनाओं का इस्तेमाल कर मतों की खरीद-फरोख्त की कोशिश की गई।
इस कथित बातचीत में भाजपा नेताओं शुभेंदु अधिकारी, हिमंत बिस्वा सरमा शर्मा और मोहन यादव के नामों का भी उल्लेख होने का दावा किया गया है। हालांकि, हिन्दुस्थान समाचार इस वीडियो की स्वतंत्र रूप से सत्यता की पुष्टि नहीं करता है। इन आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए हुमायूं कबीर ने वीडियो को कृत्रिम तरीके से तैयार किया गया बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि तृणमूल कांग्रेस के नेता राजनीतिक रूप से उनका सामना नहीं कर पाने के कारण इस तरह की साजिश कर रहे हैं। हुमायूं ने कहा कि यह वीडियो कृत्रिम बुद्धिमत्ता से बनाया गया है। ममता बनर्जी, अभिषेक बनर्जी, प्रतीक जैन, कुणाल घोष और फिरहाद हाकिम राजनीतिक रूप से मुकाबला नहीं कर पाने के कारण मेरे खिलाफ साजिश कर रहे हैं। उन्होंने तृणमूल कांग्रेस को कथित आर्थिक सौदे के आरोपों के प्रमाण देने की चुनौती भी दी।
उन्होंने कहा कि एक हजार करोड़ रुपये तो दूर, यदि वे एक करोड़ रुपये का भी कोई सौदा साबित कर दें, तो मैं सभी चुनावों से हट जाऊंगा और राज्य की जनता जो निर्णय करेगी उसे स्वीकार करूंगा। हुमायूं कबीर ने यह भी कहा कि यदि तृणमूल कांग्रेस अपने आरोपों को साबित नहीं कर पाती है तो वह ममता बनर्जी, अभिषेक बनर्जी, कुणाल घोष और फिरहाद हाकिम के खिलाफ उच्च न्यायालय में मानहानि का मामला दायर करेंगे। उन्होंने यह भी दावा किया कि उन्हें अल्पसंख्यक समुदाय के मतदाताओं का व्यापक समर्थन मिल रहा है, जिससे तृणमूल कांग्रेस चिंतित है।
उन्होंने कहा कि मैं जहां भी जा रहा हूं, वहां पुरुष और महिलाओं सहित अल्पसंख्यक समुदाय का समर्थन मिल रहा है। ममता बनर्जी अल्पसंख्यक मतों के सहारे तीन बार मुख्यमंत्री बनीं, लेकिन इस बार उन्हें वह समर्थन नहीं मिलेगा। इस बीच हुमायूं कबीर के कृत्रिम वीडियो संबंधी दावों पर तृणमूल कांग्रेस की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। वीडियो की सत्यता और उससे जुड़े आरोप फिलहाल अपुष्ट हैं।-------------------
हिन्दुस्थान समाचार / ओम पराशर

