तेलंगाना माओवादी सशस्त्र गतिविधियों से मुक्त घोषित, 42 कैडरों ने एक साथ डीजीपी के सामने किया आत्मसमर्पण

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तेलंगाना माओवादी सशस्त्र गतिविधियों से मुक्त घोषित, 42 कैडरों ने एक साथ डीजीपी के सामने किया आत्मसमर्पण


तेलंगाना माओवादी सशस्त्र गतिविधियों से मुक्त घोषित, 42 कैडरों ने एक साथ डीजीपी के सामने किया आत्मसमर्पण


तेलंगाना माओवादी सशस्त्र गतिविधियों से मुक्त घोषित, 42 कैडरों ने एक साथ डीजीपी के सामने किया आत्मसमर्पण


तेलंगाना माओवादी सशस्त्र गतिविधियों से मुक्त घोषित, 42 कैडरों ने एक साथ डीजीपी के सामने किया आत्मसमर्पण


हैदराबाद, 10 अप्रैल (हि.स.) तेलंगाना को माओवादी सशस्त्र गतिविधियों से पूरी तरह मुक्त घोषित हाे गया है। राज्य के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) बी. शिवाधर रेड्डी ने शुक्रवार को यह घोषणा की। आज सीपीआई( माओवादी) से जुड़े शीर्ष कमांडर और 42 हथियारबंद नक्सलियाें ने आत्मसमर्पण किया है।

शीर्ष माओवादी नेता सोडी मल्ला उर्फ केशल उर्फ निखिल ने अपने दस्ते के साथ पुलिस के सामने हथियार डाल दिए। इस दस्ते में शामिल 42 कैडरों के आत्मसमर्पण के साथ ही पुलिस ने राज्य में माओवादी संगठनात्मक ढांचा पूरी तरह खत्म होने की घोषणा कर दी। शुक्रवार काे

पुलिस महानिदेशकबी. शिवाधर रेड्डी ने कहा कि तेलंगाना स्टेट कमेटी (टीएससी) को प्रभावी रूप से निष्क्रिय कर दिया गया है और राज्य में नक्सलवाद का सशस्त्र स्वरूप पूरी तरह समाप्त हो गया है। डीजीपी ने बताया कि मुप्पला लक्ष्मण राव उर्फ गणपति, जो 2007 से सक्रिय गतिविधियों से दूर है, को छोड़कर तेलंगाना से जुड़े प्रमुख माओवादी चेहरों का लगभग अंत हो चुका है। उन्होंने तेलंगाना सरकार और मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी की ओर से शेष पांच कैडरों—मुप्पला लक्ष्मण राव उर्फ गणपति (सीसीएम), पासनुरी नरहरी उर्फ संतोष (सीसीएम), जाडे रत्ना बाई उर्फ सुजाता (एससीएम), वार्था शेखर उर्फ मंगथु (एससीएम)और रंगाबोइना भाग्य उर्फ रूपी (एसीएम) से हिंसा का रास्ता छोड़कर मुख्यधारा में शामिल होने की अपील की।

पुलिस ने इसे राज्य में नक्सलवाद के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान की बड़ी सफलता बताते हुए कहा कि इससे तेलंगाना में शांति, सुरक्षा और विकास को और मजबूती मिलेगी। उन्होंने बताया कि अब तेलंगाना से जुड़े केवल पांच सक्रिय भूमिगत माओवादी कैडर देश के अन्य राज्यों, विशेषकर छत्तीसगढ़ में सक्रिय हैं। इनमें से दो सीपीआई (माओवादी) के केंद्रीय समिति सदस्य (सीसीएम) हैं।

पुलिस के अनुसार आज आत्मसमर्पण करने वालों में प्रमुख नेता सोडी मल्ला उर्फ केशल उर्फ निखिल (पीएलजीए बटालियन कमांडर और दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी सदस्य), चापा नारायण उर्फ गजेंदर उर्फ मधु (स्टेट कमेटी सदस्य औरसचिव) तथा कडथी सान्नु उर्फ मंथू (बीके-एएसआर डिवीजन के डीवीसी सदस्य) शामिल है। आत्मसमर्पण के दौरान कैडरों ने 36 अत्याधुनिक हथियार और आठ सौ ग्राम सोना सहित अन्य सामग्रियां पुलिस को सौंपी दी है। पुलिस को सौंपे गए हथियारों में एके-47 राइफल, एसएलआर, इंसासराइफल थ्री नॉट थ्री राइफल, 9 मिमी स्टेन गन, पिस्टल और रिवॉल्वर और 1,007 जिंदा कारतूस शामिल हैं।

अधिकारियों ने बताया कि सरकार की आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति के तहत इन सभी को आवश्यक सहायता और पुनर्वास सुविधाएं प्रदान की जाएंगी, ताकि वे सामान्य जीवन जी सकें। पुलिस का मानना है कि इन आत्मसमर्पणों के बाद राज्य में शांति, सुरक्षा और विकास को और मजबूती मिलेगी।

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हिन्दुस्थान समाचार / Dev Kumar Pukhraj

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